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टीका लगाने के चौबीस घंटे में दो माह की बच्ची की मौत
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ललितपुर। थाना जाखलौन अंतर्गत कस्बा में टीकाकरण के बाद हालत बिगड़ने पर चौबीस घंटे में दो माह की बच्ची की जिला अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर गलत टीकाकरण का आरोप लगाया है।
जाखलौन निवासी देविका (दो माह) पुत्र हरगोविंद कुशवाहा को शनिवार की दोपहर में जाखलौन में आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण करवाया था। इसके बाद बच्ची को परिजन घर ले गए, जहां उसे बुखार की शिकायत हुई। इस पर परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा बताई एक गोली के चार भाग करके एक भाग खिला दिया। इसके बाद उसे आशा के पास ले गए, तो उसने उसे नॉर्मल लिया। अगले दिन सुबह पांच बजे बच्ची को दूध पिलाया और फिर बच्ची सो गई। सुबह काफी देर तक जब बच्ची नहीं उठी तो परिजनों ने उसे जगाया, लेकिन बच्ची के शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर परिजन उसे जिला चिकित्सालय ले गए, जहां परीक्षण के उपरांत चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। हरगोविंद पुत्र घनश्याम कुशवाहा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि बच्ची को गलत टीका लगा दिया, जिससे बच्ची काफी देर तक रोई। दो घंटे बाद फोन पर बताया कि बच्ची की हालत गंभीर है और वह आंखें फेर रही है, जिस पर उसने बर्फ की सिकाई करने को कहा और टीकाकरण का असर 24 घंटे तक होना बताया। बच्ची की हालत गंभीर होने पर वह उसे जिला चिकित्सालय लाए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी से दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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जाखलौन निवासी देविका (दो माह) पुत्र हरगोविंद कुशवाहा को शनिवार की दोपहर में जाखलौन में आंगनबाड़ी केंद्र पर टीकाकरण करवाया था। इसके बाद बच्ची को परिजन घर ले गए, जहां उसे बुखार की शिकायत हुई। इस पर परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा बताई एक गोली के चार भाग करके एक भाग खिला दिया। इसके बाद उसे आशा के पास ले गए, तो उसने उसे नॉर्मल लिया। अगले दिन सुबह पांच बजे बच्ची को दूध पिलाया और फिर बच्ची सो गई। सुबह काफी देर तक जब बच्ची नहीं उठी तो परिजनों ने उसे जगाया, लेकिन बच्ची के शरीर में कोई हरकत नहीं होने पर परिजन उसे जिला चिकित्सालय ले गए, जहां परीक्षण के उपरांत चिकित्सकों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। हरगोविंद पुत्र घनश्याम कुशवाहा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि बच्ची को गलत टीका लगा दिया, जिससे बच्ची काफी देर तक रोई। दो घंटे बाद फोन पर बताया कि बच्ची की हालत गंभीर है और वह आंखें फेर रही है, जिस पर उसने बर्फ की सिकाई करने को कहा और टीकाकरण का असर 24 घंटे तक होना बताया। बच्ची की हालत गंभीर होने पर वह उसे जिला चिकित्सालय लाए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी से दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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