{"_id":"c26369e7ad6269668916d7f8b5c658b9","slug":"council-to-tighten-the-screws-on-teachers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिषदीय शिक्षकों पर कस रहा शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिषदीय शिक्षकों पर कस रहा शिकंजा
ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:38 AM IST
विज्ञापन
ललितपुर। परिषदीय शिक्षकों पर विभागीय शिकंजा कसता जा रहा है। विभाग की हेल्पलाइन जारी होने के बाद अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों की लापरवाही पकड़ने के लिए छापामार टीमें गठित कर दी हैं।
उन्होंने छापेमारी में पकड़े जाने पर शिक्षकों को कड़ी कार्रवाई की हिदायत दी है।
सर्व शिक्षा अभियान पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी परिषदीय स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है। विशेषकर शासन वर्तमान शैक्षिक सत्र को गुणवत्ता उन्नयन वर्ष के रूप में मना रहा है। इसके बाद भी तमाम स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर न्यून बना हुआ है। इसकी प्रमुख वजह शिक्षकों का समय से स्कूल नहीं पहुंचना, अनियमित रहना, समय से पहले स्कूल छोड़ तथा बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं देना शामिल है।
इसे ध्यान में रखकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ने शिक्षकों पर विभागीय शिकंजा कसने की योजना बनाई है। गत दिवस उन्होंने स्कूल में पढ़ाई नहीं होने, बिना किसी सूचना के स्कूल से शिक्षकों के गायब होने जैसी शिकायतों को दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 05176- 473504 जारी किया था। अब विद्यालयों की मौके पर स्थिति जानने के उद्देश्य से छापामार टीमें गठित कर दी हैं।
विज्ञापन
इन टीमों में बीईओ के साथ सह समन्वयकों को लगाया गया है। खास बात यह है कि सह समन्वयकों को दूसरे ब्लाक की छापामार टीम रखा गया है, जिससे कि स्कूलों के पठन-पाठन की सच्चाई सामने आ सके। इधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव का कहना है कि शासन का ध्यान शिक्षण गुणवत्ता पर है, इसलिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा गुणवत्ता के मामले में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।
एसएमएस से ली जा रही बच्चों की उपस्थिति
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के भी प्रयास हो रहे हैं। गैरहाजिर बच्चों पर नजर रखने के लिए एसएमएस से निगरानी की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक दिन प्रधानाध्यापक को स्कूल में गैर हाजिर बच्चों का ब्योरा एनआईसी भेजना है। आने वाले दिनों में शिक्षकों की परेशानी बढ़ना तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने छापेमारी में पकड़े जाने पर शिक्षकों को कड़ी कार्रवाई की हिदायत दी है।
सर्व शिक्षा अभियान पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी परिषदीय स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार नहीं आ रहा है। विशेषकर शासन वर्तमान शैक्षिक सत्र को गुणवत्ता उन्नयन वर्ष के रूप में मना रहा है। इसके बाद भी तमाम स्कूलों में बच्चों का शैक्षिक स्तर न्यून बना हुआ है। इसकी प्रमुख वजह शिक्षकों का समय से स्कूल नहीं पहुंचना, अनियमित रहना, समय से पहले स्कूल छोड़ तथा बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं देना शामिल है।
विज्ञापन
इसे ध्यान में रखकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ने शिक्षकों पर विभागीय शिकंजा कसने की योजना बनाई है। गत दिवस उन्होंने स्कूल में पढ़ाई नहीं होने, बिना किसी सूचना के स्कूल से शिक्षकों के गायब होने जैसी शिकायतों को दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 05176- 473504 जारी किया था। अब विद्यालयों की मौके पर स्थिति जानने के उद्देश्य से छापामार टीमें गठित कर दी हैं।
विज्ञापन
इन टीमों में बीईओ के साथ सह समन्वयकों को लगाया गया है। खास बात यह है कि सह समन्वयकों को दूसरे ब्लाक की छापामार टीम रखा गया है, जिससे कि स्कूलों के पठन-पाठन की सच्चाई सामने आ सके। इधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव का कहना है कि शासन का ध्यान शिक्षण गुणवत्ता पर है, इसलिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा गुणवत्ता के मामले में कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।
एसएमएस से ली जा रही बच्चों की उपस्थिति
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के भी प्रयास हो रहे हैं। गैरहाजिर बच्चों पर नजर रखने के लिए एसएमएस से निगरानी की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक दिन प्रधानाध्यापक को स्कूल में गैर हाजिर बच्चों का ब्योरा एनआईसी भेजना है। आने वाले दिनों में शिक्षकों की परेशानी बढ़ना तय माना जा रहा है।