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मिसिलबंद रजिस्टर में दर्ज नहीं मिले सोलह सौ मुकदमे
Lalitpur
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। ललितपुर सदर तहसील के वार्षिक निरीक्षण में जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद को हदबंदी छोड़ अन्य राजस्व मामलों की प्रगति दुरुस्त मिली। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए तहसील के नक्शे में सिंचाई विभाग, रेलवे लाइन व नेशनल हाइवे की अधिग्रहीत जमीन दर्ज करने के निर्देश दिए।
जमीन क्रय विक्रय के पश्चात हदबंदी कराई जाती है। विवादित मामलों में भी इस प्रक्रिया से मामलों के निस्तारण होते हैं। ललितपुर सदर तहसील स्थित विभिन्न न्यायालयों में इस तरह के अट्ठारह सौ मुकदमे चल रहे हैं। नियमानुसार उक्त वादों को मिसिलबंद रजिस्टर में दर्ज करना चाहिए लेकिन इनमें से सिर्फ दो सौ वादों को ही उक्त रजिस्टर में दर्ज किया गया। इत्तेफाक से बुधवार को वार्षिक निरीक्षण को सदर तहसील में निरीक्षण को पहुंचे जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने हदबंदी वादों का विवरण तलब किया। अभिलेखों का अवलोकन करते ही यह खामी उनके समक्ष आ गई। उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर आनंद स्वरूप, तहसीलदार अरुण कुमार व कानूनगो से सवाल जवाब किए, फिर वादों को मिसिल बंद रजिस्टर में दर्ज करने को कहा। इसके बाद जिलाधिकारी ने मुआयना रजिस्टर भूराजस्व, मालकाना रजिस्टर, परवाना रजिस्टर, अग्निशमन रजिस्टर, अनाधिकृत कब्जा संबंधी पंजिका, कृषक दुर्घटना बीमा, आम आदमी बीमा योजना के अभिलेखों को खंगाला। उक्त अभिलेखों का लेखाजोखा दुरुस्त पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। इस दौरान यह भी पाया गया कि तहसील में सिंचाई विभाग, रेलवे व नेशनल हाइवे के भूमि अधिग्रहण को राजस्व अभिलेखों व नक्शों में दुरुस्त नहीं किया गया। जिलाधिकारी ने तीव्र गति के साथ नक्शा व अभिलेख अपडेट करने के निर्देश दिए।
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जमीन क्रय विक्रय के पश्चात हदबंदी कराई जाती है। विवादित मामलों में भी इस प्रक्रिया से मामलों के निस्तारण होते हैं। ललितपुर सदर तहसील स्थित विभिन्न न्यायालयों में इस तरह के अट्ठारह सौ मुकदमे चल रहे हैं। नियमानुसार उक्त वादों को मिसिलबंद रजिस्टर में दर्ज करना चाहिए लेकिन इनमें से सिर्फ दो सौ वादों को ही उक्त रजिस्टर में दर्ज किया गया। इत्तेफाक से बुधवार को वार्षिक निरीक्षण को सदर तहसील में निरीक्षण को पहुंचे जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने हदबंदी वादों का विवरण तलब किया। अभिलेखों का अवलोकन करते ही यह खामी उनके समक्ष आ गई। उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर आनंद स्वरूप, तहसीलदार अरुण कुमार व कानूनगो से सवाल जवाब किए, फिर वादों को मिसिल बंद रजिस्टर में दर्ज करने को कहा। इसके बाद जिलाधिकारी ने मुआयना रजिस्टर भूराजस्व, मालकाना रजिस्टर, परवाना रजिस्टर, अग्निशमन रजिस्टर, अनाधिकृत कब्जा संबंधी पंजिका, कृषक दुर्घटना बीमा, आम आदमी बीमा योजना के अभिलेखों को खंगाला। उक्त अभिलेखों का लेखाजोखा दुरुस्त पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। इस दौरान यह भी पाया गया कि तहसील में सिंचाई विभाग, रेलवे व नेशनल हाइवे के भूमि अधिग्रहण को राजस्व अभिलेखों व नक्शों में दुरुस्त नहीं किया गया। जिलाधिकारी ने तीव्र गति के साथ नक्शा व अभिलेख अपडेट करने के निर्देश दिए।
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