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दहेज मांगना नहीं है सनातनी परंपरा: धनवंतरी दास
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तालाबपुरा स्थित धनुषधारी मंदिर में सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा में पांचवें दिन कथावाचक संत धनवंतरीदास ने कहा कि दहेज मांगना सनातनी परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुत्री का पिता अपनी हैसियत से अधिक ही धन देता है। लेकिन वर्तमान में कुछ लोग दहेज के कारण ससुराल में बंधुओं का उत्पीड़न करते हैं। यह सनातनी परंपरा नहीं है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के तहत आयोजित शिवमहापुराण कार्यक्रम में सुबह शिवार्चन किया गया। इसके बाद कथा प्रारंभ हुई, कथा में शिव विवाह का अनूठा वर्णन किया गया। राजा हिमाचल ने किस प्रकार अपनी पुत्री का विवाह दिया, भोलेनाथ ने दहेज में कुछ नहीं मांगा, इसके बाद भी उन्हें इतना दहेज दिया कि वह देखने लायक था। उन्होंने कहा कि भेंट अपनी खुशी से दी जाती है, किसी से मांगी नहीं जाती है। इस अवसर पर संजय, सीएल गुप्ता, अरविंद नौगरिया, प्रभुदयाल, मनोज, सुदामा प्रसाद, आेम प्रकाश, बृजकिशोर, शरद खैरा, विनोद खैरा, कैलाश, अशोक, राजीवसेठ, नरेश, प्रदीप खैरा, राहुल, वैभव, महेश, नरेंद्र, आशीष, रामराजागुप्ता, अनुपम, दीपक, जयराम, प्रकाश, डीपी गुप्ता, सुरेंद्र, मिथेलश, राखी, कल्पना, सुनीता, नीतू, वर्षा, रविंद्र, रामकुमार, लखनलाल, लक्ष्मीनारायण, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। तालाबपुरा स्थित धनुषधारी मंदिर में सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा में पांचवें दिन कथावाचक संत धनवंतरीदास ने कहा कि दहेज मांगना सनातनी परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुत्री का पिता अपनी हैसियत से अधिक ही धन देता है। लेकिन वर्तमान में कुछ लोग दहेज के कारण ससुराल में बंधुओं का उत्पीड़न करते हैं। यह सनातनी परंपरा नहीं है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के तहत आयोजित शिवमहापुराण कार्यक्रम में सुबह शिवार्चन किया गया। इसके बाद कथा प्रारंभ हुई, कथा में शिव विवाह का अनूठा वर्णन किया गया। राजा हिमाचल ने किस प्रकार अपनी पुत्री का विवाह दिया, भोलेनाथ ने दहेज में कुछ नहीं मांगा, इसके बाद भी उन्हें इतना दहेज दिया कि वह देखने लायक था। उन्होंने कहा कि भेंट अपनी खुशी से दी जाती है, किसी से मांगी नहीं जाती है। इस अवसर पर संजय, सीएल गुप्ता, अरविंद नौगरिया, प्रभुदयाल, मनोज, सुदामा प्रसाद, आेम प्रकाश, बृजकिशोर, शरद खैरा, विनोद खैरा, कैलाश, अशोक, राजीवसेठ, नरेश, प्रदीप खैरा, राहुल, वैभव, महेश, नरेंद्र, आशीष, रामराजागुप्ता, अनुपम, दीपक, जयराम, प्रकाश, डीपी गुप्ता, सुरेंद्र, मिथेलश, राखी, कल्पना, सुनीता, नीतू, वर्षा, रविंद्र, रामकुमार, लखनलाल, लक्ष्मीनारायण, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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