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एएसएम ने काटा बवाल, मुकदमा

Sun, 18 Dec 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 18 Dec 2016 01:03 AM IST
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Organically harvested by ASM, lawsuit
crime lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
 पांच दिन पूर्व स्टॉपेज वाली झांसी-इटारसी पैसेंजर को ग्रीन सिग्नल दिखाने वाले निलंबित सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम) ने बहाल होते ही ड्यूटी के दौरान शुक्रवार को रेलवे स्टेशन धौर्रा में बवाल काटा। रेल कर्मियों व अधिकारियों के साथ नशे की हालत में गाली-गलौज की। जानकारी पर स्थानीय व मंडलीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नशेबाज एएसएम को आरपीएफ के हवाले कर दिया। आरपीएफ ने आरोपी का शुक्रवार रात रेलवे अस्पताल में मेडिकल कराया। परीक्षण में एएसएम के शराब पीने की पुष्टि हुई, जिसके बाद आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर रेलवे न्यायालय झांसी में पेश किया गया। यहां से जमानत पर उसे छोड़ दिया गया।
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शुक्रवार को सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम) मुकेश यादव शाम चार बजे ड्यूटी करने धौर्रा रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां ड्यूटी कर रहे स्टेशन अधीक्षक पीयूष को मुकेश की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं। नशा में लगने पर उन्होंने मुकेश को टोका। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार मुकेश ने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की। यह जानकारी रेल यातायात निरीक्षक को दी गई। झांसी में होने के चलते यातायात निरीक्षक ने अपने अधिकारी डीओएम अनूप सक्सेना को भी इससे अवगत कराया। सूचना पर डीओएम, आरपीएफ थानाध्यक्ष केपीएस बुंदेला मय फोर्स ट्रेन से धौर्रा स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने एएसएम को अन्य रेल कर्मियों के साथ नशे में झगड़ते पाया। इस पर मुकेश को मौके पर ही निलंबित करते हुए आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। रात करीब साढ़े दस बजे रेलवे अस्पताल में मेेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच में अल्कोहल की पुष्टि हुई। इस पर आरपीएफ ने एसएसएम मुकेश यादव के खिलाफ ड्यूटी के दौरान मद्यपान करने, रेल कर्मियों के साथ अभद्रता करने और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया। रेलवे न्यायालय में पेश होने के बाद आरोपी को जमानत पर छोड़ दिया गया। 
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मालूम हो कि 11 दिसंबर की रात धौर्रा रेलवे स्टेशन पर तैनात सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम) मुकेश यादव ने झांसी-इटारसी पैसेंजर को लाल सिग्नल न देकर ग्रीन सिग्नल दे दिया था। डीआरएम ने मामला संज्ञान में लेते हुए उसे तत्काल निलंबित कर जांच शुरू करा दी थी। जांच में उक्त एएसएम को क्लीन चिट देकर रेलवे ने शुक्रवार को बहाल कर दिया था। 
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