{"_id":"5bad4003867a5537ba4065c9","slug":"21538080771-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसूनी प्रतिबंध के बाबजूद भी किया जा रहा अवैध खनन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मानसूनी प्रतिबंध के बाबजूद भी किया जा रहा अवैध खनन
Updated Fri, 28 Sep 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतिबंध के बावजूद किया जा रहा खनन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। प्रतिबंध के बाद भी जिले में मानसून सीजन के दौरान धड़ल्ले से बालू खनन चल रहा है। न केवल नदी, नालों बल्कि वन क्षेत्र की भूमि में भी खनन किया जा रहा है। शहर में बालू से लदे खड़े ट्रकों को में देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं, संबंधित अधिकारी मौन बने हुए है, जिसका अनुचित फायदा खनन कारोबारी उठा रहे हैं।
बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे नदी के आस पास व रिहायसी इलाकों में स्थिति अत्यंत भयावह हो जाती है। इसे ध्यान में रखकर शासन ने खनन पर रोक लगा रखी है। जिन जनपदों में बालू या फिर मोरंग का खनन नदी क्षेत्र से होता है, वहां पर 1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदी क्षेत्र में खनन रोकने के निर्देश दिए जाते हैं। यही नहीं, इस समयावधि में वैध पट्टा धारकों भी कोई खनन नहीं करने के लिए कहा जाता है। इसके बावजूद खनिज माफिया नदी, नालों में लगातार खनन किया जा रहा है। वहीं, आरक्षित वन क्षेत्र की भूमि व ग्राम पंचायत की भूमि को नहीं छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में खनन कारोबार खूब फल-फूल रहा है। कारोबारियों ने नदी, नालों के पास बालू के डपिंग स्थल बना लिए है। जहां इस तरह खनिज से राजस्व को चूना लग रहा है। वही, नालों व नदी के आस-पास बने डंपिग प्वाइंट से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। बालू माफियाओं पर विभागीय अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले काफी बुलंद बने हुए है। इस समय शहर की अधिकांश टालों पर बालू से भरे ट्रक खड़े नजर आ रहे हैँं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
मध्यप्रदेश में बालू के खनन पर मानसून सीजन में लगा प्रतिबंध 15 सितंबर को हट जाता है। जिससे जिले में आ रहे बालू के ट्रक मध्य प्रदेश से आ रहे है। यदि जिले कहीं से खनन का कारोबार किया जा रहा है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
- आरपी सिंह, जिला खान अधिकारी
ललितपुर।
अवैध बालू जब्त कर की अज्ञात लोगों पर कार्रवाई
तहसील पाली के ग्राम निवाई से पास स्थित गंभीरा नाले पर महीनों से बालू माफियाओं द्वारा अवैध खनन करने की सूचना मिलने पर जिला खान अधिकारी आरपी सिंह ने छापामारी की कार्रवाई की। छापामारी के दौरान गंभीरा नाले के किनारे रखी बालू को जब्त कर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर सौंपी। ग्राम निवाई व बरौदी गांव के बीच में गंभीरा नाला निकला है। जिस पर बालू माफियाओं द्वारा लगातार अवैध खनन किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर जिला खान अधिकारी आरपी सिंह छापेमारी की। जिसमें 45 घनमीटर बालू जब्त कर ग्राम प्रधान व खेत के मालिक के सुपुर्द कर दी है। साथ ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए थाना पाली को तहरीर सौंप दी है। कार्रवाई को लेकर बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। वहीं खान अधिकारी ने बताया कि छापामार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। प्रतिबंध के बाद भी जिले में मानसून सीजन के दौरान धड़ल्ले से बालू खनन चल रहा है। न केवल नदी, नालों बल्कि वन क्षेत्र की भूमि में भी खनन किया जा रहा है। शहर में बालू से लदे खड़े ट्रकों को में देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं, संबंधित अधिकारी मौन बने हुए है, जिसका अनुचित फायदा खनन कारोबारी उठा रहे हैं।
बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे नदी के आस पास व रिहायसी इलाकों में स्थिति अत्यंत भयावह हो जाती है। इसे ध्यान में रखकर शासन ने खनन पर रोक लगा रखी है। जिन जनपदों में बालू या फिर मोरंग का खनन नदी क्षेत्र से होता है, वहां पर 1 जुलाई से 30 सितंबर तक नदी क्षेत्र में खनन रोकने के निर्देश दिए जाते हैं। यही नहीं, इस समयावधि में वैध पट्टा धारकों भी कोई खनन नहीं करने के लिए कहा जाता है। इसके बावजूद खनिज माफिया नदी, नालों में लगातार खनन किया जा रहा है। वहीं, आरक्षित वन क्षेत्र की भूमि व ग्राम पंचायत की भूमि को नहीं छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में खनन कारोबार खूब फल-फूल रहा है। कारोबारियों ने नदी, नालों के पास बालू के डपिंग स्थल बना लिए है। जहां इस तरह खनिज से राजस्व को चूना लग रहा है। वही, नालों व नदी के आस-पास बने डंपिग प्वाइंट से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। बालू माफियाओं पर विभागीय अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले काफी बुलंद बने हुए है। इस समय शहर की अधिकांश टालों पर बालू से भरे ट्रक खड़े नजर आ रहे हैँं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश में बालू के खनन पर मानसून सीजन में लगा प्रतिबंध 15 सितंबर को हट जाता है। जिससे जिले में आ रहे बालू के ट्रक मध्य प्रदेश से आ रहे है। यदि जिले कहीं से खनन का कारोबार किया जा रहा है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
- आरपी सिंह, जिला खान अधिकारी
ललितपुर।
अवैध बालू जब्त कर की अज्ञात लोगों पर कार्रवाई
तहसील पाली के ग्राम निवाई से पास स्थित गंभीरा नाले पर महीनों से बालू माफियाओं द्वारा अवैध खनन करने की सूचना मिलने पर जिला खान अधिकारी आरपी सिंह ने छापामारी की कार्रवाई की। छापामारी के दौरान गंभीरा नाले के किनारे रखी बालू को जब्त कर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर सौंपी। ग्राम निवाई व बरौदी गांव के बीच में गंभीरा नाला निकला है। जिस पर बालू माफियाओं द्वारा लगातार अवैध खनन किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर जिला खान अधिकारी आरपी सिंह छापेमारी की। जिसमें 45 घनमीटर बालू जब्त कर ग्राम प्रधान व खेत के मालिक के सुपुर्द कर दी है। साथ ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए थाना पाली को तहरीर सौंप दी है। कार्रवाई को लेकर बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। वहीं खान अधिकारी ने बताया कि छापामार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।