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लाखों का नुकसान उठा रहे चाट के दुकानदार

Fri, 24 Apr 2020 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2020 01:15 AM IST
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chaat bussniss man
बंद पड़ा चाट को ठेला - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। लॉकडाउन में नागरिक चटपटा व्यंजन खाना भूल गए हैं। खासकर जो लोग होटल, रेस्टोरेंट पर गर्म पकौड़ी, समोसा व चाट खाना पसंद करते थे, वे अब दुकानदारों के घर तलाश रहे हैं। कुछ लोग यू-ट्यूब पर रेस्पी देखकर घर पर इसे बनवाने में लगे हैं। लॉकडाउन के दौरान एक महीने में चाट के दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से कई व्यवसाय को भारी नुकसान हुआ है। इनमें चाट भी शामिल है। शहर में एक सैकड़ा व्यक्ति चाट बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। डॉ. शादीलाल कामर्शियल कांप्लेक्स, सरायपुरा, तुवन मंदिर के पास चाट की प्रसिद्ध दुकानें हैं, जहां दिन भर लोग चाट खाते थे। अब उन स्थानों पर दुकान बंद होने से सन्नाटा पसरा है। इसके अलावा प्रधान डाकघर, पुरानी तहसील के पास, ललित टाकीज के पास सहित कई स्थानों पर चाट के ठेला खड़े होते हैं तो कुछ रेस्टोरेंट भी चाट की सामग्री उपलब्ध कराते हैं। मौजूदा समय में अनुमति के अभाव में चाट की दुकानों के शटर गिरे हैं, इससे चाट के शौकीनों को गहरा झटका लगा है। कई लोग अपने घरों में चाट बनवा रहे हैं तो कुछ लोगों ने दुकानदारों से दूरभाष पर संपर्क साधकर होम डिलेवरी के आर्डर दिए हैं। इस तरह चटपटा खाकर तलब को शांत कर रहे हैं।
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महीने में दस से पंद्रह हजार रुपये चाट बेचकर कमा लेते थे। वर्तमान में लॉकडाउन चल रहा है, जिस कारण चाट की दुकान नहीं चला पा रहे हैं। इससे परिवार के भरण पोषण का संकट उत्पन्न हो गया है।
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- देवकीनंदन सोनी
शादी समारोह में चाट का स्टॉल लगाकर अच्छा खासा कमा लेते थे। सहालग के सीजन में कई आडर मिल जाते थे। लॉकडाउन में न तो शादी समारोह हो रहे हैं और न ही चाट की दुकान चला पा रहे हैं। इससे परिवार में तंगी जैसे हालात बन गए हैं।
- झलकन कुशवाहा
शहर में जैन बस्ती अधिक है, जो चाट खाना पसंद करते हैं। किसी को पानी बतासा तो किसी को आलू टिक्की, बेसन मिर्च खाना अच्छा लगता है। कॉलेजों के विद्यार्थी भी इंटरवल व छुट्टी में चाट खाने आते थे। वर्तमान में स्कूल, कॉलेज भी बंद चल रहे हैं। इससे बहुत नुकसान हो रहा है।

- गोलू
सर्दी के मुकाबले गर्मी के सीजन में चाट की अधिक मांग रहती है। जैसे ही गर्मी आई, वैसे ही लॉकडाउन शुरू हो गया। जिसमें चाट की दुकानें बंद कर दी। शासन ने चाट के दुकानदारों के लिए कोई मदद की भी घोषणा नहीं की है। अब लॉकडाउन हटने का इंतजार है।
- रमेश सोनी
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