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न्यायालय 1

Tue, 01 Aug 2017 01:34 AM IST
Updated Tue, 01 Aug 2017 01:34 AM IST
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आरोपी कोर्ट में मौजूद था, पुलिस ने दिखा दी गिरफ्तारी
न्यायालय ने पुलिस कार्रवाई को अवैध ठहराया, एसपी को जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शनिवार को अभियुक्त कोर्ट में एक मामले में पेशी पर जिस समय अवधि में मौजूद था, पुलिस ने उसी समय में उसकी जिला मुख्यालय से तेरह किलोमीटर दूर गिरफ्तारी दिखा दी। पर, पुलिस का पूरा खेल खुल गया। चरस सहित की गई इस फर्जी गिरफ्तारी को न्यायालय ने अवैध ठहराया दिया और पुलिस द्वारा मांगी गई आरोपी की रिमांड को खारिज कर दिया है।

इस मामले में थाना जखौरा पुलिस ने चोरी के मामले में न्यायालय में मौजूद एक आरोपी को जमानत होने के 40 मिनट पहले ही 13 किलोमीटर दूर दूसरे मुकदमे में गिरफ्तारी दर्शा दी गई है। अधिवक्ता श्री प्रकाश चौबे ने बताया कि तीन दिन पूर्व शनिवार को सत्र/विशेष न्यायाधीश एडीपीएस एक्ट की न्यायालय में थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम कोटरा निवासी अभियुक्त विंद्रावन पुत्र बारेलाल यादव को जखौरा पुलिस ने रिमांड मय केस डायरी के प्रस्तुत किया गया। उक्त प्रकरण में अभियुक्त की गिरफ्तारी 28 जुलाई शुक्रवार को शाम 4.05 बजे अंधियारी जाने वाले रास्ते पर तिराहे से 200 मीटर दूर अंधियारी की ओर दर्शायी गई है और अभियुक्त की जामा तलाशी में उसके पेंट की जेब से एक पैकेट में 190 ग्राम चरस बरामद किए जाने का उल्लेख प्रथम सूचना रिपोर्ट में है, जो उसी दिन थाना में पंजीकृत है। रिमांड के समय ही अधिवक्ता पवन श्रीवास्तव द्वारा इसी मामले में न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें बताया गया कि उक्त अभियुक्त विंद्रावन की जमानत 28 जुलाई को ही मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से थाना जखौरा में आत्मसमर्पण करवाकर कराई गई थी। अभियुक्त को सीजेएम न्यायालय से शाम 4.45 से 5 बजे के मध्य मुक्त किया गया था। उसके बाद कचहरी परिसर से निकलते ही रास्ते में उसे पुलिस द्वारा मय मोटर साइकिल पकड़ लिया और अभियुक्त को जीप में बैठाकर ले गये। उसे उपरोक्त मामले में गलत ढंग से 4.05 बजे की गिरफ्तारी दिखाकर उसके कब्जे से 190 ग्राम चरस बरामद होना दिखाया गया है, जो बिलकुल गलत एवं असत्य है। अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश ने मामले में बारीकी से परीक्षण कर पाया कि जिस दिन अभियुक्त एक मामले में सीजेएम न्यायालय से 28 जुलाई को स्वीकृत जमानत व निष्पादित बंध पत्रों से संबंधित प्रपत्र मंगाकर परीक्षण किया गया, जिसमें स्पष्ट रुप से पाया गया कि अभियुक्त विंद्रावन को चोरी के एक मामले में थाना जखौरा में अभिरक्षा में लिया गया और उसकी बीस हजार रुपए के व्यक्तिगत बंध पत्र एवं समान राशि के दो प्रतिभू निष्पादित किए जाने पर रिहा किए जाने का आदेश पारित किया गया है। इसमें पाया गया कि उक्त अभियुक्त को 28 जुुलाई को शाम 4.40 बजे न्यायालय द्वारा जमानत पर अवमुक्त किया गया है, जबकि थाना जखौरा पुलिस द्वारा उक्त अभियुक्त को उसी दिन 4.05 बजे मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर थाना जखौरा के ग्राम अंधियारी से गिरफ्तार किया जाना बताया गया है। इस प्रकार न्यायालय द्वारा इस प्रकरण में उक्त अभियुक्त को रिमांड एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत स्वीकार किए जाने का कोई आधार नहीं पाते हुए यह रिमांड खारिज कर दिया और पुलिस अधीक्षक को उक्त मामले में आवश्यक कार्रवाई का पत्र भेजते हुए केस डायरी और माल मुकदमा तदनुसार वापस करने के आदेश दिए। साथ ही अभियुक्त को उसी दिन सुनवाई करते हुए रिहा किया गया।
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