फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Asking for dowry is not a traditional tradition: Dhanwantari Das

दहेज मांगना नहीं है सनातनी परंपरा: धनवंतरी दास

Sun, 21 Jan 2024 11:15 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jan 2024 11:15 PM IST
विज्ञापन
Asking for dowry is not a traditional tradition: Dhanwantari Das
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। तालाबपुरा स्थित धनुषधारी मंदिर में सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा में पांचवें दिन कथावाचक संत धनवंतरीदास ने कहा कि दहेज मांगना सनातनी परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुत्री का पिता अपनी हैसियत से अधिक ही धन देता है। लेकिन वर्तमान में कुछ लोग दहेज के कारण ससुराल में बंधुओं का उत्पीड़न करते हैं। यह सनातनी परंपरा नहीं है।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के तहत आयोजित शिवमहापुराण कार्यक्रम में सुबह शिवार्चन किया गया। इसके बाद कथा प्रारंभ हुई, कथा में शिव विवाह का अनूठा वर्णन किया गया। राजा हिमाचल ने किस प्रकार अपनी पुत्री का विवाह दिया, भोलेनाथ ने दहेज में कुछ नहीं मांगा, इसके बाद भी उन्हें इतना दहेज दिया कि वह देखने लायक था। उन्होंने कहा कि भेंट अपनी खुशी से दी जाती है, किसी से मांगी नहीं जाती है। इस अवसर पर संजय, सीएल गुप्ता, अरविंद नौगरिया, प्रभुदयाल, मनोज, सुदामा प्रसाद, आेम प्रकाश, बृजकिशोर, शरद खैरा, विनोद खैरा, कैलाश, अशोक, राजीवसेठ, नरेश, प्रदीप खैरा, राहुल, वैभव, महेश, नरेंद्र, आशीष, रामराजागुप्ता, अनुपम, दीपक, जयराम, प्रकाश, डीपी गुप्ता, सुरेंद्र, मिथेलश, राखी, कल्पना, सुनीता, नीतू, वर्षा, रविंद्र, रामकुमार, लखनलाल, लक्ष्मीनारायण, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed