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Lalitpur News: गोविंद सागर, शहजाद और जामनी बांध के गेट खुले, अतिरिक्त पानी छोड़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले के गोविंद सागर, शहजाद और जामनी बांधों के कैचमेट एरिया में बारिश होने और ऊपरी क्षेत्र से पानी की आवक होने के बाद सोमवार की रात को तीनों बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई। बांधों के गेट खुलने पर निचले इलाकों से गुजरी नदियां उफान मारकर बहने लगी। सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी कर लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की।
पिछले तीन दिनों से जनपद में रुक-रुककर बारिश का क्रम सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को गोविंद सागर, शहजाद और जामनी बांध के कैचमेट एरिया में बारिश होने से नदी-नालों के जरिए पानी बांधों में पहुंचने लगा। इस कारण तीनों बांधों के जलस्तर में बढाेत्तरी होने लगी। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तीनों बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करने का आदेश दिया। जिसके बाद शाम करीब सात बजे गोविंद सागर बांध के आठ गेट दो-दो फुट से खोलकर 2304 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना शुरू किया। गोविंद सागर बांध के गेट खुलने पर शहजाद बांध में पानी की आवक ज्यादा होने लगी। इस पर जलस्तर को निर्धारित करने के लिए तीन गेट को दो-दो फुट खोलकर 6183 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। वहीं जामनी बांध के कैचमेट एरिया से पानी की आवक बांध में होने पर इसके गेट खोलकर 1992 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। बांधों के गेट खोले जाने से निचले इलाकों में बहने वाली शहजाद और जामनी नदी उफान मारकर बहने लगी। कई क्षेत्रों के रिपटे व पुलियां प्रभावित हुई और इनके ऊपर से पानी बहने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगाों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की। वहीं बांधों के जलस्तर की निगरानी भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के द्वारा की जा रही है। नोडल/अधिशासी अभियंता भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक ज्यादा होने के बाद गेटों को खोला गया है। जलस्तर निर्धारित होने के बाद गेटों को बंद कर दिया जाएगा।
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इस मानसून सीजन में हो चुकी 893 मिलीमीटर बारिश
जनपद में मानसून की शुरूआत 15 से 20 जून से होती है। इस मानसून सीजन में जून और जुलाई में मानक से काफी कम बारिश हुई थी। इस कारण से यहां के बांध, तालाब और पोखर खाली बने थे। जिला प्रशासन से लेकर सिंचाई विभाग और किसान भी चितिंत होने लगे थे। इसके बाद अगस्त माह में जिले में मानसून सक्रिय हुआ और झमाझम बारिश होना शुरू हुई जोकि सितंबर माह में अब तक जारी है। इससे जिले के सभी बांध लबालब हो गए और तालाब व पोखर भी भर गए। प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार जिले में मानसून सीजन के मानक 949.20 मिलीमीटर के सापेक्ष सोमवार की सुबह तक जनपद में 892.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हो चुकी है।
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जिले में मानसून सीजन का मानक और बारिश
माह - मानक - बारिश
जून - 93.00 मिमी. - 33.60 मिमी.
जुलाई - 346.00 मिमी. - 253.00 मिमी.
अगस्त - 341.70 मिमी. - 414.00 मिमी.
सितंबर - 168.50 मिमी. - 192.20 मिमी. अब तक
योग - 949.20 मिमी. - 892.92 मिमी.
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ललितपुर। जिले के गोविंद सागर, शहजाद और जामनी बांधों के कैचमेट एरिया में बारिश होने और ऊपरी क्षेत्र से पानी की आवक होने के बाद सोमवार की रात को तीनों बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई। बांधों के गेट खुलने पर निचले इलाकों से गुजरी नदियां उफान मारकर बहने लगी। सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी कर लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की।
पिछले तीन दिनों से जनपद में रुक-रुककर बारिश का क्रम सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को गोविंद सागर, शहजाद और जामनी बांध के कैचमेट एरिया में बारिश होने से नदी-नालों के जरिए पानी बांधों में पहुंचने लगा। इस कारण तीनों बांधों के जलस्तर में बढाेत्तरी होने लगी। जलस्तर को निर्धारित करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तीनों बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करने का आदेश दिया। जिसके बाद शाम करीब सात बजे गोविंद सागर बांध के आठ गेट दो-दो फुट से खोलकर 2304 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना शुरू किया। गोविंद सागर बांध के गेट खुलने पर शहजाद बांध में पानी की आवक ज्यादा होने लगी। इस पर जलस्तर को निर्धारित करने के लिए तीन गेट को दो-दो फुट खोलकर 6183 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। वहीं जामनी बांध के कैचमेट एरिया से पानी की आवक बांध में होने पर इसके गेट खोलकर 1992 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। बांधों के गेट खोले जाने से निचले इलाकों में बहने वाली शहजाद और जामनी नदी उफान मारकर बहने लगी। कई क्षेत्रों के रिपटे व पुलियां प्रभावित हुई और इनके ऊपर से पानी बहने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगाों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की। वहीं बांधों के जलस्तर की निगरानी भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के द्वारा की जा रही है। नोडल/अधिशासी अभियंता भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक ज्यादा होने के बाद गेटों को खोला गया है। जलस्तर निर्धारित होने के बाद गेटों को बंद कर दिया जाएगा।
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इस मानसून सीजन में हो चुकी 893 मिलीमीटर बारिश
जनपद में मानसून की शुरूआत 15 से 20 जून से होती है। इस मानसून सीजन में जून और जुलाई में मानक से काफी कम बारिश हुई थी। इस कारण से यहां के बांध, तालाब और पोखर खाली बने थे। जिला प्रशासन से लेकर सिंचाई विभाग और किसान भी चितिंत होने लगे थे। इसके बाद अगस्त माह में जिले में मानसून सक्रिय हुआ और झमाझम बारिश होना शुरू हुई जोकि सितंबर माह में अब तक जारी है। इससे जिले के सभी बांध लबालब हो गए और तालाब व पोखर भी भर गए। प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार जिले में मानसून सीजन के मानक 949.20 मिलीमीटर के सापेक्ष सोमवार की सुबह तक जनपद में 892.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हो चुकी है।
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जिले में मानसून सीजन का मानक और बारिश
माह - मानक - बारिश
जून - 93.00 मिमी. - 33.60 मिमी.
जुलाई - 346.00 मिमी. - 253.00 मिमी.
अगस्त - 341.70 मिमी. - 414.00 मिमी.
सितंबर - 168.50 मिमी. - 192.20 मिमी. अब तक
योग - 949.20 मिमी. - 892.92 मिमी.