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Lalitpur News: बच्चों को नहीं मिल पा रहा अतिरिक्त पोषाहार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बार-पुलवारा (ललितपुर)। अधिकांश परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को प्रत्येक गुरुवार को अतिरिक्त पोषाहार वितरण नहीं किया जा रहा है।
बच्चों में पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने अतिरिक्त पोषाहार (सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन) दिए जाने के आदेश दिए थे। इसके लिए शासन ने पीएम पोषण योजना के अंतर्गत अतिरिक्त बजट जारी किया था। विभाग ने पहले चरण में योजना की शुरुआत बीते साल सात नवंबर से की, जो मार्च तक चलनी है। प्रत्येक गुरुवार बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार वितरण का निर्णय लिया गया। लेकिन, ब्लॉक बार क्षेत्र में योजना दम तोड़ रही है। कई विद्यालयों में बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार का वितरण नहीं किया जा रहा है। योजना की शुरुआत में जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार बांटा गया, लेकिन कुछ दिन ही यह व्यवस्था चल सकी।
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अतिरिक्त पोषाहार में मिलने वाली सामग्री : मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों को पैक्ड यानी डिब्बा बंद गजक, गुड़-मूंगफली या तिल की चिक्की प्रत्येक छात्र को 50 ग्राम भुने हुए चने, रामदाना अथवा बाजरे के लड्डू में से कोई भी सामग्री वितरित करने के दिशा-निर्देश दिए गए थे।
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पांच रुपये प्रति छात्र की दर से जारी हुआ था बजट : बच्चों को अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री के लिए प्रति छात्र पांच रुपये की लिमिट जारी की गई। साथ ही अतिरिक्त पूरक पोषण का वितरण विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रारंभ होने से पहले किए जाने के भी आदेश दिए गए थे।
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वर्जन-
जिन विद्यालयों में कोताही बरती जा रही है, उनकी जानकारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।-शैलजा व्यास, खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक बार।
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बार-पुलवारा (ललितपुर)। अधिकांश परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों को प्रत्येक गुरुवार को अतिरिक्त पोषाहार वितरण नहीं किया जा रहा है।
बच्चों में पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने अतिरिक्त पोषाहार (सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन) दिए जाने के आदेश दिए थे। इसके लिए शासन ने पीएम पोषण योजना के अंतर्गत अतिरिक्त बजट जारी किया था। विभाग ने पहले चरण में योजना की शुरुआत बीते साल सात नवंबर से की, जो मार्च तक चलनी है। प्रत्येक गुरुवार बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार वितरण का निर्णय लिया गया। लेकिन, ब्लॉक बार क्षेत्र में योजना दम तोड़ रही है। कई विद्यालयों में बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार का वितरण नहीं किया जा रहा है। योजना की शुरुआत में जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार बांटा गया, लेकिन कुछ दिन ही यह व्यवस्था चल सकी।
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अतिरिक्त पोषाहार में मिलने वाली सामग्री : मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से परिषदीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों को पैक्ड यानी डिब्बा बंद गजक, गुड़-मूंगफली या तिल की चिक्की प्रत्येक छात्र को 50 ग्राम भुने हुए चने, रामदाना अथवा बाजरे के लड्डू में से कोई भी सामग्री वितरित करने के दिशा-निर्देश दिए गए थे।
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पांच रुपये प्रति छात्र की दर से जारी हुआ था बजट : बच्चों को अतिरिक्त पूरक पोषण सामग्री के लिए प्रति छात्र पांच रुपये की लिमिट जारी की गई। साथ ही अतिरिक्त पूरक पोषण का वितरण विद्यालय में शिक्षण कार्य प्रारंभ होने से पहले किए जाने के भी आदेश दिए गए थे।
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जिन विद्यालयों में कोताही बरती जा रही है, उनकी जानकारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।-शैलजा व्यास, खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक बार।