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दो वर्ष बाद भी नहीं हो सका 50 विस्तर के आयुष अस्पताल का निर्माण
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अस्पताल
- फोटो : ???????
ललितपुर। जनपद के समीपवर्ती ब्लाक जखौरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दैलवारा में दो वर्ष बाद भी अस्पताल बनकर तैयार नहीं हो सका है। इससे जनपदवासियों को आयुष इलाज के लिए भर्ती की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
शासन ने जिले में आयुष (आयुर्वेद) चिकित्सा पद्धति से उपचार की सुविधा देने के लिए ब्लाक जखौरा के ग्राम दैलवारा में 50 विस्तर के अस्पताल को निर्माण की स्वीकृति दी है। इसके निर्माण सात करोड़ पच्चीस लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है, इसका निर्माण लगभग जून 2018 में शुरु किया गया था। लेकिन, दो वर्ष बीतने के बाद भी कार्यदायी संस्था की उदासीनता के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों का आयुष पद्घति से इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
जिले में आयुष पद्घति को बढ़ावा देने के लिए शासन ने पचास बेड के अस्पताल की सुविधा दी है। अस्पताल के शुरु होने पर एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी से उपचार की सुविधा हो सकेगी। अस्पताल में आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी पद्धति से रोगियों का उपचार किया जाएगा। अस्पताल में ओपीडी ही नहीं, बल्कि मरीजों की भर्ती की सुविधा भी रहेगी। अस्पताल में हिजामा थैरेपी, पंचकर्म व सिरोधारा समित जैसी सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। अस्पताल में सर्जरी, अल्ट्रासाउंड, ईएनटी, गठिया, मेडिसिन, बाल रोग, स्त्री रोग विभाग, पैथॉलाजी और इमरजेंसी की भी सुविधा होगी। आयुर्वेदिक पद्घति का इलाज ऐलोपैथी की अपेक्षा उपचार बहुत सस्ता पड़ता है। इस कारण गरीब आदमी भी आसानी से उपचार करा सकेगा। अस्पताल बनाने का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को आसानी से सस्ता इलाज मुहैया हो सकेगा।
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दैलवारा के आयुष अस्पताल का निर्माण लॉकडाउन के चलते प्रभावित हो गया है। अब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शीघ्र ही अस्पताल तैयार हो जाएगा। - डा. चारूशीला शरण, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्साधिकारी
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शासन ने जिले में आयुष (आयुर्वेद) चिकित्सा पद्धति से उपचार की सुविधा देने के लिए ब्लाक जखौरा के ग्राम दैलवारा में 50 विस्तर के अस्पताल को निर्माण की स्वीकृति दी है। इसके निर्माण सात करोड़ पच्चीस लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है, इसका निर्माण लगभग जून 2018 में शुरु किया गया था। लेकिन, दो वर्ष बीतने के बाद भी कार्यदायी संस्था की उदासीनता के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में लोगों का आयुष पद्घति से इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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जिले में आयुष पद्घति को बढ़ावा देने के लिए शासन ने पचास बेड के अस्पताल की सुविधा दी है। अस्पताल के शुरु होने पर एक ही छत के नीचे आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी से उपचार की सुविधा हो सकेगी। अस्पताल में आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी पद्धति से रोगियों का उपचार किया जाएगा। अस्पताल में ओपीडी ही नहीं, बल्कि मरीजों की भर्ती की सुविधा भी रहेगी। अस्पताल में हिजामा थैरेपी, पंचकर्म व सिरोधारा समित जैसी सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। अस्पताल में सर्जरी, अल्ट्रासाउंड, ईएनटी, गठिया, मेडिसिन, बाल रोग, स्त्री रोग विभाग, पैथॉलाजी और इमरजेंसी की भी सुविधा होगी। आयुर्वेदिक पद्घति का इलाज ऐलोपैथी की अपेक्षा उपचार बहुत सस्ता पड़ता है। इस कारण गरीब आदमी भी आसानी से उपचार करा सकेगा। अस्पताल बनाने का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को आसानी से सस्ता इलाज मुहैया हो सकेगा।
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दैलवारा के आयुष अस्पताल का निर्माण लॉकडाउन के चलते प्रभावित हो गया है। अब निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शीघ्र ही अस्पताल तैयार हो जाएगा। - डा. चारूशीला शरण, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्साधिकारी