{"_id":"25-27028","slug":"Lalitpur-27028-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएम क्या आए, चकाचक हो गया स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएम क्या आए, चकाचक हो गया स्टेशन
Lalitpur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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ललितपुर। एक बार फिर ललितपुर रेलवे स्टेशन की यात्री सुविधाओं को जीएम निरीक्षण से पहले चकाचक कर लिया गया। निरीक्षण केे दौरान स्टेशन के अंदर प्लेट फार्मों पर सब कुछ ठीकठाक मिला लेकिन बाहरी परिसर में कुछ स्थानों पर गंदगी मिली, जिसे उन्होंने साफ कराने के निर्देश दिए । दौरे के मद्देनजर अफसरों द्वारा समस्याओं पर डाला गया मुलम्मा कितने दिन व्यवस्थाओं को दुरुस्त रख पाता है यह एक यक्ष प्रश्न है?
विशेष ट्रेन से प्लेटफार्म नंबर एक पर आए जीएम आलोक जौहरी व डीआरएम नवीन चौपड़ा ने अमानती घर का निरीक्षण किया, यहां स्टोर रूम में रखे सामान का रजिस्टर से मिलान किया गया। प्लटेफार्म नंबर एक पर रखे सामान की लोडिंग के संबंध में स्टेशन अधीक्षक से सवाल किए गए। द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय पहुंचे जीएम ने पुरुष व महिला प्रसाधन की साफ सफाई का जायजा लिया। आम तौर पर गंदगी से बजबजाने वाले प्रसाधन साफ सुधरे नजर आए। अफसरों का दल कार्यालय मुख्य टिकट निरीक्षक पहुंचा, यहां मौजूद अफसरों से उन्होंने बातचीत की। टिकट घर पर खड़े मुसाफिरों से भी सुविधाओं को लेकर चरचा की गई। स्टेशन परिसर के बाहर पुराना आरक्षण केंद्र बंद करने पर सवाल उठाए और भवन का उपयोग किए जाने के निर्देश दिए। स्टेशन के बाहरी हिस्से में पार्किंग स्पेस बढ़ाने के निर्देश दिए। नये आरक्षण केंद्र के बाहर रखे केबल के संबंध में विभागीय का अफसर जवाब नहीं दे सके। आरक्षण केंद्र में भी उन्होंने यात्रियों से चरचा की और आरक्षण ड्यूटी कर रहे विभागीय अफसरों से ट्रैफिक पूछा। जवाब से संतुष्ट होकर जीएम बाहर निकल आए। यहां खाली स्थान पर कूड़ा व गोबर देख तत्काल साफ सफाई के निर्देश दिए। टिन शेड से बाहर की ओर जाने वाले मार्ग की हालत देख उसके निर्माण को कहा। अस्थायी टैंपों स्टैंड के पास सधांड़ मारता कीचड़ देख स्टेशन अधीक्षक को साफ सफाई करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद आला अफसरों के दल ने स्टेशन प्रबंधक कक्ष, उप स्टेशन प्रबंधक, महिला प्रतीक्षालय, प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय, प्लेटफार्म नंबर दो, तीन तथा रेलवे अस्पताल का निरीक्षण किया। स्थानीय अफसरों की तैयारियां रंग लाईं और जीएम को कोई खास कमी नजर नहीं आई।
बांधी गई खतरे की पट्टी
ललितपुर। प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर रखे गए चैंबरों से हो रही दुर्घटनाओं पर परदा डालने के लिए सोमवार को खतरे की सूचक एक पट्टी बांध दी गई। अफसरों के निर्देश पर की गई इस औपचारिकता ने समस्या पर ही परदा डाल दिया। आला अधिकारियों का इस ओर ध्यान ही नहीं गया।
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वर्षों बाद निकली शिकायत पुस्तिका
ललितपुर। यात्री शिकायत पुस्तिका पर कोई भी रेलवे यात्री अपनी शिकायत अंकित कर सकता है। यह पुस्तिका ललितपुर रेलवे स्टेशन पर रखी ही नहीं जाती। यात्रियों के मांगने पर उन्हें टरका दिया जाता है। जीएम के निरीक्षण को देखते हुए सोमवार को यह पुस्तिका उप स्टेशन प्रबंधक के कमरे में रखी गई।
