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ललितपुर संप्रेक्षण गृह से किशोर फरार
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2015 12:53 AM IST
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ललितपुर। नेहरू नगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध एक किशोर
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रविवार की रात गार्ड को चकमा देकर फरार हो गया। भागे हुए किशोर की धरपकड़
के लिए पुलिस ने नाकेबंदी की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सहायक अधीक्षक ने
ड्यूटी पर तैनात तीन होमगार्ड के खिलाफ कोतवाली सदर में मुकदमा पंजीकृत
करा दिया है।
मध्य प्रदेश के जिला बैतूल के थाना मुलताई स्थित ग्राम खेरपानी निवासी किशोर ललित काशलेकर को झांसी जिले की थाना प्रेमनगर पुलिस ने अवैध गांजे के साथ पकड़ा गया था। एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने के बाद 28 मार्च 2015 को उसे नेहरू नगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में दाखिल कराया गया था। रविवार की शाम ललित ने अन्य साथियों के साथ खाना खाया। रात आठ बजकर 10 मिनट पर बचा हुआ खाना जानवरों को फेंकने के लिए वह ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड संतराम के साथ संप्रेक्षण गृह से बाहर निकला।
खाना फेंक कर उसने दौड़ लगा दी। संतराम ने उसका पीछा भी किया, लेकिन किशोर उसे चकमा देकर भागने में सफल रहा। गार्ड से घटना सूचना मिलने पर सहायक अधीक्षक राजकीय संप्रेक्षण गृह रमेश कुमार सिंह ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने भी सक्रियता दिखाई, लेकिन किशोर का पता नहीं चला।
सुरक्षा ड्यूटी में लापरवाही उजागर होने पर संप्रेक्षण गृह में तैनात होमगार्ड संतोष कुमार, संतराम एवं हरनारायण के खिलाफ आईपीसी की धारा 223, 224 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया। कोतवाली पुलिस ने घटना की जांच नेहरू नगर चौकी प्रभारी को सौंप दी है।
गार्ड की भूमिका पर सवाल
ललित काशलेकर को ड्यूटी पर तैनात गार्ड संतराम बचा हुआ खाना फेंकने के लिए संप्रेक्षण गृह से बाहर निकाल कर लाया था, जिसके बारे में विभागीय अफसरों को सूचित नहीं किया गया। जबकि, संप्रेक्षण गृह के अंदर ही कूड़ा- करकट फेंकने का प्रबंध है। इतना ही नहीं, किशोर के भागने पर वह शोर मचाए बगैर उसके पीछे दस मिनट तक भागता रहा, जबकि दो अन्य सुरक्षा गार्ड पास में खड़े थे, यदि उनको ही अलर्ट कर दिया जाता तो किशोर को पकड़ा जा सकता था। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए गार्ड की भूमिका संदेह के घेरे में है।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा राज
किशोर के भागने में गार्ड की संलिप्तता का पता लगाने के लिए संप्रेक्षण गृह के मुख्यद्वार पर लगे सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। सहायक अधीक्षक का कहना है कि फुटेज में यह देखा जाएगा कि गार्ड किशोर के आगे चल रहा था अथवा पीछे और गेट पर मौजूद अन्य गार्ड की स्थिति क्या रही ?
मध्य प्रदेश के जिला बैतूल के थाना मुलताई स्थित ग्राम खेरपानी निवासी किशोर ललित काशलेकर को झांसी जिले की थाना प्रेमनगर पुलिस ने अवैध गांजे के साथ पकड़ा गया था। एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने के बाद 28 मार्च 2015 को उसे नेहरू नगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में दाखिल कराया गया था। रविवार की शाम ललित ने अन्य साथियों के साथ खाना खाया। रात आठ बजकर 10 मिनट पर बचा हुआ खाना जानवरों को फेंकने के लिए वह ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड संतराम के साथ संप्रेक्षण गृह से बाहर निकला।
खाना फेंक कर उसने दौड़ लगा दी। संतराम ने उसका पीछा भी किया, लेकिन किशोर उसे चकमा देकर भागने में सफल रहा। गार्ड से घटना सूचना मिलने पर सहायक अधीक्षक राजकीय संप्रेक्षण गृह रमेश कुमार सिंह ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने भी सक्रियता दिखाई, लेकिन किशोर का पता नहीं चला।
सुरक्षा ड्यूटी में लापरवाही उजागर होने पर संप्रेक्षण गृह में तैनात होमगार्ड संतोष कुमार, संतराम एवं हरनारायण के खिलाफ आईपीसी की धारा 223, 224 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया। कोतवाली पुलिस ने घटना की जांच नेहरू नगर चौकी प्रभारी को सौंप दी है।
गार्ड की भूमिका पर सवाल
ललित काशलेकर को ड्यूटी पर तैनात गार्ड संतराम बचा हुआ खाना फेंकने के लिए संप्रेक्षण गृह से बाहर निकाल कर लाया था, जिसके बारे में विभागीय अफसरों को सूचित नहीं किया गया। जबकि, संप्रेक्षण गृह के अंदर ही कूड़ा- करकट फेंकने का प्रबंध है। इतना ही नहीं, किशोर के भागने पर वह शोर मचाए बगैर उसके पीछे दस मिनट तक भागता रहा, जबकि दो अन्य सुरक्षा गार्ड पास में खड़े थे, यदि उनको ही अलर्ट कर दिया जाता तो किशोर को पकड़ा जा सकता था। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए गार्ड की भूमिका संदेह के घेरे में है।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा राज
किशोर के भागने में गार्ड की संलिप्तता का पता लगाने के लिए संप्रेक्षण गृह के मुख्यद्वार पर लगे सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। सहायक अधीक्षक का कहना है कि फुटेज में यह देखा जाएगा कि गार्ड किशोर के आगे चल रहा था अथवा पीछे और गेट पर मौजूद अन्य गार्ड की स्थिति क्या रही ?