फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   कारागार में बंद कैदी को खिलाया जहर

कारागार में बंद कैदी को खिलाया जहर

Thu, 19 Jul 2018 01:29 AM IST
Updated Thu, 19 Jul 2018 01:29 AM IST
विज्ञापन
कारागार में बंद कैदी को खिलाया जहर

विज्ञापन
कारागार में बंदी को खिलाया जहर!
सब हेड--- - हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज झांसी किया रेफर
- जेल प्रशासन पर लगाए हत्या का प्रयास के आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला कारागार में बंदी को जहर खिलाकर जान से मारने का प्रयास किया गया है। आनन- फानन में बंदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। कैदी ने सुपारी लेकर हत्या का प्रयास करने के आरोप लगाए हैं।
बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या होने के बाद से प्रदेश सरकार ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, ललितपुर जिला कारागार में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ग्वालियर निवासी योगी उर्फ चंद्रभान पुत्र चंद्रपाल को झांसी से 10 महीने पहले जिला कारागार ललितपुर में भेजा गया था। उस पर झांसी के सकरार व लुहारी गांव में प्रधानी के चुनाव के दौरान आगजनी करने के आरोप हैं। उसे सुरक्षा कारणों से जिला कारागार में रखा गया है।
विज्ञापन

बुधवार को उसकी झांसी न्यायालय में फैसले की तारीख थी। सुबह वह अपनी बैरक से बाहर आया और चाय पी। चाय पीकर वह बेहोश हो गया। यह देख आनन- फानन में उसे जिला चिकित्सालय में लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहोशी का कारण जहरीले पदार्थ का सेवन बताया। इसकी पुष्टि के लिए सैंपल जांच के लिए भेज दिया। होश में आने पर बंदी ने बताया कि जेल प्रशासन के खास कैदियों ने उसे सुपारी लेकर मारने का प्रयास किया। उसने आरोप लगाया कि जेल में क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण जेल की हालत खराब है। बैरक में रात भर खड़े होकर सोना पड़ता है। यही नहीं उन्हें समय पर पेट भर भोजन नहीं मिलता। जेल में कुछ खास कैदियों को पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिसके एवज में धनराशि ली जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई कैदी अभी भी भूख हड़ताल पर हैं, परंतु प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने की दशा में जेल की हालत में कोई सुधार नहीं आया है। योगी ने बताया कि जेल में पिछले कई दिनों से कुछ कैदी अव्यवस्थाओं को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। इनमें अफरोज दस दिन से, मुबीन सात दिन से, राज चौहान सात दिन से व राजपाल पिछले 16 दिन से भूख हड़ताल पर हैं, जिसकी हालत खराब होने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसकी शिकायत राजपाल की पत्नी ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर की थी।


108 की क्षमता, रह रहे 550
जिला कारागार में इन दिनों कैदियों की संख्या क्षमता से लगभग पांच गुनी अधिक है। प्रभारी जेलर ने बताया कि जेल में 108 कैदियों के रहने की क्षमता है, लेकिन वर्तमान में 550 बंदी बंद हैं। इस कारण कुछ परेशानियां हो रही हैं।


मामले की सदर एसडीएम से जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने पर आवश्यक कार्रवाई होगी।
- मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी

बंदी को विषाक्त खिलाने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। कुछ कैदी आपस में संगठन बनाकर साजिश रच रहे हैं। इसी क्रम में यह साजिश रची गई है। बंदी की हालत ठीक है और कोई भी बंदी हड़ताल पर नहीं है। बंदी के आरोप निराधार हैं।
- सुरेश चंद्र, प्रभारी जेलर
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed