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पहल : डोंड़ाघाट में शुरू हुआ स्वच्छ जलाशय का निर्माण
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के दो जोन समेत अन्य क्षेत्र में जल्द ही पेयजल की आपूर्ति होगी। डोंड़ाघाट परिसर में पुराने 1500 केएल के स्वच्छ जलाशय के स्थान पर 1650 केएल (किलोलीटर) का निर्माण शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अक्तूबर तक बनकर तैयार हो जाएगा।
जल संस्थान के डोंड़ाघाट परिसर में तीन पुराने स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) हैं, जिसमें दो खराब हैं। गोविंद सागर बांध के साइफन खुलने से नदी में उफान के कारण एक स्वच्छ जलाशय क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं, दूसरे जलाशय की छत गिर गई थी। वहीं, एक अपर जोन के लिए सुरक्षित है।
अब जल निगम नगरीय इकाई ने अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत 1.29 करोड़ से क्षतिग्रस्त पड़े पुराने सीडब्ल्यूआर के स्थान पर निर्माण शुरू कर दिया है। इसकी ऊंचाई बढ़ाई जा रही है। अक्तूबर 2025 तक इसका निर्माण पूर्ण होने से उपभोक्ताओं को शुद्ध पानी मिल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इसके बनने से तीनों जल शोधन यंत्र का पानी एकत्रित किया जाएगा। इससे टंकी भी पूर्ण क्षमता के साथ भरी जाएगी।
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ललितपुर। शहर के दो जोन समेत अन्य क्षेत्र में जल्द ही पेयजल की आपूर्ति होगी। डोंड़ाघाट परिसर में पुराने 1500 केएल के स्वच्छ जलाशय के स्थान पर 1650 केएल (किलोलीटर) का निर्माण शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अक्तूबर तक बनकर तैयार हो जाएगा।
जल संस्थान के डोंड़ाघाट परिसर में तीन पुराने स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) हैं, जिसमें दो खराब हैं। गोविंद सागर बांध के साइफन खुलने से नदी में उफान के कारण एक स्वच्छ जलाशय क्षतिग्रस्त हो गया था। वहीं, दूसरे जलाशय की छत गिर गई थी। वहीं, एक अपर जोन के लिए सुरक्षित है।
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अब जल निगम नगरीय इकाई ने अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत 1.29 करोड़ से क्षतिग्रस्त पड़े पुराने सीडब्ल्यूआर के स्थान पर निर्माण शुरू कर दिया है। इसकी ऊंचाई बढ़ाई जा रही है। अक्तूबर 2025 तक इसका निर्माण पूर्ण होने से उपभोक्ताओं को शुद्ध पानी मिल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इसके बनने से तीनों जल शोधन यंत्र का पानी एकत्रित किया जाएगा। इससे टंकी भी पूर्ण क्षमता के साथ भरी जाएगी।
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