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किसान सेवा सहकारी समिति में धांधली का लगाया आरोप
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:40 AM IST
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किसान सेवा सहकारी समिति में धांधली का लगाया आरोप
जिलाधिकारी से की मजिस्ट्रीयल जांच कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
किसान सेवा सहकारी समिति के पदाधिकारियों ने समिति में हो रही धांधली और नियम विरुद्ध कार्यों के संबंध में डीएम को संबोधित एडीएम को एक ज्ञापन देकर मजिस्ट्रीयल जांच की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि किसान सेवा सहकारी समिति द्वारा विगत कई वर्षों से मिनी बैंक के माध्यम से किसानों का पैसा जमा किया जाता है। उक्त धनराशि जिसको किसानों द्वारा अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से छोटी-छोटी बचत के साथ जमा किया जाता है। आरोप लगाते हुए बताया कि समिति की ऋण और बकाएदारी के खाते में उक्त मिनी बैंक का पैसा एवं समिति के अन्य मदों का पैसा नियम विरुद्ध बिना संचालक मंडल की संस्तुति के गोपनीय तरीके से ऋण खातों में जमा कर समिति की कागजी वसूली दिखाए जाने का कार्य किया जा रहा है। बैंक में किसानों का पैसा अमानत में खयानत के तौर पर है, जिसे ऋणी किसानों का बकाया जमा करने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में समिति के सचिव एवं अन्य उच्चाधिकारियों, संचालक मंडल को गुमराह कर सही जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसे में समिति के किसी भी गबन, भ्रष्टाचार, नियम विरुद्घ कृत्यों की सारी जिम्मेेदारी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की है। समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से उक्त प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर किसान सेवा सहकारी समिति की अध्यक्षा रीता, उपसभापति कृष्ण कुमार, डायरेक्टर जितेंद्र रिछारिया, सभापति हेमा निरंजन, धर्मेंद्र गोस्वामी, नीरज जैन गौना, चंद्रशेखर दुबे उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी से की मजिस्ट्रीयल जांच कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
किसान सेवा सहकारी समिति के पदाधिकारियों ने समिति में हो रही धांधली और नियम विरुद्ध कार्यों के संबंध में डीएम को संबोधित एडीएम को एक ज्ञापन देकर मजिस्ट्रीयल जांच की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि किसान सेवा सहकारी समिति द्वारा विगत कई वर्षों से मिनी बैंक के माध्यम से किसानों का पैसा जमा किया जाता है। उक्त धनराशि जिसको किसानों द्वारा अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से छोटी-छोटी बचत के साथ जमा किया जाता है। आरोप लगाते हुए बताया कि समिति की ऋण और बकाएदारी के खाते में उक्त मिनी बैंक का पैसा एवं समिति के अन्य मदों का पैसा नियम विरुद्ध बिना संचालक मंडल की संस्तुति के गोपनीय तरीके से ऋण खातों में जमा कर समिति की कागजी वसूली दिखाए जाने का कार्य किया जा रहा है। बैंक में किसानों का पैसा अमानत में खयानत के तौर पर है, जिसे ऋणी किसानों का बकाया जमा करने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में समिति के सचिव एवं अन्य उच्चाधिकारियों, संचालक मंडल को गुमराह कर सही जानकारी नहीं दी जा रही है। ऐसे में समिति के किसी भी गबन, भ्रष्टाचार, नियम विरुद्घ कृत्यों की सारी जिम्मेेदारी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की है। समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से उक्त प्रकरण की मजिस्ट्रीयल जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर किसान सेवा सहकारी समिति की अध्यक्षा रीता, उपसभापति कृष्ण कुमार, डायरेक्टर जितेंद्र रिछारिया, सभापति हेमा निरंजन, धर्मेंद्र गोस्वामी, नीरज जैन गौना, चंद्रशेखर दुबे उपस्थित रहे।
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