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Lalitpur News: एलयूसीसी प्रकरण में आरोपी की जमानत याचिका निरस्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी गई। वहीं, आरोपियों की रिमांड को लेकर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ने न्यायालय में बहस की। गिरफ्तारी का प्रपत्र उपलब्ध कराने की मांग करते हुए विवेचकों से जिरह की।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में एलयूसीसी चिटफंड मामले में उरई निवासी आरोपी विपुल शुक्ला की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं, घोटालों में आरोपी झांसी निवासी राजेंद्र गुप्ता, संजीव खरे एवं उरई निवासी राजू बरसैंया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। इस मामले में आरोपियों की ओर से उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ने गिरफ्तारी को गलत बताते हुए विवेचना भी सही से न किए जाने का आरोप लगा न्यायालय से सुनवाई की मांग की थी।
मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अनुपम वर्मा एवं स्थानीय अधिवक्ताओं ने आरोपियों की ओर से बहस की। आरोप लगाया कि पुलिस ने दो अभियुक्तों को उनके घर से उठाकर गिरफ्तारी ललितपुर में दिखाई है। उन्होंने गिरफ्तारी के प्रपत्र व सीसीटीवी फुटेज मांगे। इसके साथ ही आरोपियों की रिमांड, गलत विवेचना किए जाने, गिरफ्तारी के संबंध में अधिवक्ताओं ने बहस की। अब उक्त बिंदुओं पर आगे सुनवाई की जाएगी।
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ललितपुर। एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी गई। वहीं, आरोपियों की रिमांड को लेकर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ने न्यायालय में बहस की। गिरफ्तारी का प्रपत्र उपलब्ध कराने की मांग करते हुए विवेचकों से जिरह की।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में एलयूसीसी चिटफंड मामले में उरई निवासी आरोपी विपुल शुक्ला की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं, घोटालों में आरोपी झांसी निवासी राजेंद्र गुप्ता, संजीव खरे एवं उरई निवासी राजू बरसैंया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। इस मामले में आरोपियों की ओर से उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ने गिरफ्तारी को गलत बताते हुए विवेचना भी सही से न किए जाने का आरोप लगा न्यायालय से सुनवाई की मांग की थी।
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मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अनुपम वर्मा एवं स्थानीय अधिवक्ताओं ने आरोपियों की ओर से बहस की। आरोप लगाया कि पुलिस ने दो अभियुक्तों को उनके घर से उठाकर गिरफ्तारी ललितपुर में दिखाई है। उन्होंने गिरफ्तारी के प्रपत्र व सीसीटीवी फुटेज मांगे। इसके साथ ही आरोपियों की रिमांड, गलत विवेचना किए जाने, गिरफ्तारी के संबंध में अधिवक्ताओं ने बहस की। अब उक्त बिंदुओं पर आगे सुनवाई की जाएगी।
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