{"_id":"58c1a14a4f1c1bda32dc44d4","slug":"court-will-build-overhead-tank","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यायालय में बनेगी ओवरहेड टंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यायालय में बनेगी ओवरहेड टंकी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
न्यायालय में बनेगी ओवरहेड टंकी
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यायालय परिसर में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए ओवरहेड टंकी बनाई जाएगी। इसके लिए न्याय विभाग द्वारा जल निगम को प्रस्ताव भेजा गया है।
जनपद में जिला सत्र न्यायालय, अपर जिला और सत्र न्यायालय डकैती, अपर जिला और सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय, विशेष न्यायालय मजिस्ट्रेट की कोर्ट का संचालन पुराने भवन में हो रहा है। जबकि सिविल जज सीनियर डिवीजन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज जूनियर डिवीजन और परिवार न्यायालयों का संचालन नवीन भवन में चल रहा है। जबकि फास्ट ट्रैक कोर्ट का संचालन सीजेएम न्यायालय के पीछे बने नवीन भवन में हो रहा है। न्यायालय परिसर में कोर्ट भवन के पीछे की ओर पूर्व में कई न्यायिक अधिकारियों के आवास स्थित हैं, जबकि कुछ नये आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। ऐसे में यहां तीनों न्यायिक भवनों और आवासों में पेयजल पहुंचाने के लिए लाइन तो बिछाई गई है, लेकिन अब तक दो से तीन मंजिला न्याय भवनों व आवासों तक पेयजल पहुंचाने के लिए बड़ी मोटरों का उपयोग करना होता है। ऐसे में कई बार बिजली गुल रहने या अन्य कारणों से पेयजल समस्या उत्पन्न हो जाती है। लेकिन अब न्याय विभाग द्वारा न्यायालय परिसर में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक ओवरहेड टंकी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो जल निगम को भेजा गया है।
विज्ञापन
जनपद में जिला सत्र न्यायालय, अपर जिला और सत्र न्यायालय डकैती, अपर जिला और सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय, विशेष न्यायालय मजिस्ट्रेट की कोर्ट का संचालन पुराने भवन में हो रहा है। जबकि सिविल जज सीनियर डिवीजन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज जूनियर डिवीजन और परिवार न्यायालयों का संचालन नवीन भवन में चल रहा है। जबकि फास्ट ट्रैक कोर्ट का संचालन सीजेएम न्यायालय के पीछे बने नवीन भवन में हो रहा है। न्यायालय परिसर में कोर्ट भवन के पीछे की ओर पूर्व में कई न्यायिक अधिकारियों के आवास स्थित हैं, जबकि कुछ नये आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। ऐसे में यहां तीनों न्यायिक भवनों और आवासों में पेयजल पहुंचाने के लिए लाइन तो बिछाई गई है, लेकिन अब तक दो से तीन मंजिला न्याय भवनों व आवासों तक पेयजल पहुंचाने के लिए बड़ी मोटरों का उपयोग करना होता है। ऐसे में कई बार बिजली गुल रहने या अन्य कारणों से पेयजल समस्या उत्पन्न हो जाती है। लेकिन अब न्याय विभाग द्वारा न्यायालय परिसर में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक ओवरहेड टंकी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो जल निगम को भेजा गया है।