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क्राइम: महिला अस्पताल में तैनात महिला नर्स ने पिया विषाक्त
Updated Wed, 20 Jun 2018 01:52 AM IST
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नर्स की अचानक तबियत बिगड़ने से मचा हड़कंप
डाक्टरी रिपोर्ट में जहर खाने की पुष्टि, पीड़िता ने किया इंकार
ललितपुर। जिला महिला चिकित्सालय में तैनात नर्स की सोमवार की रात अचानक हालत बिगड़ने पर अस्पताल में हड़कंप की स्थिति बन गई और आनन-फानन में उसका उपचार शुरू किया गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जहरीला पदार्थ खाने से तबियत बिगड़ी, जबकि नर्स इस बात से इंकार कर रहीं हैं। उधर, डाक्टरी परीक्षण की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से विषाक्त पदार्थ के सेवन की बात सामने आ रही है। यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया गया यह जांच का विषय है।
जानकारी के अनुसार महिला अस्पताल में तैनात आसमा पत्नी इमरान सोमवार को जब नर्सिंग हास्टल में थी, तभी अचानक उसने यह आत्मघाती कदम उठाते हुए विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। जानकारी होने पर पुरुष अस्पताल में तैनात एक नर्स द्वारा उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। मामला जिला महिला अस्पताल में तैनात नर्स से जुड़ा होने के कारण गुपचुप तरीके से उपचार करने के लिए साथ आई नर्स से इमरजेंसी मेडिकल आफीसर से कहा पर उन्होंने उसकी बात को तव्वजो न देते हुए विषाक्त पदार्थ का पुलिस मेमो भेज कर नर्स को प्राइवेट रूम में ले जाने की बात कही। पर, इसके बाद भी साथ आई नर्स ने चिकित्सक की बात व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वृद्ध वार्ड में स्थित कर्मचारी कक्ष के दरवाजे बंद कर उपचार शुरू करा दिया। इस बात की जानकारी किसी ने प्रभारी जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर को दी। उन्होंने एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित और सीओ सिटी हिमांशु गौरव को मौके पर भेजकर मामले की जानकारी करने के निर्देश दिए। लेकिन, नर्स ने अपने आप को बीमार बताते हुए विषाक्त पदार्थ का सेवन करने की घटना से इंकार कर दिया, जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने पुलिस को भेजे मेमो में व मेडिकल रिपोर्ट में विषाक्त का सेवन करने की बात लिखी है।
गौरतलब है कि जिला महिला अस्पताल में लापरवाही व भ्रष्टाचार को लेकर अक्सर शिकायतें आती रहती हैं। इस दौरान गोपनीय तरीके से उपचार करवाने और स्टाफ रूम में भर्ती करने के संबंध में जानकारी करने पर वहां तैनात नर्स ने बताया कि सीएमओ ऑफिस में तैनात एक नोडल अधिकारी जब किसी को उपचार के लिए जिला अस्पताल के किसी कक्ष में ले जाकर उपचार करा सकते है तो वह भी किसी भी रेस्ट रूम का उपयोग कर सकती हैं।
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वर्जन
जेनेटिक वार्ड के रेस्ट रूम में उपचार नियमों के खिलाफ है नर्स द्वारा की गई अभद्रता की बाते ंसामने आई हैं। इसको लेकर मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर नर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी।
संजय बासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
---
एडीएम योगेंद्र बहादुर के निर्देश पर मामले की जांच करने के लिए गया था। लेकिन, नर्स ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। बीमारी की बात कहते हुए उसने कोई भी शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।
महेश प्रसाद दीक्षित, एसडीएम
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डाक्टरी रिपोर्ट में जहर खाने की पुष्टि, पीड़िता ने किया इंकार
ललितपुर। जिला महिला चिकित्सालय में तैनात नर्स की सोमवार की रात अचानक हालत बिगड़ने पर अस्पताल में हड़कंप की स्थिति बन गई और आनन-फानन में उसका उपचार शुरू किया गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जहरीला पदार्थ खाने से तबियत बिगड़ी, जबकि नर्स इस बात से इंकार कर रहीं हैं। उधर, डाक्टरी परीक्षण की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से विषाक्त पदार्थ के सेवन की बात सामने आ रही है। यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया गया यह जांच का विषय है।
जानकारी के अनुसार महिला अस्पताल में तैनात आसमा पत्नी इमरान सोमवार को जब नर्सिंग हास्टल में थी, तभी अचानक उसने यह आत्मघाती कदम उठाते हुए विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। जानकारी होने पर पुरुष अस्पताल में तैनात एक नर्स द्वारा उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। मामला जिला महिला अस्पताल में तैनात नर्स से जुड़ा होने के कारण गुपचुप तरीके से उपचार करने के लिए साथ आई नर्स से इमरजेंसी मेडिकल आफीसर से कहा पर उन्होंने उसकी बात को तव्वजो न देते हुए विषाक्त पदार्थ का पुलिस मेमो भेज कर नर्स को प्राइवेट रूम में ले जाने की बात कही। पर, इसके बाद भी साथ आई नर्स ने चिकित्सक की बात व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वृद्ध वार्ड में स्थित कर्मचारी कक्ष के दरवाजे बंद कर उपचार शुरू करा दिया। इस बात की जानकारी किसी ने प्रभारी जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर को दी। उन्होंने एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित और सीओ सिटी हिमांशु गौरव को मौके पर भेजकर मामले की जानकारी करने के निर्देश दिए। लेकिन, नर्स ने अपने आप को बीमार बताते हुए विषाक्त पदार्थ का सेवन करने की घटना से इंकार कर दिया, जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने पुलिस को भेजे मेमो में व मेडिकल रिपोर्ट में विषाक्त का सेवन करने की बात लिखी है।
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गौरतलब है कि जिला महिला अस्पताल में लापरवाही व भ्रष्टाचार को लेकर अक्सर शिकायतें आती रहती हैं। इस दौरान गोपनीय तरीके से उपचार करवाने और स्टाफ रूम में भर्ती करने के संबंध में जानकारी करने पर वहां तैनात नर्स ने बताया कि सीएमओ ऑफिस में तैनात एक नोडल अधिकारी जब किसी को उपचार के लिए जिला अस्पताल के किसी कक्ष में ले जाकर उपचार करा सकते है तो वह भी किसी भी रेस्ट रूम का उपयोग कर सकती हैं।
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जेनेटिक वार्ड के रेस्ट रूम में उपचार नियमों के खिलाफ है नर्स द्वारा की गई अभद्रता की बाते ंसामने आई हैं। इसको लेकर मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर नर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी।
संजय बासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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एडीएम योगेंद्र बहादुर के निर्देश पर मामले की जांच करने के लिए गया था। लेकिन, नर्स ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। बीमारी की बात कहते हुए उसने कोई भी शिकायत दर्ज नहीं करवाई है।
महेश प्रसाद दीक्षित, एसडीएम