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Lalitpur News: बीएसए कार्यालय में एंटी करप्शन का छापा, कनिष्ठ सहायक पकड़ा
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ललितपुर। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में बृहस्पतिवार दोपहर एंटी करप्शन झांसी की टीम ने छापा मारकर एक कनिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ लिया। सेवानिवृत्त शिक्षक से एरियर भुगतान के नाम पर पांच हजार रुपये लेने का आरोप है। टीम ने आरोपी के हाथ धुलाए तो केमिकल का रंग निकला, लेकिन रिश्वत की रकम बरामद नहीं हो सकी। टीम करीब तीन घंटे तक कार्यालय में रकम की तलाश करती रही। इसके बाद आरोपी को कोतवाली सदर ले जाया गया।
पुलिस के मुताबिक तालबेहट निवासी मदन मोहन नामदेव 2007 में शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें पेंशन मिल रही है। महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद उनका करीब 40 हजार रुपये एरियर बन रहा था। इसके लिए उन्होंने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर दी थी और भुगतान के लिए बीएसए कार्यालय में कनिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा से संपर्क किया। आरोप है कि एरियर भुगतान के नाम पर राजेश कुशवाहा ने उनसे पांच हजार रुपये की मांग की।
सेवानिवृत्त शिक्षक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन झांसी से की। शिकायत के बाद निरीक्षक श्याम सिंह के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। शिक्षक को पांच-पांच सौ रुपये के 10 नोट दिए गए, जिन पर केमिकल लगा था। शिक्षक को रुपये लेकर बीएसए कार्यालय भेजा गया, जबकि टीम के सदस्य बाहर निगरानी करने लगे। शिक्षक ने कार्यालय परिसर में राजेश कुशवाहा को रुपये दिए और टीम को संकेत कर दिया। इसके बाद टीम ने कनिष्ठ सहायक को पकड़ लिया। उसके हाथ धुलाए गए तो केमिकल का रंग निकल आया। हालांकि, तलाशी के दौरान रिश्वत के पांच हजार रुपये बरामद नहीं हुए।
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तीन घंटे तक कार्यालय में होती रही तलाश
एंटी करप्शन टीम ने कनिष्ठ सहायक की मेज, आसपास के स्थानों और कार्यालय में रकम की तलाश की। टीम करीब तीन घंटे तक कार्यालय में मौजूद रही। जांच के दौरान यह संभावना भी सामने आई कि रकम किसी अन्य व्यक्ति को दी गई हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपी कनिष्ठ सहायक ने रिश्वत लेने से इन्कार किया है। टीम ने उससे पूछताछ की और बाद में कोतवाली सदर ले गई।
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सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी इंतजार
कार्रवाई के दौरान एंटी करप्शन टीम ने कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मांगी। बताया गया कि टीम को फुटेज दिखाने में काफी समय लगा और करीब दो घंटे तक इसके लिए इंतजार करना पड़ा। टीम ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने को भी कहा। इस दौरान कार्यालय में अफरातफरी का माहौल रहा। कुछ कर्मचारियों ने कमरों में ताला लगा दिया और कार्यालय से चले गए।
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बीएसए कार्यालय के कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार ने मुझसे कार्यालय परिसर स्थित बगीचे में रुपये लिए थे। रुपये देने के बाद मैंने बाहर आकर टीम को संकेत किया, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई की।
मदन मोहन नामदेव ,सेवानिवृत्त शिक्षक
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सेवानिवृत्त शिक्षक की फाइल मैंने 18 अगस्त को ही निस्तारित कर दी थी। कनिष्ठ सहायक के पास फाइल क्यों रुकी थी, इसकी जानकारी नहीं है। एंटी करप्शन टीम ने कर्मचारी को पकड़ा है। विभागीय स्तर पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रत्नेश कुमार , बीएसए
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टीम ने शिकायत के आधार पर ट्रैप की कार्रवाई की। आरोपी के हाथ धुलाने पर केमिकल की पुष्टि हुई, लेकिन पांच हजार रुपये बरामद नहीं हुए। रकम की तलाश और पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ ललितपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
श्याम सिंह , निरीक्षक, एंटी करप्शन
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पुलिस के मुताबिक तालबेहट निवासी मदन मोहन नामदेव 2007 में शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें पेंशन मिल रही है। महंगाई भत्ता बढ़ने के बाद उनका करीब 40 हजार रुपये एरियर बन रहा था। इसके लिए उन्होंने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर दी थी और भुगतान के लिए बीएसए कार्यालय में कनिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा से संपर्क किया। आरोप है कि एरियर भुगतान के नाम पर राजेश कुशवाहा ने उनसे पांच हजार रुपये की मांग की।
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सेवानिवृत्त शिक्षक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन झांसी से की। शिकायत के बाद निरीक्षक श्याम सिंह के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। शिक्षक को पांच-पांच सौ रुपये के 10 नोट दिए गए, जिन पर केमिकल लगा था। शिक्षक को रुपये लेकर बीएसए कार्यालय भेजा गया, जबकि टीम के सदस्य बाहर निगरानी करने लगे। शिक्षक ने कार्यालय परिसर में राजेश कुशवाहा को रुपये दिए और टीम को संकेत कर दिया। इसके बाद टीम ने कनिष्ठ सहायक को पकड़ लिया। उसके हाथ धुलाए गए तो केमिकल का रंग निकल आया। हालांकि, तलाशी के दौरान रिश्वत के पांच हजार रुपये बरामद नहीं हुए।
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तीन घंटे तक कार्यालय में होती रही तलाश
एंटी करप्शन टीम ने कनिष्ठ सहायक की मेज, आसपास के स्थानों और कार्यालय में रकम की तलाश की। टीम करीब तीन घंटे तक कार्यालय में मौजूद रही। जांच के दौरान यह संभावना भी सामने आई कि रकम किसी अन्य व्यक्ति को दी गई हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपी कनिष्ठ सहायक ने रिश्वत लेने से इन्कार किया है। टीम ने उससे पूछताछ की और बाद में कोतवाली सदर ले गई।
सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी इंतजार
कार्रवाई के दौरान एंटी करप्शन टीम ने कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मांगी। बताया गया कि टीम को फुटेज दिखाने में काफी समय लगा और करीब दो घंटे तक इसके लिए इंतजार करना पड़ा। टीम ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने को भी कहा। इस दौरान कार्यालय में अफरातफरी का माहौल रहा। कुछ कर्मचारियों ने कमरों में ताला लगा दिया और कार्यालय से चले गए।
बीएसए कार्यालय के कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार ने मुझसे कार्यालय परिसर स्थित बगीचे में रुपये लिए थे। रुपये देने के बाद मैंने बाहर आकर टीम को संकेत किया, जिसके बाद टीम ने कार्रवाई की।
मदन मोहन नामदेव ,सेवानिवृत्त शिक्षक
सेवानिवृत्त शिक्षक की फाइल मैंने 18 अगस्त को ही निस्तारित कर दी थी। कनिष्ठ सहायक के पास फाइल क्यों रुकी थी, इसकी जानकारी नहीं है। एंटी करप्शन टीम ने कर्मचारी को पकड़ा है। विभागीय स्तर पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रत्नेश कुमार , बीएसए
टीम ने शिकायत के आधार पर ट्रैप की कार्रवाई की। आरोपी के हाथ धुलाने पर केमिकल की पुष्टि हुई, लेकिन पांच हजार रुपये बरामद नहीं हुए। रकम की तलाश और पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ ललितपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
श्याम सिंह , निरीक्षक, एंटी करप्शन