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धोखे से रजिस्ट्री कराने पर खाया विषाक्त, मुकदमा दर्ज
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धोखे से रजिस्ट्री कराने पर खाया विषाक्त पदार्थ
ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत एक व्यक्ति ने कुछ लोगों द्वारा धोखे से रजिस्ट्री कराने और झूठे मुकदमे में फंसाने के चलते विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शहर के मोहल्ला चौबयाना निवासी जीतेश सोनी पुत्री स्व. मुन्नालाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 12 अप्रैल को सुबह करीब आठ बजे उसे मोबाइल से सूचना मिली कि उसके भाई को संदिग्ध हालत में अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। जिस पर वह अस्पताल पहुंचा तो देखा कि उसका भाई बेहोशी हालत में था और कुछ नशीला पदार्थ खा लिया है। जब भाई जितेंद्र सोनी होश में आया तो जानकारी मिली कि रतीराम, माधव रजक, कप्तान रजक निवासी ग्राम दावनी थाना जाखलौन व संजीव रजक निवासी गिल्टौरा ने मिलीभगत करके एक फर्जी रजिस्ट्री में भाई को फंसा दिया है। जानकारी करने पर जब उसने रतीराम व संजीव से शिकायत की तो उनके द्वारा जितेंद्र को दलित एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। आएदिन उसके भाई से नाजायज रुपयों की मांग की जाने लगी।
उसके भाई ने षड्यंत्र में फंसकर अपनी भांजी ज्योति जड़िया निवासी मुंबई को एक प्लाट की रजिस्ट्री करवाई थी। उक्त प्लाट पर जब वह व उसकी भांजी कब्जा करने गए तो जानकारी मिली कि उक्त प्लाट पूर्व में बिक चुका है। इसके बाद से दोनों उसके भाई से फर्जी रजिस्ट्री में शामिल होने का दबाव बनाकर 20 हजार रुपये और झूठे मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर कई बार वसूली कर चुके हैं। पुलिस ने उक्त मामले में रतीराम, माधव रजक, कप्तान रजक व संजीव रजक के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र व जान से मारने की धमकी के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत एक व्यक्ति ने कुछ लोगों द्वारा धोखे से रजिस्ट्री कराने और झूठे मुकदमे में फंसाने के चलते विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शहर के मोहल्ला चौबयाना निवासी जीतेश सोनी पुत्री स्व. मुन्नालाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 12 अप्रैल को सुबह करीब आठ बजे उसे मोबाइल से सूचना मिली कि उसके भाई को संदिग्ध हालत में अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। जिस पर वह अस्पताल पहुंचा तो देखा कि उसका भाई बेहोशी हालत में था और कुछ नशीला पदार्थ खा लिया है। जब भाई जितेंद्र सोनी होश में आया तो जानकारी मिली कि रतीराम, माधव रजक, कप्तान रजक निवासी ग्राम दावनी थाना जाखलौन व संजीव रजक निवासी गिल्टौरा ने मिलीभगत करके एक फर्जी रजिस्ट्री में भाई को फंसा दिया है। जानकारी करने पर जब उसने रतीराम व संजीव से शिकायत की तो उनके द्वारा जितेंद्र को दलित एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। आएदिन उसके भाई से नाजायज रुपयों की मांग की जाने लगी।
उसके भाई ने षड्यंत्र में फंसकर अपनी भांजी ज्योति जड़िया निवासी मुंबई को एक प्लाट की रजिस्ट्री करवाई थी। उक्त प्लाट पर जब वह व उसकी भांजी कब्जा करने गए तो जानकारी मिली कि उक्त प्लाट पूर्व में बिक चुका है। इसके बाद से दोनों उसके भाई से फर्जी रजिस्ट्री में शामिल होने का दबाव बनाकर 20 हजार रुपये और झूठे मुकदमे में फंसाने का डर दिखाकर कई बार वसूली कर चुके हैं। पुलिस ने उक्त मामले में रतीराम, माधव रजक, कप्तान रजक व संजीव रजक के खिलाफ धोखाधड़ी, षड्यंत्र व जान से मारने की धमकी के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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