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समय से नहीं पहुंची एंबूलेंस, अस्पताल के गेट पर हुआ प्रसव
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जिला महिला अस्पताल का मुख्य गेट
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। घंटों से प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक महिला का एंबुलेंस समय से न मिलने के कारण अस्पताल के गेट पर ही प्रसव हो गया। प्रसव के दौरान जन्मा बच्चा जमीन पर गिर गया, इससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आननफानन प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। लेकिन बच्चा पैरों से दिव्यांग है। परिजनों ने एंबुलेंस कर्मियों पर तीन घंटे तक गुमराह करने का आरोप लगाया है। मामले में सीएमओ ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कोतवाली महरौनी के अंतर्गत ग्राम सिंगेपुर निवासी कृष्णा (23) पत्नी प्रेत कुमार को रविवार की रात में दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। जिसे वह कई घंटे तक सहन करती रही। प्रसूता के पति ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े सात बजे असहनीय पीड़ा होने पर पत्नी ने 102 नंबर पर फोन से सूचना देकर एंबुलेंस से मदद की गुहार लगाई। जिस पर एंबुलेंस के कर्मियों ने 20 मिनट में आने का आश्वासन दिया। इस तरह लगातार दो घंटे तक गुमराह किया गया। जब तीन घंटे तक भी एंबुलेंस नहीं आई तो वह सुबह 10 बजे दर्द से तड़प रही पत्नी को लेकर टैक्सी से अस्पताल भागा।
गेट पर जैसे ही पत्नी टैक्सी से उतरी उसी दौरान उसका प्रसव हो गया और बच्चा जमीन पर गिर गया। यह देख अस्पताल कर्मी दौड़े और उन लोगों ने तुरंत ही जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। अब दोनों की हालत ठीक है।
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दोनों पैर से दिव्यांग है महिला का यह तीसरा बच्चा, इससे पहले जन्मा बच्चा भी है दिव्यांग. बेटी स्वस्थ
प्रसूता से जन्मा बच्चा दोनों पैर से दिव्यांग है। महिला की तीसरा प्रसव था। इससे पहले प्रसव से जन्मा बच्चा भी दिव्यांग है। पहले प्रसव से जन्मी बच्ची स्वस्थ है। पति ने आरोप लगाया है कि एंबुलेंस कर्मी समय पर आए होते तो अस्पताल भी समय से आते और प्रसव में भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। इस मामले में एंबुलेंस के डिस्ट्रिक कोआर्डिनेटर धीरेंद्र से बात की, तो मामले में कुछ ही कहने से बचते रहे।
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एंबुलेंस कर्मियों के द्वारा प्रसूता के परिजनों को आने का आश्वासन देकर गुमराह करने का मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. डीके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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कोतवाली महरौनी के अंतर्गत ग्राम सिंगेपुर निवासी कृष्णा (23) पत्नी प्रेत कुमार को रविवार की रात में दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। जिसे वह कई घंटे तक सहन करती रही। प्रसूता के पति ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े सात बजे असहनीय पीड़ा होने पर पत्नी ने 102 नंबर पर फोन से सूचना देकर एंबुलेंस से मदद की गुहार लगाई। जिस पर एंबुलेंस के कर्मियों ने 20 मिनट में आने का आश्वासन दिया। इस तरह लगातार दो घंटे तक गुमराह किया गया। जब तीन घंटे तक भी एंबुलेंस नहीं आई तो वह सुबह 10 बजे दर्द से तड़प रही पत्नी को लेकर टैक्सी से अस्पताल भागा।
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गेट पर जैसे ही पत्नी टैक्सी से उतरी उसी दौरान उसका प्रसव हो गया और बच्चा जमीन पर गिर गया। यह देख अस्पताल कर्मी दौड़े और उन लोगों ने तुरंत ही जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। अब दोनों की हालत ठीक है।
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दोनों पैर से दिव्यांग है महिला का यह तीसरा बच्चा, इससे पहले जन्मा बच्चा भी है दिव्यांग. बेटी स्वस्थ
प्रसूता से जन्मा बच्चा दोनों पैर से दिव्यांग है। महिला की तीसरा प्रसव था। इससे पहले प्रसव से जन्मा बच्चा भी दिव्यांग है। पहले प्रसव से जन्मी बच्ची स्वस्थ है। पति ने आरोप लगाया है कि एंबुलेंस कर्मी समय पर आए होते तो अस्पताल भी समय से आते और प्रसव में भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। इस मामले में एंबुलेंस के डिस्ट्रिक कोआर्डिनेटर धीरेंद्र से बात की, तो मामले में कुछ ही कहने से बचते रहे।
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एंबुलेंस कर्मियों के द्वारा प्रसूता के परिजनों को आने का आश्वासन देकर गुमराह करने का मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. डीके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी