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कब खत्म होगी प्रतीक्षालय की प्रतीक्षा?

Fri, 29 Jan 2016 01:06 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Fri, 29 Jan 2016 01:06 AM IST
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bus waiting stand
ललितपुर। अंतर्राज्यीय बस स्टैंड का  दर्जा प्राप्त शहर का बस स्टैंड वर्षों से प्रतीक्षालय की प्रतीक्षा कर रहा है। इसे शहर का दुर्भाग्य की कहेंगे कि यहां पर दो प्रतीक्षालयों की नींव डाली गई,  पर उनका निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। क्षेत्रीय सांसद ने बस यूनियन व  समाजसेवी संगठनों की मांग पर सांसद निधि से यहां पर एक प्रतीक्षालय की नींव रखी गई, लेकिन एमईएस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। रक्षा विभाग द्वारा मांगी गई एनओसी नहीं मिल पाने की वजह से निर्माण कार्य पर विराम लगा हुआ है।
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शहर  में बस स्टैंड से प्रतिदिन 150  निजी व सरकारी रोडवेज बसों का संचालन होता है। करीब एक हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन बस स्टैंड पर आते-जाते हैं। प्रतीक्षालय के अभाव में वर्षों से यात्री परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय बस यूनियन, बस संचालक व समाजसेवी संगठनों द्वारा उठाई गई प्रतीक्षालय की मांग को केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने गंभीरता से लेते हुए सांसद निधि से नौ लाख रुपए की लागत से प्रतीक्षालय का निर्माण कार्य समाज कल्याण निगम से शुरू कराया। प्रतीक्षालय भवन की नींव डालकर पिलर खड़े हो रहे थे कि आर्मी के सैनिकों ने निर्माण रुकवा दिया। साथ ही रोक संबंधी एक पत्र भी समाज कल्याण निगम को सौंप दिया।
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जमीन पर है विवाद
बस  स्टैंड के निर्माण के समय से ही रक्षा विभाग और नगर पालिका के बीच जमीन के  स्वामित्व को लेकर विवाद है। जमीन संबंधी दस्तावेजों के आधार  पर नगरपालिका उक्त जमीन पर अपना दावा करती है। वहीं, सांसद निधि से बनाए जा रहे प्रतीक्षालय भवन पर रोक लगाते हुए सेना के अफसरों ने भी शासनादेश का हवाला दिया है। शासनादेश में उल्लेख है कि एमईएस की जमीन की परिधि के 75 गज तक कोई निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है।
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एनओसी पर अटका मामला
सेना द्वारा निर्माण कार्य पर  रोक लगाने के बाद जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने नगरपालिका से उक्त जमीन  के कागज तलब किए। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा पत्राचार करने के बाद आर्मी के अधिकारियों ने रक्षा विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) हासिल करने की बात कही। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को एनओसी लेने का आदेश दिया, लेकिन अभी तक मामला अटका पड़ा है।

मिल सकती है एनओसी
जिस  शासनादेश का हवाला देते हुए प्रतीक्षालय भवन के निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है, उसी तरह की रोक नवीन तहसील के पास स्थित एमईएस की जमीन से सटे हुए  मकानों पर लगाई थी। इसमें मकान स्वामियों को रक्षा विभाग द्वारा एनओसी मिल गई थी। यदि प्रशासन द्वारा पहल की जाए तो प्रतीक्षालय निर्माण के लिए एनओसी मिल सकती है।


शौचालय का भी होना है निर्माण
सांसद उमा भारती अपनी निधि से बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए पानी, शौचालय और  प्रतीक्षालय जैसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निर्माण करा रही हैं।  कुछ माह पूर्व यात्रियों को स्वच्छ पेयजल के निशुल्क प्याऊ का निर्माण करा दिया है। बस स्टैंड पर सांसद निधि से प्रतीक्षालय भवन व सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होना है। इसके लिए 12 लाख रुपए का बजट समाज कल्याण निगम को स्वीकृत कर दिया गया है। लेकिन, एनओसी मिलने के बाद ही प्रतीक्षालय व शौचालय का निर्माण कार्य प्रारंभ हो सकेगा।
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