फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Archaeological museum will take the form of a museum

Lalitpur News: म्यूजियम का रूप लेगा पुरातत्व संग्रहालय

Sun, 18 May 2025 12:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 May 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
Archaeological museum will take the form of a museum
ललितपुर। जनपद में पुरातत्व पुरावशेषों का खजाना जगह जगह बिखरा है। इसे पुरातत्व विभाग संग्रहीत कर संरक्षित कर रहा है। पुरातत्व विभाग संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से जल्द ही सिद्धन बाईपास स्थित पुरातत्व संग्रहालय को म्यूजियम के रूप में विकसित करेगा, जिसमें सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं कलात्मक पुरावशेषों को संग्रहीत कर प्रदर्शित किया जाएगा। यहां शोधार्थी संग्रहीत मूर्तियाें पर शोध भी कर सकेंगे।
विज्ञापन

नेहरूनगर स्थित पुरातत्व संग्रहालय में छठवीं सदी से 11वीं और 12वीं सदी की प्राचीन मूर्तियों को संग्रहीत किया गया है। यहां एक सैकड़ा से अधिक प्राचीन मूर्तियां संरक्षित हैं। संग्रहालय में विभिन्न स्थल ग्राम कुचदों, बानपुर समेत अन्य क्षेत्रों से निकली प्राचीन मूर्तियों को लाकर सहेजा गया है। उनकी पहचान के लिए मूर्तियों के सामने उनके नाम और सदी का उल्लेख किया गया है।
विज्ञापन

संग्रहालय में कुचदों की भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति, नंदीश्वर भगवान की प्राचीन पत्थर की त्रिमूर्ति, भगवान बुध की प्राचीन प्रतिमा, भगवान विष्णु की कई रूपों की प्राचीन मूर्तियां समेत एक सैकड़ा से अधिक मूर्तियां यहां संरक्षित हैं। अब पुरातत्व विभाग, संस्कृति विभाग के माध्यम से इस संग्रहालय को जल्द ही म्यूजियम के रूप में विकसित करेगा। इसके स्थान पर यहां ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी मनोज कुमार यादव ने बताया कि बुंदेलखंड का ललितपुर क्षेत्र अपनी संस्कृतिक, ऐतिहासिक, कलात्मक शैली के लिए विश्व विख्यात है। तालबेहट, जखौरा, बार, बिरधा, महरौनी और मड़ावरा में कलात्मक वस्तुएं देखने को मिलती हैं। ललितपुर क्षेत्र के अंतर्गत केंद्रीय, राजकीय एवं निजी संरक्षण में पुरावशेषों का संग्रहण किया गया है, जो देवगढ़, नेहरू नगर स्थित सिद्धन बाईपास मार्ग ललितपुर में स्थित है। संग्रहालय के विस्तार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द यह एक नए म्यूजियम के रूप में नजर आएगा। यह संग्रहालय विद्वानों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों कलाप्रेमियों एवं अन्य जनमानस के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।

-----------
पुरातात्विक धरोहरों से समृद्ध है जिला
देवगढ़ में चंदेल कालीन प्राचीन मूर्तियां, गुफाएं, दूधई की नृसिंह भगवान की प्राचीन मूर्ति, कुचदों का शंकरजी का मंदिर, चांदपुर-जहाजपुर के शिवमंदिर, तालबेहट, बानपुर और बालाबेहट का प्राचीन किला, देवगढ़ के छठी शताब्दी के विश्व प्रसिद्ध उत्कीर्ण भगवान विष्णु, नरनारायणी दशावतार मंदिर, जैन तीर्थ क्षेत्र, शिव मंदिर, बार का मकबरा ऐसी धरोहर हैं, जिनकी कलाकृति पर्यटकों को लुभाने के लिए काफी है। मुख्यमंत्री भी प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों के विकास और उनके संरक्षण के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की समिति गठित कर चुके हैं। जिलाधिकारी को मुख्य पदाधिकारी बनाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed