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Lalitpur News: सुबह 11 से चार बजे तक बाहर निकलने से करें परहेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। लू से बचाव व उपचार को लेकर मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य ने डॉक्टरों के साथ बैठक की। इस दौरान लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
प्राचार्य डॉ. द्विजेंद्र नाथ ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए दस बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार किया गया है। ओआरएस, आईवी फ्लूड, दवाएं, थर्मामीटर, वाटर कूलर समेत एसी, पंखा की सुविधा की गई है। अस्पताल में जगह-जगह ओआरएस के घोल रखवाए गए हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि लू के सामान्य लक्षण सिर दर्द होना, जी मिचलाना, चक्कर आना, पसीना न आना, अचानक अधिक बुखार होना, बेहोशी के साथ शरीर पर तापमान का नियंत्रण खो जाना है। सुबह 11 से शाम चार बजे तक घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। रसदार फल का सेवन करें।
सहायक आचार्य डॉ. आकृति यादव, डॉ. डीबी सिंह, डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि बच्चों में त्वचा लाल व शुष्क हो सकती है। शरीर का तापमान 104 डिग्री से ऊपर हो जाता है। सांस व धड़कन का तेज होना, सिरदर्द, कमजोरी महसूस हो सकती है। छह माह तक के बच्चे को नियमित स्तनपान कराते रहें। शरीर गर्म होने पर गीले कपड़े से पोछें। प्राचार्य ने हीटवेव वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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ललितपुर। लू से बचाव व उपचार को लेकर मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य ने डॉक्टरों के साथ बैठक की। इस दौरान लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
प्राचार्य डॉ. द्विजेंद्र नाथ ने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए दस बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार किया गया है। ओआरएस, आईवी फ्लूड, दवाएं, थर्मामीटर, वाटर कूलर समेत एसी, पंखा की सुविधा की गई है। अस्पताल में जगह-जगह ओआरएस के घोल रखवाए गए हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि लू के सामान्य लक्षण सिर दर्द होना, जी मिचलाना, चक्कर आना, पसीना न आना, अचानक अधिक बुखार होना, बेहोशी के साथ शरीर पर तापमान का नियंत्रण खो जाना है। सुबह 11 से शाम चार बजे तक घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। रसदार फल का सेवन करें।
सहायक आचार्य डॉ. आकृति यादव, डॉ. डीबी सिंह, डॉ. मनीष कुमार ने बताया कि बच्चों में त्वचा लाल व शुष्क हो सकती है। शरीर का तापमान 104 डिग्री से ऊपर हो जाता है। सांस व धड़कन का तेज होना, सिरदर्द, कमजोरी महसूस हो सकती है। छह माह तक के बच्चे को नियमित स्तनपान कराते रहें। शरीर गर्म होने पर गीले कपड़े से पोछें। प्राचार्य ने हीटवेव वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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