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अटल विद्या मंदिर को मिली स्वीकृति
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ललितपुर। श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई के लिए नवोदय विद्यालय जैसी सुविधा देने के लिए जिले में अटल विद्या मंदिर बनाने की स्वीकृति मिल गई है, जो ग्राम धौर्रा में बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव ने आदेश जारी कर जमीन के खसरा - खतौनी मांगे हैं।
शासन ने श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत नवोदय विद्यालय की तरह ही प्रत्येक मंडल में एक ही अटल विद्या मंदिर बनाया जाएगा। इसमें कक्षा छह से 12वीं तक के एक हजार बच्चों के पढ़ने की सुविधा मिलेगी, जिसमें पांच सौ लड़कियां व पांच सौ लड़के होंगे। इसके निर्माण में 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को बनाया गया है। इसके लिए ग्राम धौर्रा में 17 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी।
प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पिछले दिनों जिले के दौरे पर आए थे। उन्होंने विद्यालय को स्वीकृति जल्द दिलाने का आश्वासन दिया था। श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ का भी योगदान विद्यालय को स्वीकृत कराने में है।
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अटल विद्या मंदिर के निर्माण से ग्राम धौर्रा सहित आसपास के तमाम लोगों को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र में विद्यालय बन जाने से क्षेत्र का विकास होगा, जिससे लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनेगा। ग्राम प्रधान बबीता मिश्रा ने बताया कि गांव के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। अटल विद्या मंदिर की स्वीकृति बड़ी उपलब्धि है, इससे गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा।
श्रमिकों की आय बहुत कम होती है, इसलिए वह चाहते हुए भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पाते हैं और समय से पहले ही बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। इससे उनके बच्चों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता है। श्रम विभाग श्रमिकों का पंजीयन कर रहा है। अटल विद्या मंदिर में केवल उन्हीं श्रमिकों के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा, जो श्रम विभाग में पंजीकृत होंगे।
अटल विद्या मंदिर को मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा ने आदेश जारी कर दिया है। अब खसरा - खतौनी मांगी गई है। इससे जमीन संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
- डीपी अग्रहरि, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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शासन ने श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत नवोदय विद्यालय की तरह ही प्रत्येक मंडल में एक ही अटल विद्या मंदिर बनाया जाएगा। इसमें कक्षा छह से 12वीं तक के एक हजार बच्चों के पढ़ने की सुविधा मिलेगी, जिसमें पांच सौ लड़कियां व पांच सौ लड़के होंगे। इसके निर्माण में 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को बनाया गया है। इसके लिए ग्राम धौर्रा में 17 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी।
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प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य पिछले दिनों जिले के दौरे पर आए थे। उन्होंने विद्यालय को स्वीकृति जल्द दिलाने का आश्वासन दिया था। श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ का भी योगदान विद्यालय को स्वीकृत कराने में है।
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अटल विद्या मंदिर के निर्माण से ग्राम धौर्रा सहित आसपास के तमाम लोगों को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र में विद्यालय बन जाने से क्षेत्र का विकास होगा, जिससे लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनेगा। ग्राम प्रधान बबीता मिश्रा ने बताया कि गांव के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। अटल विद्या मंदिर की स्वीकृति बड़ी उपलब्धि है, इससे गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा।
श्रमिकों की आय बहुत कम होती है, इसलिए वह चाहते हुए भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पाते हैं और समय से पहले ही बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। इससे उनके बच्चों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता है। श्रम विभाग श्रमिकों का पंजीयन कर रहा है। अटल विद्या मंदिर में केवल उन्हीं श्रमिकों के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा, जो श्रम विभाग में पंजीकृत होंगे।
अटल विद्या मंदिर को मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा ने आदेश जारी कर दिया है। अब खसरा - खतौनी मांगी गई है। इससे जमीन संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
- डीपी अग्रहरि, जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी