फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Women must be at the police station of dowry considerations

महिला थाने में होगी दहेज उत्पीड़न की विवेचनाएं

Wed, 08 Jul 2015 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Wed, 08 Jul 2015 01:34 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
 
उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने क्रिमिनल मिसलेनियस रिट के संबंध में जारी आदेशों में कहा है कि प्रदेश के सभी जनपदों में महिला थाना स्थापित किए गए हैं, जिनका क्षेत्राधिकार नगरीय सीमा के अलावा संपूर्ण जनपद होगा। भारतीय दंड विधान की धारा 498 ए तथा 3/ 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट किसी भी थाने में दर्ज कराई जाती है, तो संबंधित थानेदार पीड़िता का आवश्यकतानुसार चिकित्सीय परीक्षण कराकर रिपोर्ट पंजीकृत कर सकता है। इसके बाद उक्त प्रकरण की विवेचना महिला थाना स्थानांतरित कर दी जाएगी। महिला थानाध्यक्ष दहेज उत्पीड़न के सीधे थाने पर दर्ज होने वाले मामलों के अलावा जिले के किसी भी थाने में दर्ज होने वाले दहेज उत्पीड़न के मामलों की विवेचना करेंगे। इसके अलावा इस तरह के प्रकरण आने पर महिला थाना दस दिन के अंदर सिविल कोर्ट में स्थापित मध्यस्थता केंद्र में संदर्भित करेंगे। उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेशों में यह भी कहा गया है कि यदि दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता नहीं बन पाती है, और अभियुक्तों की गिरफ्तारी आवश्यक है, तो धारा 141(बी)(2) के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव आरएस श्रीवास्तव की ओर से इस संबंध में जारी निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि दहेज उत्पीड़न के मामलों की विवेचनाएं महिला थाना स्थानांतरित की जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed