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बेटी की शादी के बाद रिश्तेदारों से विवाद में पिता ने जहर खाकर दी जान
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ललितपुर। थाना नाराहट अंतर्गत गांव बगौनी में बेटी की शादी के बाद पिता ने रिश्तेदारों से शादी संबंध को लेकर विवाद होने पर खेत में जाकर जहर खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और झांसी ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
थाना नाराहट क्षेत्र अंतर्गत गांव बागौनी निवासी धनुषराम (45) पुत्र लक्ष्मन की बड़ी बेटी आकांक्षा की शादी 28 मई को हुई और 29 मई की सुबह बेटी की विदाई हो गई। इसके बाद उसके कुछ रिश्तेदार लड़की और मामा का एक गोत्र होने के बाद भी शादी होने पर विवाद करने लगे। उनमें विवाद इतना बढ़ा कि धनुषराम गुस्से में आकर खेत की तरफ चला गया और शाम को करीब सात बजे सल्फास का सेवन करके घर लौट आया। जहां उसकी हालत अचानक से बिगड़ गई। यह देख परिजन बिरधा स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां भी हालत में सुधार न होने पर धनुषराम को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया लेकिन झांसी पहुुंचने से पहले ही रास्ते में हालत अधिक बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई।
जिस पर परिजन उसे वापस जिला अस्पताल ले आए। जानकारी पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भांजे जगपाल ने बताया कि उसके मामा धनुषराम की बेटी की शादी जहां हुई। उनका और बेटी का एक ही गोत्र है। इस बात को लेकर धनुषराम का साला, उसकी पत्नी एवं अन्य सदस्य उससे विवाद कर रहे थे और इस बात को लेकर वह गुस्से में खेत पर चला गया और वहां जाकर उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की दो बेटियां और एक बेटा है। जबकि वह दो भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर का है।
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थाना नाराहट क्षेत्र अंतर्गत गांव बागौनी निवासी धनुषराम (45) पुत्र लक्ष्मन की बड़ी बेटी आकांक्षा की शादी 28 मई को हुई और 29 मई की सुबह बेटी की विदाई हो गई। इसके बाद उसके कुछ रिश्तेदार लड़की और मामा का एक गोत्र होने के बाद भी शादी होने पर विवाद करने लगे। उनमें विवाद इतना बढ़ा कि धनुषराम गुस्से में आकर खेत की तरफ चला गया और शाम को करीब सात बजे सल्फास का सेवन करके घर लौट आया। जहां उसकी हालत अचानक से बिगड़ गई। यह देख परिजन बिरधा स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां भी हालत में सुधार न होने पर धनुषराम को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया लेकिन झांसी पहुुंचने से पहले ही रास्ते में हालत अधिक बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई।
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जिस पर परिजन उसे वापस जिला अस्पताल ले आए। जानकारी पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भांजे जगपाल ने बताया कि उसके मामा धनुषराम की बेटी की शादी जहां हुई। उनका और बेटी का एक ही गोत्र है। इस बात को लेकर धनुषराम का साला, उसकी पत्नी एवं अन्य सदस्य उससे विवाद कर रहे थे और इस बात को लेकर वह गुस्से में खेत पर चला गया और वहां जाकर उसने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की दो बेटियां और एक बेटा है। जबकि वह दो भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर का है।
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