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पावर प्लांट में आठ नहीं 12 घंटे कराई जा रही मजदूरी
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:20 AM IST
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ठेकेदार 12 घंटे करवा रहे हैं काम
बार। बुरागांव, चिगलौआ स्थित पावर प्लांट में कार्यरत ठेकेदार के माध्यम से मजदूरी करने वाले करीब आधा सैकड़ा मजदूरों ने निर्धारित समय से चार घंटे अधिक और करीब पांच वर्ष पुराने रेट पर काम करवाने के आरोप लगाए हैं। मजदूरों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर उनसे 12 घंटे कार्य कराने और प्रदेश सरकार के नए रेट से मजदूरी रेट के आधार पर मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि वह पावर प्लांट में एक ठेकेदार के अंडर में मजदूरी का काम करते हैं। कंपनी द्वारा यहां मजदूरों को तीन श्रेणी स्किल्ड, सेमी स्किल्ड एवं अनस्किल्ड में बांटा गया है। इन्हीं श्रेणियों के आधार पर ठेकेदार मजदूरों की मजदूरी का भुगतान करती है और मजदूरों से यह कहकर कि उनसे मात्र आठ घंटे काम करवाया जाएगा, लेकिन मई 2016 से लगातार सभी श्रेणियों के मजदूरों से 12 घंटे यह कहकर काम कराया जा रहा है कि अभी मजदूरों की कमी है। मजदूरों ने अपनी ओवर टाइम की मजदूरी मांगी तो हमेशा यह कहकर आश्वासन दे दिया जाता है कि कुछ समय बाद उन्हें ओवरटाइम की मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक किसी प्रकार का कोई ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया गया है। बल्कि जो मजदूर अपने ओवरटाइम की मजदूरी मांगता है तो उसे बिना किसी कारण बताए बाहर कर दिया जाता है।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार का पांच वर्ष पुराना मजदूरी रेट चस्पा कर दिया गया है कि अब मजदूरों को इसी आधार पर मजदूरी दी जाएगी। मजदूरों ने डीएम को ज्ञापन देकर उत्तर प्रदेश सरकार के वर्तमान मजदूरी रेट से भुगतान कराए जाने और बिना किसी कारण बताए मजदूरों को बाहर नहीं निकाले जाने की मांग की है। ज्ञापन पर छोटे राजा, संजित कुमार, संजीव कुमार, जशरत सिंह, चंद्रेश, जमुना प्रसाद, ब्रजेश, भैयालाल, संदीप कुमार, जितेंद्र, कनई, संजीव, सोनू नामदेव, संजीत, रमाकांत, हरेंद्र, हेमराम, सुखदीन के हस्ताक्षर हैं।
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बार। बुरागांव, चिगलौआ स्थित पावर प्लांट में कार्यरत ठेकेदार के माध्यम से मजदूरी करने वाले करीब आधा सैकड़ा मजदूरों ने निर्धारित समय से चार घंटे अधिक और करीब पांच वर्ष पुराने रेट पर काम करवाने के आरोप लगाए हैं। मजदूरों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर उनसे 12 घंटे कार्य कराने और प्रदेश सरकार के नए रेट से मजदूरी रेट के आधार पर मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि वह पावर प्लांट में एक ठेकेदार के अंडर में मजदूरी का काम करते हैं। कंपनी द्वारा यहां मजदूरों को तीन श्रेणी स्किल्ड, सेमी स्किल्ड एवं अनस्किल्ड में बांटा गया है। इन्हीं श्रेणियों के आधार पर ठेकेदार मजदूरों की मजदूरी का भुगतान करती है और मजदूरों से यह कहकर कि उनसे मात्र आठ घंटे काम करवाया जाएगा, लेकिन मई 2016 से लगातार सभी श्रेणियों के मजदूरों से 12 घंटे यह कहकर काम कराया जा रहा है कि अभी मजदूरों की कमी है। मजदूरों ने अपनी ओवर टाइम की मजदूरी मांगी तो हमेशा यह कहकर आश्वासन दे दिया जाता है कि कुछ समय बाद उन्हें ओवरटाइम की मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन अब तक किसी प्रकार का कोई ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया गया है। बल्कि जो मजदूर अपने ओवरटाइम की मजदूरी मांगता है तो उसे बिना किसी कारण बताए बाहर कर दिया जाता है।
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वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार का पांच वर्ष पुराना मजदूरी रेट चस्पा कर दिया गया है कि अब मजदूरों को इसी आधार पर मजदूरी दी जाएगी। मजदूरों ने डीएम को ज्ञापन देकर उत्तर प्रदेश सरकार के वर्तमान मजदूरी रेट से भुगतान कराए जाने और बिना किसी कारण बताए मजदूरों को बाहर नहीं निकाले जाने की मांग की है। ज्ञापन पर छोटे राजा, संजित कुमार, संजीव कुमार, जशरत सिंह, चंद्रेश, जमुना प्रसाद, ब्रजेश, भैयालाल, संदीप कुमार, जितेंद्र, कनई, संजीव, सोनू नामदेव, संजीत, रमाकांत, हरेंद्र, हेमराम, सुखदीन के हस्ताक्षर हैं।
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