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आरोप : मूलधन और ब्याज लौटाने के बाद भी जमीन का विक्रय पत्र नहीं किया वापस
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ललितपुर। पठा विजयपुरा में सूदखोर की अभद्रता से आहत होकर वृद्धा की आत्महत्या करने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि बुधवार को इसी गांव के एक व्यक्ति ने साहूकार पर मूलधन व ब्याज का रुपया लौटाने के बाद भी जमीन का विक्रय पत्र वापस न करने का आरोप लगाया। पीड़ित दंपती ने डीएम-एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली महरौनी के ग्राम पठा विजयपुरा निवासी कृष्णकुमार तिवारी ने डीएम-एसपी को शिकायती पत्र दिया। बताया कि वर्ष 2010 में उसके चचेरे भाई को कैंसर की बीमारी होने पर इलाज के लिए गांव के ही एक व्यक्ति से फुटकर में करीब दो लाख रुपये लिया था। वर्ष 2012 में उसके भाई की मौत हो गई। इसके बाद विपक्षी रुपया वापस करने का दबाव बनाने लगा। पिता रामदेव तिवारी से दबाव बनाकर 0.809 हेक्टेयर जमीन का विक्रय पत्र वर्ष 2016 में अपनी पत्नी के नाम इस शर्त पर करा लिया कि रुपये की पूरी वापसी होने के बाद विक्रय पत्र वापस कर देगा।
उसके पिता ने उक्त दो लाख रुपये मय ब्याज के 30 जून 2025 तक अदा कर दिया। उक्त विक्रय पत्र वापस करने को कहा तो विपक्षी हीलाहवाली करने लगा। उसने व उसके पिता ने पंचायत जोड़ी व पूरा लेनदेन बताया। ब्याज से ज्यादा देने की बात बताई। साहूकार ने खरीफ की फसल आने पर अक्तूबर में विक्रय पत्र वापस करने का आश्वासन दिया। 6 अक्तूबर की दोपहर उक्त विक्रय पत्र वापस करने को विपक्षी से कहा तो उसने गालियां दी और जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन वापस न करने की बात कही।
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कोतवाली महरौनी के ग्राम पठा विजयपुरा निवासी कृष्णकुमार तिवारी ने डीएम-एसपी को शिकायती पत्र दिया। बताया कि वर्ष 2010 में उसके चचेरे भाई को कैंसर की बीमारी होने पर इलाज के लिए गांव के ही एक व्यक्ति से फुटकर में करीब दो लाख रुपये लिया था। वर्ष 2012 में उसके भाई की मौत हो गई। इसके बाद विपक्षी रुपया वापस करने का दबाव बनाने लगा। पिता रामदेव तिवारी से दबाव बनाकर 0.809 हेक्टेयर जमीन का विक्रय पत्र वर्ष 2016 में अपनी पत्नी के नाम इस शर्त पर करा लिया कि रुपये की पूरी वापसी होने के बाद विक्रय पत्र वापस कर देगा।
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उसके पिता ने उक्त दो लाख रुपये मय ब्याज के 30 जून 2025 तक अदा कर दिया। उक्त विक्रय पत्र वापस करने को कहा तो विपक्षी हीलाहवाली करने लगा। उसने व उसके पिता ने पंचायत जोड़ी व पूरा लेनदेन बताया। ब्याज से ज्यादा देने की बात बताई। साहूकार ने खरीफ की फसल आने पर अक्तूबर में विक्रय पत्र वापस करने का आश्वासन दिया। 6 अक्तूबर की दोपहर उक्त विक्रय पत्र वापस करने को विपक्षी से कहा तो उसने गालियां दी और जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन वापस न करने की बात कही।
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