फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Bajaj Finance fraud case: Senior sales manager's bail plea rejected

बजाज फाइनेंस धोखाधड़ी मामला : सीनियर सेल्स मैनेजर की जमानत याचिका खारिज

Thu, 08 Jan 2026 12:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
Bajaj Finance fraud case: Senior sales manager's bail plea rejected
अदालत से आरोपी को राहत नहीं, अब तक छह आरोपियों की जमानत निरस्त
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बजाज फाइनेंस में 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सीनियर सेल्स मैनेजर लखनऊ निवासी आरोपी अभिनव निगम की जमानत याचिका अपर सत्र विशेष न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी है। इस प्रकरण में अब तक कुल छह आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त की जा चुकी हैं, जबकि एक महिला और एक युवक को पूर्व में जमानत मिल चुकी है।
बजाज फाइनेंस कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर संदीप सोलंकी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने करीब पांच माह पूर्व सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कंपनी को 1,71,01,703 रुपये का नुकसान पहुंचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जनपदस्तरीय एसआईटी का गठन किया था।
विज्ञापन

जांच के दौरान पुलिस ने नवनीत, महेंद्र, करन, राशिद खान उर्फ सानू व उसकी मां राशिदा, गोविंद नगर निवासी शमीम खान और रामनगर निवासी शिवम राठौर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर, प्रिंटर, मोहर सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए थे। इस मामले में शिवम राठौर की गिरफ्तारी के बाद उसके पिता लक्ष्मीनारायण राठौर ने बेटे को जेल भेजे जाने से आहत होकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिजनों ने शिवम को झूठे आरोपों में फंसाने का आरोप लगाते हुए इलाइट चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन भी किया था। बाद में पुलिस ने शिवम पर लगी पुरानी धाराएं हटाकर नई धाराएं जोड़ीं, जिसके बाद उसे सीजेएम न्यायालय से जमानत मिल गई थी। महिला आरोपी राशिदा को सूर्योदय से पूर्व गिरफ्तार किए जाने के मामले में सीजेएम न्यायालय ने कोतवाल को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा था। बाद में न्यायालय से राशिदा को भी जमानत मिल गई। पुलिस ने आठ नवंबर को सातों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद महेंद्र बरार, करन, शमीम खान और नवनीत सिंह की जमानत याचिकाएं दायर हुईं, जिन्हें न्यायालय ने खारिज कर दिया। विवेचना के दौरान मोहल्ला पिसनारी निवासी वीरेंद्र कुमार का नाम सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिसकी जमानत याचिका भी न्यायालय ने निरस्त कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विवेचना में झांसी और ललितपुर में सीनियर सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत लखनऊ के थाना पारा अंतर्गत गायत्री बिहार निवासी अभिनव निगम का नाम प्रकाश में आया। आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सह अभियुक्तों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और बिना मूल दस्तावेजों की जांच कराए रिपोर्ट के आधार पर लोन स्वीकृत कराए। अदालत ने गंभीर आरोपों को देखते हुए आरोपी अभिनव निगम की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed