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सार्वजनिक पानी की प्याऊ में संचालित हो रही किराए की दुकान

Fri, 27 Apr 2018 02:40 AM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 02:40 AM IST
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सार्वजनिक पानी की प्याऊ में संचालित हो रही किराए की दुकान
सार्वजनिक पानी की प्याऊ में संचालित हो रही किराए की दुकान
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समाजसेवा के लिए नगर पालिका नजूल की जमीन पर खोली गई थी प्याऊ
मवेशी बाजार की इकलौती है प्याऊ
ललितपुर।
शहर के मवेशी बाजार में राहगीरों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई स्थायी पानी की प्याऊ अतिक्रमण का शिकार हो गई है। वर्तमान में इस प्याऊ में एक दुकान संचालित की जा रही है। इससे मवेशी बाजार में पहुंच रहे राहगीरों को कंठ तरना मुश्किल हो रहा है। यहां सबसे ज्यादा ग्रामीण और अन्य जनपदों के लोगों की आवाजाही रहती है। शहर के अन्य स्थानों पर भी समाजसेवी संस्थाओं द्वारा खोली गई नि:शुल्क प्याऊ बंद पड़ी हुई हैं।
शहजाद नदी के उस पार स्थित मवेशी बाजार में सबसे ज्यादा दुकानें ऐसी हैं, जहां पर केवल किसानों, ग्रामीणों या फिर बाहरी लोगों का आना होता है। वर्तमान में इतनी भीषण गर्मी पड़ रही है, लेकिन इस क्षेत्र में कहीं पर भी इन बाहरी लोगों व राहगीरों को अपनी प्यास बुझाने के लिए सार्वजनिक प्याऊ की सुविधा नहीं है। करीब 12 वर्ष पूर्व समाजसेवा का ढिंढोरा पीटने वाले राष्ट्रीय स्तरीय समाजसेवा संगठन लाइंस क्लब की स्थानीय इकाई ने मवेशी बाजार में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए मुख्य मार्ग के किनारे नगर पालिका की जमीन लेकर नि:शुल्क पानी की प्याऊ का निर्माण कराया था। स्थानीय लोगों की माने तो यह प्याऊ करीब चंद महीने ही नहीं चल सकती और बंद हो गई थी। पिछले करीब 12 वर्षों से ही इस प्याऊ का उपयोग संस्था के पदाधिकारियों द्वारा निजी स्वार्थ के लिए ही किया जा रहा है। बताया जाता है कि पहले कई वर्षों तक इस प्याऊ को मिनी गोदाम के रूप में उपयोग किया गया, इसके बाद इसको किराए पर संचालित किया जाने लगा। कुछ समय तक इसमें तीन छात्र किराए से भी रहते थे। अब एक वर्ष से इस प्याऊ में दो हजार रुपये मासिक किराए पर टैक्सी सुधारने की दुकान संचालित की जा रही है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त समाजसेवी संस्था केवल समाजसेवा के नाम का ढिंढोरा पीटती है। इसी तरह अन्य समाजसेवी संस्थाओं ने भी शहर के अन्य क्षेत्रों में समाजसेवा के नाम पर स्थायी प्याऊ का निर्माण कराया है, लेकिन किसी भी प्याऊ का जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है। शहर के कटरा बाजार में बनी प्याऊ कई वर्षों से बंद पढ़ी हुई है। इसी तरह घंटाघर और वीर सावकर चौक के बीच स्थित प्याऊ व नजाई बाजार की प्याऊ आंशिक रूप से संचालित की जाती है।
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कई लोगों को नहीं है जानकारी
मवेशी बाजार में लाइंस क्लब द्वारा नगर पालिका नजूल की जमीन पर बनाई गई इस प्याऊ के बारे में क्षेत्र के ही कई लोगों को जानकारी नहीं है। यह प्याऊ मुख्य मार्ग के किनारे ही बनी हुई है, लेकिन इस प्याऊ के चारों को अतिक्रमण है। इस कारण प्याऊ दिखाई नहीं पड़ती है। वहीं, इस प्याऊ में दुकान संचालित होने की वजह से लोगों को यकीन ही नहीं होता है कि यह कभी सार्वजनिक प्याऊ रही होगी। इस प्याऊ के बारे में वार्ड के पार्षद को भी जानकारी नहीं है। वहीं नगर पालिका की भी जिम्मेदारी बनती है कि यदि उनकी जमीन का कोई संस्था समाजसेवा के नाम पर दुरुपयोग कर रही है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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इकाई हो गई खत्म
यह प्याऊ लाइंस क्लब की मैन इकाई के द्वारा बनाई गई थी। इस इकाई को खत्म हुए काफी समय बीत चुका है। इस प्याऊ की देखरेख तत्कालीन के चेयरमैन करते थे, विगत वर्ष उनकी भी निधन हो चुका है।

प्याऊ को चालू कराने की करेंगे मांग
नदीपार क्षेत्र में यह इकलौती प्याऊ है। इस प्याऊ को अतिक्रमण मुक्त कर दोबारा जनता के लिए चालू कराने के लिए मांग की जाएगी। यदि यह प्याऊ चालू हो जाती है तो बाजार आने वाले बाहरी लोगों को इस भीषण गर्मी में काफी राहत मिलेगी।

-जहीर रानू, वार्ड नं. 23 पार्षद।

उचित कार्रवाई होगी
यदि सार्वजनिक प्याऊ की आड़ में अतिक्रमण किया गया है, तो उसके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस सार्वजनिक प्याऊ को जनहित में चालू कराने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
-अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।
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