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Lalitpur News: सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ रहे बच्चे
Tue, 22 Sep 2026 12:03 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:03 AM IST
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ललितपुर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। बदलते मौसम में बच्चे खांसी-जुकाम और वायरल संक्रमण, निमोनिया व पीलिया समेत अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में 260 बच्चे उपचार को पहुंचे। प्रतिदिन 20 से 22 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। चिकित्सक बच्चों का दवाइयों के साथ ही बचाव के लिए साफ-सफाई व खान-पान का विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ लग रही है। ओपीडी में 50 फीसदी बच्चे खांसी, जुकाम, बुखार, सिरदर्द और वायरल इन्फेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं निमोनिया से ग्रसित भी दो से तीन बच्चे आ रहे हैं। पीलिया के भी चार से पांच बच्चे आ रहे हैं। इसके अलावा फोड़ा-फुंसी व उल्टी व दस्त के भी आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में हो रहे परिवर्तन से बच्चे बीमार हो रहे हैं। हालत यह है कि मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे में 20 से 22 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। यही कारण है कि रात में वार्ड फूल तक हो जा रहे हैं।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आकृति यादव ने बताया कि तेज धूप के बाद बारिश और फिर अचानक धूप निकलने से तापमान में बदलाव हो रहा है। ऐसे में बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बचाव के लिए बच्चों को साफ पानी पिलाएं, ताजा भोजन दें और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचाव करें।
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इस तरह करें बचाव
फूल कपड़े पहनाएं।
ताजा भोजन दें।
फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम व ठंडे पेयजल पदार्थ न दें।
उबला हुआ पानी दें।
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
सब्जी व फल को साफ कर खिलाएं।
बुखार, खांसी के लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
मच्छरों से बचाव करें।
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ लग रही है। ओपीडी में 50 फीसदी बच्चे खांसी, जुकाम, बुखार, सिरदर्द और वायरल इन्फेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं निमोनिया से ग्रसित भी दो से तीन बच्चे आ रहे हैं। पीलिया के भी चार से पांच बच्चे आ रहे हैं। इसके अलावा फोड़ा-फुंसी व उल्टी व दस्त के भी आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में हो रहे परिवर्तन से बच्चे बीमार हो रहे हैं। हालत यह है कि मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे में 20 से 22 बच्चे भर्ती हो रहे हैं। यही कारण है कि रात में वार्ड फूल तक हो जा रहे हैं।
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बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आकृति यादव ने बताया कि तेज धूप के बाद बारिश और फिर अचानक धूप निकलने से तापमान में बदलाव हो रहा है। ऐसे में बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बचाव के लिए बच्चों को साफ पानी पिलाएं, ताजा भोजन दें और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचाव करें।
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इस तरह करें बचाव
फूल कपड़े पहनाएं।
ताजा भोजन दें।
फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम व ठंडे पेयजल पदार्थ न दें।
उबला हुआ पानी दें।
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
सब्जी व फल को साफ कर खिलाएं।
बुखार, खांसी के लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
मच्छरों से बचाव करें।