फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   अतिक्रमण के आरोप में सात सहरियों को जेल

अतिक्रमण के आरोप में सात सहरियों को जेल

Wed, 03 Sep 2014 05:31 AM IST
Lalitpur
Lalitpur Updated Wed, 03 Sep 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
ललितपुर। पाली क्षेत्र के सात सहरिया आदिवासियों को वन भूमि पर अतिक्रमण करना महंगा पड़ गया। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए पकडे़ गए सात सहरिया आदिवासियों को जेल भेज दिया है। आदिवासियों पर लगाई गई धाराएं गैर जमानतीय हैं।
विज्ञापन

सामाजिक वानिकी प्रभाग के अधिकारियों ने अवैध कटान, खनन व अतिक्रमण को रोकने के लिए छापामार कार्रवाई के साथ सख्त धाराएं लगाना प्रारंभ कर दिया है। गत दिवस पाली क्षेत्र में अतिक्रमण की सूचना डीएफओ वी के जैन को मिली। उन्होंने क्षेत्रीय वनाधिकारी अरविंद मिश्रा को छापामार कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने क्षेत्रीय कर्मचारी डिप्टी रेंजर महेश तिवारी, वन दारोगा अनूप श्रीवास्तव, उदयभान सिंह, कमलापत, श्रीपत, गजेंद्र सिंह, ह्देश श्रीवास्तव व हनुमत सिंह को साथ लेकर कार्रवाई की। मौके पर पाया कि नील कंठेश्वर मंदिर के निकट सहरिया समुदाय के लोग वन क्षेत्र में तेंदू, महुआ, सेजा आदि पेड़ पौधों को नुुकसान पहुंचाकर झाड़ी की सफाई कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सीमा स्तंभ भी क्षतिग्रस्त कर दिए थे। वे कृषि योग्य भूमि बनाने के लिए अतिक्रमण का प्रयास कर रहे थे। छापामार दल के लोगों ने घेराबंदी करते हुए मुल्लन सहरिया, नंदू सहरिया, देवी सहरिया, खिलान सहरिया, पुरूषोत्तम सहरिया, गनपत सहरिया व बाली सहरिया निवासीगण वार्ड पाण्डयाना को वन भूमि पर पकड़ लिया। विभागीय अफसरों ने सभी आरोपियों का भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 की च, ज, 63 ग, वन जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 29 व लोक संपत्ति क्षति अधिनियम 1984 के तहत चालान कर उन्हें जेल भेज दिया।
विज्ञापन

डीएफओ वी के जैन का कहना है कि भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा अजमानतीय वन अपराध है। आगे भी इसी तरह की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed