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Lalitpur News: पति को खोने के बाद इकलाैती बेटी को मजदूरी कर पाला, अब नाती-नातिन समेत उसे भी खो दिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। छह माह की बच्ची थी, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। मां ने मायके में रहकर मजदूरी की, बेटी को पाल-पोसकर बड़ा किया और अरमानों के साथ उसकी शादी कर दी। सोमवार सुबह जब इकलौती बेटी दीपा और उसके दो मासूम बच्चों की मौत की खबर मिली तो मां लीला की दुनिया ही उजड़ गई। खबर सुनते ही वह आंगन में बेहोश होकर गिर पड़ी। होश आने पर वह बार-बार यही कहती रही कि पहले पति चला गया, अब बेटी और नाती-नातिन भी छोड़ गए।
मृतका के मामा रामबाबू ने बताया कि लीला के पति गोविंद की मौत उस समय हो गई थी, जब दीपा महज छह माह की थी। इसके बाद लीला अपनी बेटी को लेकर मायके धौर्रा आ गई। दो भाइयों के सहारे और मजदूरी कर उसने बेटी का पालन-पोषण किया। करीब सात-आठ वर्ष पहले उसने दीपा की शादी थाना पाली क्षेत्र के ग्राम चंदेरा निवासी विट्टी यादव से की थी।
परिजनों के अनुसार शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन पति की शराब की लत और आए दिन होने वाले विवाद ने दीपा का जीवन मुश्किल बना दिया। जून में वह तीनों बच्चों के साथ मां के घर लौट आई थी। करीब दस दिन पहले पति उसे समझाकर वापस ले गया लेकिन रविवार रात फिर विवाद हुआ। अगले ही दिन यह दुखद घटना हो गई।
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घटना के बाद धौर्रा गांव में मातम पसरा है। घर पर ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि अगर समय रहते विवाद का समाधान हो जाता, तो शायद यह परिवार आज सुरक्षित होता।
पांच साल की दिव्यांशी गहरे सदमे में
इस हादसे में बची पांच वर्षीय दिव्यांशी गहरे सदमे में है। परिजनों के अनुसार वह घटना के बाद से चुप है और किसी से बात नहीं कर रही। घर के एक कोने में गुमसुम बैठी बच्ची को देख परिजनों की आंखें भी नम हो जा रही हैं।
परिजनों के आरोपों की होगी जांच
परिजनों ने आरोप लगाया है कि पति शराब के नशे में अक्सर विवाद करता था और गर्भपात का दबाव भी बना रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना से पहले महिला शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंची थी। इन सभी आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
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चांदी की करधनी बेचकर खरीदा मोबाइल, विरोध पर हुआ था विवाद
मृतका के मामा रामबाबू ने बताया कि दीपा का पति विट्टी यादव शादी-विवाह समेत अन्य कार्यक्रमों में हलवाई का काम करता था। परिजनों का आरोप है कि शराब की लत के कारण वह आर्थिक रूप से परिवार की जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा था। करीब दस दिन पहले उसने दीपा की चांदी की करधनी बेचकर नया मोबाइल फोन खरीद लिया था। इसका दीपा ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ था। परिजनों के अनुसार इसी घटना के बाद से दीपा काफी आहत थी।
ग्रामीणों से बोली- ''यहीं जा रही हूं''
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार सुबह जब दीपा अपने तीनों बच्चों के साथ घर से निकली तो रास्ते में कुछ लोगों ने उससे पूछा कि कहां जा रही हो। इस पर उसने सिर्फ इतना कहा, यहीं जा रही हूं और आगे बढ़ गई। उस समय वह छोटे बेटे को गोद में लिए थी, जबकि दूसरी बेटी का हाथ पकड़े हुए थी और बड़ी बेटी उसके साथ चल रही थी।
सदमे में है पांच वर्षीय दिव्यांशी
हादसे में बची पांच वर्षीय दिव्यांशी गहरे सदमे में है। परिजनों के अनुसार वह घटना के बाद से बेहद शांत है और किसी से बात नहीं कर रही। घर पहुंचने के बाद वह काफी देर तक रोती रही, फिर एक कोने में चुपचाप बैठ गई। पुलिस ने भी उससे जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन उसने बहुत कम प्रतिक्रिया दी।
तीन सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल ने किया पोस्टमार्टम
महिला और उसके दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल से कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले वर्षों में भी रेलवे ट्रैक पर कई दर्दनाक घटनाएं
ललितपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान रेलवे ट्रैक पर कई जानलेवा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2016, 2019, 2020, 2021, 2023, 2024 और 2025 में भी ऐसे मामले दर्ज हुए, जिनमें व्यक्तिगत, पारिवारिक अथवा अन्य कारणों से लोगों की मौत हुई। पुलिस ने सभी मामलों में परिस्थितियों के अनुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की थी।