दिन में रॉड से रोशनी
ललितपुर। रेलवे स्टेशन को कुछ घंटों में चकाचक करने वाले अफसर जीएम को दिन में भी रोशनी दिखाते रहे। यही वजह रही कि प्लेटफार्म नंबर एक पर कई रॉड जलते हुए छोड़ दिए गए। हालांकि आला अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ी। लेकिन, बिजली की बरबादी तो होती रही।
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विशेष ट्रेन से प्लेटफार्म नंबर एक पर आए जीएम आलोक जौहरी व डीआरएम नवीन चौपड़ा ने अमानती घर का निरीक्षण किया, यहां स्टोर रूम में रखे सामान का रजिस्टर से मिलान किया गया। प्लटेफार्म नंबर एक पर रखे सामान की लोडिंग के संबंध में स्टेशन अधीक्षक से सवाल किए गए। द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय पहुंचे जीएम ने पुरुष व महिला प्रसाधन की साफ सफाई का जायजा लिया। आम तौर पर गंदगी से बजबजाने वाले प्रसाधन साफ सुधरे नजर आए। अफसरों का दल कार्यालय मुख्य टिकट निरीक्षक पहुंचा, यहां मौजूद अफसरों से उन्होंने बातचीत की। टिकट घर पर खड़े मुसाफिरों से भी सुविधाओं को लेकर चरचा की गई। स्टेशन परिसर के बाहर पुराना आरक्षण केंद्र बंद करने पर सवाल उठाए और भवन का उपयोग किए जाने के निर्देश दिए। स्टेशन के बाहरी हिस्से में पार्किंग स्पेस बढ़ाने के निर्देश दिए। नये आरक्षण केंद्र के बाहर रखे केबल के संबंध में विभागीय का अफसर जवाब नहीं दे सके। आरक्षण केंद्र में भी उन्होंने यात्रियों से चरचा की और आरक्षण ड्यूटी कर रहे विभागीय अफसरों से ट्रैफिक पूछा। जवाब से संतुष्ट होकर जीएम बाहर निकल आए। यहां खाली स्थान पर कूड़ा व गोबर देख तत्काल साफ सफाई के निर्देश दिए। टिन शेड से बाहर की ओर जाने वाले मार्ग की हालत देख उसके निर्माण को कहा। अस्थायी टैंपों स्टैंड के पास सधांड़ मारता कीचड़ देख स्टेशन अधीक्षक को साफ सफाई करवाने के निर्देश दिए। इसके बाद आला अफसरों के दल ने स्टेशन प्रबंधक कक्ष, उप स्टेशन प्रबंधक, महिला प्रतीक्षालय, प्रथम श्रेणी प्रतीक्षालय, प्लेटफार्म नंबर दो, तीन तथा रेलवे अस्पताल का निरीक्षण किया। स्थानीय अफसरों की तैयारियां रंग लाईं और जीएम को कोई खास कमी नजर नहीं आई।
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बांधी गई खतरे की पट्टी
ललितपुर। प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर रखे गए चैंबरों से हो रही दुर्घटनाओं पर परदा डालने के लिए सोमवार को खतरे की सूचक एक पट्टी बांध दी गई। अफसरों के निर्देश पर की गई इस औपचारिकता ने समस्या पर ही परदा डाल दिया। आला अधिकारियों का इस ओर ध्यान ही नहीं गया।
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वर्षों बाद निकली शिकायत पुस्तिका
ललितपुर। यात्री शिकायत पुस्तिका पर कोई भी रेलवे यात्री अपनी शिकायत अंकित कर सकता है। यह पुस्तिका ललितपुर रेलवे स्टेशन पर रखी ही नहीं जाती। यात्रियों के मांगने पर उन्हें टरका दिया जाता है। जीएम के निरीक्षण को देखते हुए सोमवार को यह पुस्तिका उप स्टेशन प्रबंधक के कमरे में रखी गई।
दिन में रॉड से रोशनी
ललितपुर। रेलवे स्टेशन को कुछ घंटों में चकाचक करने वाले अफसर जीएम को दिन में भी रोशनी दिखाते रहे। यही वजह रही कि प्लेटफार्म नंबर एक पर कई रॉड जलते हुए छोड़ दिए गए। हालांकि आला अधिकारियों की नजर इस पर नहीं पड़ी। लेकिन, बिजली की बरबादी तो होती रही।