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मंदिर परिसर में बने कमरे की छत ढही
Lalitpur
Updated Tue, 08 Oct 2013 05:40 AM IST
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ललितपुर। मूसलाधार बारिश के चलते पुराने जर्जर भवनों का धराशाई होना जारी है। सोमवार की सुबह खिरकापुरा स्थित प्राचीन गोविंद बिहारी मंदिर परिसर में बने कमरे की छत ढहने से एक युवक की मलबे में दबकर मौत हो गई तथा उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल को उपचार के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
मोहल्ला खिरकापुरा निवासी चमेलीबाई (55) पुत्र धन्नालाल कुशवाहा गोविंद बिहारी मंदिर परिसर में बने कमरे में किराए से रहती थी। रविवार देर रात चमेली बाई का पुत्र रतन (22) दुर्गा जी की झांकी से आकर मां के साथ कमरे में सो गया। सोमवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे कमरे की छत अचानक भरभराकर ढह गई, जिसकी आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे और मलबे के नीचे दबे मां बेटे को निकालने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद लोगाें ने रतन को मृत अवस्था में बाहर निकाल लिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल चमेलीबाई को उपचार के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। हादसे में मृत रतन पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर काफी पुराना होने के कारण उसकी दीवारें जर्जर हो गई हैं। बारिश के पानी से उसमें सीलन आ गई, जिससे हादसा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में ही एक स्कूल संचालित होता है। इस घटना के बाद अभिभावकों के मन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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मोहल्ला खिरकापुरा निवासी चमेलीबाई (55) पुत्र धन्नालाल कुशवाहा गोविंद बिहारी मंदिर परिसर में बने कमरे में किराए से रहती थी। रविवार देर रात चमेली बाई का पुत्र रतन (22) दुर्गा जी की झांकी से आकर मां के साथ कमरे में सो गया। सोमवार तड़के लगभग साढ़े तीन बजे कमरे की छत अचानक भरभराकर ढह गई, जिसकी आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग घटनास्थल की ओर पहुंचे और मलबे के नीचे दबे मां बेटे को निकालने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद लोगाें ने रतन को मृत अवस्था में बाहर निकाल लिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल चमेलीबाई को उपचार के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। हादसे में मृत रतन पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर काफी पुराना होने के कारण उसकी दीवारें जर्जर हो गई हैं। बारिश के पानी से उसमें सीलन आ गई, जिससे हादसा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में ही एक स्कूल संचालित होता है। इस घटना के बाद अभिभावकों के मन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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