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ललितपुर। छह माह की बच्ची थी, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। मां ने मायके में रहकर मजदूरी की, बेटी को पाल-पोसकर बड़ा किया और अरमानों के साथ उसकी शादी कर दी। सोमवार सुबह जब इकलौती बेटी दीपा और उसके दो मासूम बच्चों की मौत की खबर मिली तो मां लीला की दुनिया ही उजड़ गई। खबर सुनते ही वह आंगन में बेहोश होकर गिर पड़ी। होश आने पर वह बार-बार यही कहती रही कि पहले पति चला गया, अब बेटी और नाती-नातिन भी छोड़ गए।
मृतका के मामा रामबाबू ने बताया कि लीला के पति गोविंद की मौत उस समय हो गई थी, जब दीपा महज छह माह की थी। इसके बाद लीला अपनी बेटी को लेकर मायके धौर्रा आ गई। दो भाइयों के सहारे और मजदूरी कर उसने बेटी का पालन-पोषण किया। करीब सात-आठ वर्ष पहले उसने दीपा की शादी थाना पाली क्षेत्र के ग्राम चंदेरा निवासी विट्टी यादव से की थी।
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परिजनों के अनुसार शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन पति की शराब की लत और आए दिन होने वाले विवाद ने दीपा का जीवन मुश्किल बना दिया। जून में वह तीनों बच्चों के साथ मां के घर लौट आई थी। करीब दस दिन पहले पति उसे समझाकर वापस ले गया लेकिन रविवार रात फिर विवाद हुआ। अगले ही दिन यह दुखद घटना हो गई।
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घटना के बाद धौर्रा गांव में मातम पसरा है। घर पर ग्रामीणों और रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि अगर समय रहते विवाद का समाधान हो जाता, तो शायद यह परिवार आज सुरक्षित होता।
पांच साल की दिव्यांशी गहरे सदमे में
इस हादसे में बची पांच वर्षीय दिव्यांशी गहरे सदमे में है। परिजनों के अनुसार वह घटना के बाद से चुप है और किसी से बात नहीं कर रही। घर के एक कोने में गुमसुम बैठी बच्ची को देख परिजनों की आंखें भी नम हो जा रही हैं।
परिजनों के आरोपों की होगी जांच
परिजनों ने आरोप लगाया है कि पति शराब के नशे में अक्सर विवाद करता था और गर्भपात का दबाव भी बना रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना से पहले महिला शिकायत लेकर पुलिस चौकी पहुंची थी। इन सभी आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
चांदी की करधनी बेचकर खरीदा मोबाइल, विरोध पर हुआ था विवाद
मृतका के मामा रामबाबू ने बताया कि दीपा का पति विट्टी यादव शादी-विवाह समेत अन्य कार्यक्रमों में हलवाई का काम करता था। परिजनों का आरोप है कि शराब की लत के कारण वह आर्थिक रूप से परिवार की जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा था। करीब दस दिन पहले उसने दीपा की चांदी की करधनी बेचकर नया मोबाइल फोन खरीद लिया था। इसका दीपा ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ था। परिजनों के अनुसार इसी घटना के बाद से दीपा काफी आहत थी।
ग्रामीणों से बोली- ''यहीं जा रही हूं''
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार सुबह जब दीपा अपने तीनों बच्चों के साथ घर से निकली तो रास्ते में कुछ लोगों ने उससे पूछा कि कहां जा रही हो। इस पर उसने सिर्फ इतना कहा, यहीं जा रही हूं और आगे बढ़ गई। उस समय वह छोटे बेटे को गोद में लिए थी, जबकि दूसरी बेटी का हाथ पकड़े हुए थी और बड़ी बेटी उसके साथ चल रही थी।
सदमे में है पांच वर्षीय दिव्यांशी
हादसे में बची पांच वर्षीय दिव्यांशी गहरे सदमे में है। परिजनों के अनुसार वह घटना के बाद से बेहद शांत है और किसी से बात नहीं कर रही। घर पहुंचने के बाद वह काफी देर तक रोती रही, फिर एक कोने में चुपचाप बैठ गई। पुलिस ने भी उससे जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन उसने बहुत कम प्रतिक्रिया दी।
तीन सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल ने किया पोस्टमार्टम
महिला और उसके दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल से कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वर्षों में भी रेलवे ट्रैक पर कई दर्दनाक घटनाएं
ललितपुर जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान रेलवे ट्रैक पर कई जानलेवा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2016, 2019, 2020, 2021, 2023, 2024 और 2025 में भी ऐसे मामले दर्ज हुए, जिनमें व्यक्तिगत, पारिवारिक अथवा अन्य कारणों से लोगों की मौत हुई। पुलिस ने सभी मामलों में परिस्थितियों के अनुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की थी।