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मड़ावरा लीड समाचार
Updated Tue, 06 Jun 2017 09:27 PM IST
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धड़ल्ले से हो रहा कटान और खनन
मड़ावरा (ललितपुर)।
वन क्षेत्र मड़ावरा अंतर्गत मदनपुर पश्चिमी बीट में वन कर्मियों की मिलीभगत से लंबे समय से बेशकीमती हरेभरे पेड़ों पर धड़ाधड़ कुल्हाड़ियां चल रहीं हैं। साथ ही पत्थर और मोरम आदि का खनन भी जोरों पर चल रहा है। इस संबंध में गोरा खुर्द के ग्रामीणों ने मड़ावरा के सामुदायिक भवन में आयोजित तहसील दिवस में आकर वन कर्मियों पर अवैध खनन और कटान कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मड़ावरा रेंज को जनपद की सबसे बड़ी रेंज होने का गौरव प्राप्त है, दूसरे नंबर पर गोना रेंज की बारी आती है। वहीं, तीसरे नंबर पर तालवेहट रेंज का नाम आता है। मड़ावरा रेंज में अधिकांश भूभाग पर जंगल है और बहुतायत में वन संपदाएं भी मौजूद हैं। कर्मचारी और अधिकारी इस रेंज में आने के लिए लालायित रहते हैं। मड़ावरा वन क्षेत्र का क्षेत्रफल 20 हजार 226 हेक्टेयर है भूमि पर फैला हुआ है। इतने बडे़ वन क्षेत्र की देखरेख के लिये मड़ावरा रेंज को 13 वन बीटों में विभाजित कर वन कर्मियों को जिम्मेवारी सौंपी गई है, जिनमें मड़ावरा, भीकमपुर, गिरार, सौरई, धौरीसागर, लखंजर, गौठरा ,ठनगना, उल्दना जलंधर, मदनपुर पूर्वी और पश्चिमी बीट में विभाजित किया गया है। मदनपुर बीट, सबसे बड़ी बीट है इसलिए इसे दो बीटों में विभाजित किया गया है। मड़ावरा वन क्षेत्र में वन और खनन माफिया कई वर्ष से सक्रिय है। वन कर्मियों की मिलीभगत से वनों को नुकसान पहुंचाकर लाखों बारे न्यारे कर रहे हैं। मड़ावरा वन क्षेत्र के जंगलों में जगह-जगह शीशम सागोन गुरार साकू महुआ अचार जामुन, बेल, कबा, रैंवजा, तेंदू सहित विभिन प्रजातियों के हरे भरे पेड़ मौजूद थे, लेकिन कुछ वर्षों से वन माफिया ने सागौन और शीशम के पेड़ों पर सबसे ज्यादा कुल्हाड़ियां चलाईं है, नतीजतन इस जंगल में सागोन बहुत कम मात्रा में बचा है। इसके अलावा ईट भट्ठा का कारोबार करने वाले लोग स्थानीय वन कर्मियों से सांठगांठ करके मिट्टी और भट्टा लगाने के लिए लकड़ी की जरूरत पूरी करने के लिए अवैध रूप से पेड़ों का कटान करके वनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस संबंध में गोरा खुर्द के ग्रामीणों ने मड़ावरा में उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार पाल की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर वन कर्मियों पर मदनपुर पश्चिमी बीट में अवैध कटान और खनन का कार्य कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जुगराज सिंह, मल्ला परतु सहरिया, संतोष रानी, बिमला, रमपुरा बाई, वृजरानी, कुँअर बाई, मुल्ला, शामिल रहे।
इनका है कहना
तहसील दिवस में दिया गया प्रार्थना पत्र अभी प्राप्त नहीं हो पाया है। मामले की मौके पर जाकर जांच करेंगे। अगर अवैध कटान में कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में वन विभाग द्वारा अवैध कटान करने वाले चार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी है, जिनमें नया खेड़ा गांव से एक और ठनगना गांव के तीन लोगों पर विभाग द्वारा गैंगेस्टर की कार्रवाई कराई गई है।
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राव साहब यादव, वन क्षेत्राधिकारी, मडावरा
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मड़ावरा (ललितपुर)।
वन क्षेत्र मड़ावरा अंतर्गत मदनपुर पश्चिमी बीट में वन कर्मियों की मिलीभगत से लंबे समय से बेशकीमती हरेभरे पेड़ों पर धड़ाधड़ कुल्हाड़ियां चल रहीं हैं। साथ ही पत्थर और मोरम आदि का खनन भी जोरों पर चल रहा है। इस संबंध में गोरा खुर्द के ग्रामीणों ने मड़ावरा के सामुदायिक भवन में आयोजित तहसील दिवस में आकर वन कर्मियों पर अवैध खनन और कटान कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मड़ावरा रेंज को जनपद की सबसे बड़ी रेंज होने का गौरव प्राप्त है, दूसरे नंबर पर गोना रेंज की बारी आती है। वहीं, तीसरे नंबर पर तालवेहट रेंज का नाम आता है। मड़ावरा रेंज में अधिकांश भूभाग पर जंगल है और बहुतायत में वन संपदाएं भी मौजूद हैं। कर्मचारी और अधिकारी इस रेंज में आने के लिए लालायित रहते हैं। मड़ावरा वन क्षेत्र का क्षेत्रफल 20 हजार 226 हेक्टेयर है भूमि पर फैला हुआ है। इतने बडे़ वन क्षेत्र की देखरेख के लिये मड़ावरा रेंज को 13 वन बीटों में विभाजित कर वन कर्मियों को जिम्मेवारी सौंपी गई है, जिनमें मड़ावरा, भीकमपुर, गिरार, सौरई, धौरीसागर, लखंजर, गौठरा ,ठनगना, उल्दना जलंधर, मदनपुर पूर्वी और पश्चिमी बीट में विभाजित किया गया है। मदनपुर बीट, सबसे बड़ी बीट है इसलिए इसे दो बीटों में विभाजित किया गया है। मड़ावरा वन क्षेत्र में वन और खनन माफिया कई वर्ष से सक्रिय है। वन कर्मियों की मिलीभगत से वनों को नुकसान पहुंचाकर लाखों बारे न्यारे कर रहे हैं। मड़ावरा वन क्षेत्र के जंगलों में जगह-जगह शीशम सागोन गुरार साकू महुआ अचार जामुन, बेल, कबा, रैंवजा, तेंदू सहित विभिन प्रजातियों के हरे भरे पेड़ मौजूद थे, लेकिन कुछ वर्षों से वन माफिया ने सागौन और शीशम के पेड़ों पर सबसे ज्यादा कुल्हाड़ियां चलाईं है, नतीजतन इस जंगल में सागोन बहुत कम मात्रा में बचा है। इसके अलावा ईट भट्ठा का कारोबार करने वाले लोग स्थानीय वन कर्मियों से सांठगांठ करके मिट्टी और भट्टा लगाने के लिए लकड़ी की जरूरत पूरी करने के लिए अवैध रूप से पेड़ों का कटान करके वनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस संबंध में गोरा खुर्द के ग्रामीणों ने मड़ावरा में उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार पाल की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देकर वन कर्मियों पर मदनपुर पश्चिमी बीट में अवैध कटान और खनन का कार्य कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में जुगराज सिंह, मल्ला परतु सहरिया, संतोष रानी, बिमला, रमपुरा बाई, वृजरानी, कुँअर बाई, मुल्ला, शामिल रहे।
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इनका है कहना
तहसील दिवस में दिया गया प्रार्थना पत्र अभी प्राप्त नहीं हो पाया है। मामले की मौके पर जाकर जांच करेंगे। अगर अवैध कटान में कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में वन विभाग द्वारा अवैध कटान करने वाले चार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी है, जिनमें नया खेड़ा गांव से एक और ठनगना गांव के तीन लोगों पर विभाग द्वारा गैंगेस्टर की कार्रवाई कराई गई है।
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राव साहब यादव, वन क्षेत्राधिकारी, मडावरा