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शिक्षकों के दो-दो बैंक खाते सैलरी डाटा में फीड, बीएसए व लेखाधिकारी से मांगा स्पस्टीकरण
Updated Sat, 09 Sep 2017 01:32 AM IST
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शिक्षकों के दो-दो बैंक खाते सैलरी डाटा में फीड
ललितपुर।
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के जनपद के अंदर स्थानांतरण की प्रक्रिया से विभागीय अफसरों की कार्यशैली उजागर हुई है। तमाम जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और वित्त व लेखाधिकारियों ने शिक्षकों के दो-दो बैंक खाते सैलरी डाटा में फीड कर दिए हैं, इसमें जनपद ललितपुर भी शामिल है। इससे वित्तीय अनियमितता होने की आशंका है कि कहीं शिक्षकों का वेतन दो-दो जगह से तो नहीं निकल रहा है। इस संबंध में शिक्षा परिषद के सचिव ने बीएसए और लेखाधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के शिक्षकों की जनपद के अंदर तबादले की ऑनलाइन प्रक्रिया बीते माह में अपनाई गई थी। इसमें पूरे प्रदेश के करीब 78 हजार शिक्षकों ने एनआइसी की ओर से बनी वेबसाइट पर 19 से 28 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें हर शिक्षक को अपना सैलरी डाटा समेत अन्य सूचनाएं दर्ज करने का निर्देश दिया गया। आवेदन पूरा होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारियों को उसका सत्यापन करके चार सितंबर तक परिषद मुख्यालय पर पूरा ब्योरा भेजना था। तय समय पर यह रिकॉर्ड मुख्यालय पर पहुंच तो गया है, लेकिन उसकी जांच में तमाम खामियां सामने आई हैं। प्रदेश के लगभग 25 जनपद ऐसे हैं, जहां शिक्षकों के सैलरी डाटा में दो-दो बैंक खाते दर्ज कर दिए गए। इस पर परिषद सचिव संजय सिन्हा ने संबंधित बीएसए और वित्त व लेखाधिकारियों को पत्र जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। इन 25 जनपदों की सूची में ललितपुर बेसिक शिक्षा अधिकारी भी शामिल है। सचिव ने पत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूंछा है कि यदि किसी अध्यापक का स्थानांतरण दूसरे जिले में हुआ है तो सैलरी डाटा में उक्त अध्यापकों के विवरण को हटा दिया जाना चाहिए था, ऐसा क्यों नहीं किया गया, जबकि परिषद ने सैलरी डाटा अपडेट करने के लिए एक नहीं कई बार निर्देशित किया गया। यह भी पूछा है कि अपने जिले के सैलरी डाटा में एक ही अध्यापक के नाम व बैंक खाता विवरण को दो बार क्यों भरा गया है। सचिव ने नौ सितंबर यानी शनिवार की शाम पांच बजे तक इस स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है। साथ ही शासन ने इस खामी पर गंभीर नाराजगी जताई है।
इन जनपदों से मांगा गया स्पष्टीकरण
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने कुल 25 जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें जनपद ललितपुर समेत झांसी, इटावा, औरैया, कन्नौज, गोंडा, लखनऊ, मेरठ, बाराबंकी, बिजनौर, महराजगंज, सीतापुर, बुलंदशहर, पीलीभीत, रामपुर, सिद्धार्थनगर, गौतमबुद्ध नगर, हाथरस, कुशीनगर, मथुरा, इलाहाबाद, वाराणसी, हापुड़, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर शामिल है।
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सचिव ने स्पष्टीकरण मांगा है और इसका जवाब भी तैयार कर लिया गया है। हमारे यहां केवल एक ही शिक्षक ऐसा पाया गया है, जिसके दो-दो बैंक खाते हैं। इसके पीछे की वजह है कि उक्त शिक्षक का स्थानांतरण औरैया जिले से हुआ है, तो वहां पर बैंक खत्म बंद किया जाना था।
- दयाशंकर सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग ललितपुर।
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ललितपुर।
परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के जनपद के अंदर स्थानांतरण की प्रक्रिया से विभागीय अफसरों की कार्यशैली उजागर हुई है। तमाम जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और वित्त व लेखाधिकारियों ने शिक्षकों के दो-दो बैंक खाते सैलरी डाटा में फीड कर दिए हैं, इसमें जनपद ललितपुर भी शामिल है। इससे वित्तीय अनियमितता होने की आशंका है कि कहीं शिक्षकों का वेतन दो-दो जगह से तो नहीं निकल रहा है। इस संबंध में शिक्षा परिषद के सचिव ने बीएसए और लेखाधिकारी को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के शिक्षकों की जनपद के अंदर तबादले की ऑनलाइन प्रक्रिया बीते माह में अपनाई गई थी। इसमें पूरे प्रदेश के करीब 78 हजार शिक्षकों ने एनआइसी की ओर से बनी वेबसाइट पर 19 से 28 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें हर शिक्षक को अपना सैलरी डाटा समेत अन्य सूचनाएं दर्ज करने का निर्देश दिया गया। आवेदन पूरा होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारियों को उसका सत्यापन करके चार सितंबर तक परिषद मुख्यालय पर पूरा ब्योरा भेजना था। तय समय पर यह रिकॉर्ड मुख्यालय पर पहुंच तो गया है, लेकिन उसकी जांच में तमाम खामियां सामने आई हैं। प्रदेश के लगभग 25 जनपद ऐसे हैं, जहां शिक्षकों के सैलरी डाटा में दो-दो बैंक खाते दर्ज कर दिए गए। इस पर परिषद सचिव संजय सिन्हा ने संबंधित बीएसए और वित्त व लेखाधिकारियों को पत्र जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। इन 25 जनपदों की सूची में ललितपुर बेसिक शिक्षा अधिकारी भी शामिल है। सचिव ने पत्र में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूंछा है कि यदि किसी अध्यापक का स्थानांतरण दूसरे जिले में हुआ है तो सैलरी डाटा में उक्त अध्यापकों के विवरण को हटा दिया जाना चाहिए था, ऐसा क्यों नहीं किया गया, जबकि परिषद ने सैलरी डाटा अपडेट करने के लिए एक नहीं कई बार निर्देशित किया गया। यह भी पूछा है कि अपने जिले के सैलरी डाटा में एक ही अध्यापक के नाम व बैंक खाता विवरण को दो बार क्यों भरा गया है। सचिव ने नौ सितंबर यानी शनिवार की शाम पांच बजे तक इस स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है। साथ ही शासन ने इस खामी पर गंभीर नाराजगी जताई है।
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इन जनपदों से मांगा गया स्पष्टीकरण
बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने कुल 25 जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें जनपद ललितपुर समेत झांसी, इटावा, औरैया, कन्नौज, गोंडा, लखनऊ, मेरठ, बाराबंकी, बिजनौर, महराजगंज, सीतापुर, बुलंदशहर, पीलीभीत, रामपुर, सिद्धार्थनगर, गौतमबुद्ध नगर, हाथरस, कुशीनगर, मथुरा, इलाहाबाद, वाराणसी, हापुड़, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर शामिल है।
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सचिव ने स्पष्टीकरण मांगा है और इसका जवाब भी तैयार कर लिया गया है। हमारे यहां केवल एक ही शिक्षक ऐसा पाया गया है, जिसके दो-दो बैंक खाते हैं। इसके पीछे की वजह है कि उक्त शिक्षक का स्थानांतरण औरैया जिले से हुआ है, तो वहां पर बैंक खत्म बंद किया जाना था।
- दयाशंकर सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग ललितपुर।