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व्यापारी ने आत्मदाह, पुत्र ने डूबकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2017 01:11 AM IST
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fasi, lalitpur news
- फोटो : demo
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किसानों की उपज खरीद का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति और उसके पुत्र ने कर्ज के चलते अलग-अलग स्थानों पर आत्महत्या कर ली। पिता ने तिलक नगर आरामशीन झांसी में आग लगा कर और पुत्र ने शहजाद बांध तालबेहट में पानी में डूब कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सीओ कुंवर बहादुर सिंह ने शहजाद बांध का निरीक्षण किया।
हरीराम पटैरिया और उनका छोटा पुत्र धर्मेंद्र किसानों की उपज खरीद का कारोबार करते थे।
पुलिस ने बताया कि किसानों की उपज का कर्जा होने के बाद जब किसानों ने उनसे तगादा किया तो वह लोग अपनी रिश्तेदारी में जाखलौन, ललितपुर रहने चले गए। शुक्रवार को हरीराम आरामशीन लौट आए। पुलिस के अनुसार शायद हरीराम के आते ही किसानों ने उनसे तगादा किया होगा, जिसके चलते शनिवार को उन्होंने अपने घर में आग लगा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
इसकी सूचना पर उसका छोटा पुत्र धर्मेंद्र दोपहर में बुलेरो से जाखलौन से आरामशीन आ रहा था। चालक के अनुसार रास्ते में उसने शहजाद बांध के पास उसने गाड़ी को रुकने के लिए कहा। चालक सतेंद्र लोधी निवासी जाखलौन ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद धर्मेंद्र पानी में कूद गया। चालक को तैरना नहीं आता था। उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर गई पुलिस तत्काल धर्मेंद्र को पानी से निकाल कर सीएचसी तालबेहट लेकर आई।
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जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उनके अनुसार जहर खाने के बाद पानी में कूद कर आत्महत्या करने का मामला नजर आ रहा है। तिलक नगर आरामशीन निवासी हरीराम पटैरिया के बड़े बेटे का नाम जितेंद्र है। उसकी एक पुत्री है। वह अपने पिता से अलग रह रहा है। हरीराम के पत्नी भी लकवा से पीड़ित हैं।
एक साथ आई कई मुसीबतें
तालबेहट (ललितपुर)। इस परिवार पर एक साथ मुसीबतों का दौर आया है। व्यापार में लाखों रुपये के कर्ज, मां का लकवा से पीड़ित होना और बड़े पुत्र का परिवार से अलग रहना। इसके बाद एक साथ पिता और पुत्र द्वारा आत्म धाती कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेना।
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हरीराम पटैरिया और उनका छोटा पुत्र धर्मेंद्र किसानों की उपज खरीद का कारोबार करते थे।
पुलिस ने बताया कि किसानों की उपज का कर्जा होने के बाद जब किसानों ने उनसे तगादा किया तो वह लोग अपनी रिश्तेदारी में जाखलौन, ललितपुर रहने चले गए। शुक्रवार को हरीराम आरामशीन लौट आए। पुलिस के अनुसार शायद हरीराम के आते ही किसानों ने उनसे तगादा किया होगा, जिसके चलते शनिवार को उन्होंने अपने घर में आग लगा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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इसकी सूचना पर उसका छोटा पुत्र धर्मेंद्र दोपहर में बुलेरो से जाखलौन से आरामशीन आ रहा था। चालक के अनुसार रास्ते में उसने शहजाद बांध के पास उसने गाड़ी को रुकने के लिए कहा। चालक सतेंद्र लोधी निवासी जाखलौन ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद धर्मेंद्र पानी में कूद गया। चालक को तैरना नहीं आता था। उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर गई पुलिस तत्काल धर्मेंद्र को पानी से निकाल कर सीएचसी तालबेहट लेकर आई।
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जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उनके अनुसार जहर खाने के बाद पानी में कूद कर आत्महत्या करने का मामला नजर आ रहा है। तिलक नगर आरामशीन निवासी हरीराम पटैरिया के बड़े बेटे का नाम जितेंद्र है। उसकी एक पुत्री है। वह अपने पिता से अलग रह रहा है। हरीराम के पत्नी भी लकवा से पीड़ित हैं।
एक साथ आई कई मुसीबतें
तालबेहट (ललितपुर)। इस परिवार पर एक साथ मुसीबतों का दौर आया है। व्यापार में लाखों रुपये के कर्ज, मां का लकवा से पीड़ित होना और बड़े पुत्र का परिवार से अलग रहना। इसके बाद एक साथ पिता और पुत्र द्वारा आत्म धाती कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेना।