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संविधान में बच्चों को सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार: एडीजे
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नेहरूनगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में शुक्रवार को विधिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के विषय में अवगत कराया।
अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुलदीप सिंह ने कहा भारत का संविधान बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कनवेंशन के अनुसार बच्चों को कुछ अधिकार प्रदान करता है। इनमें 6-14 वर्ष आयु के सभी बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा, 14 वर्ष की आयु तक किसी भी खतरनाक रोजगार से सुरक्षित रहना आदि का अधिकार शामिल है। पैनल अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत बच्चों को वयस्क के बराबर मान्यता और स्वीकार करता है और उन्हें राष्ट्र की सुरक्षा और आश्रय के योग्य मानता है। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक राजकीय संप्रेक्षण गृह दीनानाथ, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य, शिक्षक विकास कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।
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ललितपुर। नेहरूनगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में शुक्रवार को विधिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के विषय में अवगत कराया।
अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुलदीप सिंह ने कहा भारत का संविधान बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कनवेंशन के अनुसार बच्चों को कुछ अधिकार प्रदान करता है। इनमें 6-14 वर्ष आयु के सभी बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा, 14 वर्ष की आयु तक किसी भी खतरनाक रोजगार से सुरक्षित रहना आदि का अधिकार शामिल है। पैनल अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत बच्चों को वयस्क के बराबर मान्यता और स्वीकार करता है और उन्हें राष्ट्र की सुरक्षा और आश्रय के योग्य मानता है। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक राजकीय संप्रेक्षण गृह दीनानाथ, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य, शिक्षक विकास कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।
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