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सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति ने देखा वृक्षारोपण
Lalitpur
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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सैदपुर ललितपुर। सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना के तहत कराए गए कार्यों पर गहरा असंतोष जाहिर किया। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष ने चेकडैम व वृक्षारोपण के कार्यों पर सवाल उठाए।
मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की हकीकत को परखने के लिए सरकार ने सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति का गठन किया है। शनिवार को समिति ने मड़ावरा क्षेत्र के विभिन्न कार्यो को देखा। सबसे पहले उन्होंने वन क्षेत्र मडावरा में रोहणी बांध पौधशाला का निरीक्षण किया। यहां विभिन्न प्रजाति के पौधे जिनमें बांस, सागौन, अर्जुन, हररी, कंजी, नीम, कचनार, महुआ, अकेसिया आदि पौधे रोपित हैं। इसके पश्चात समिति गोराकला रवाना हो गई। यहां उन्होंने रोपित पौधों की हकीकत जानी। समिति के सदस्यों ने 10 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज बुआन एवं रोपित किए गए पौधों की स्थिति देख असंतोष जाहिर किया। लिधोरा बीट में वर्ष 2011 में रोपे गए पौधों को देखा। इसके बाद गुरवा नाला पर वनाए गए चेकडैम का निरीक्षण किया। जिलापंचायत अध्यक्ष प्रमोद बड़ौनिया ने इसे देख अनुपयोगी करार दिया। उनका कहना है कि इस चेकडैम से किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इसकी प्रमुख वजह न तो निर्माण कार्य सही तरीके से कराया गया और न ही भराव पर ध्यान रखा गया। यह भी कहा कि वन विभाग के पौधारोपण से ठीक प्राकृतिक तरीके से उग रहे पौधे हैं। अगर विभाग इन पौधों की ठीक से रखवाली कर लें तो जनपद दोबारा हरा भरा हो जाएगा। उनका मानना है कि पौधरोपण पर ज्यादा खर्च होता है, इसके बाद भी परिणाम अच्छे नहीं मिलते हैं। सतर्कता समिति में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद कुमार बड़ौनिया, समिति संयोजक सिंचाई विभाग के ऐके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी राजेश कुमार वर्मा, मोहम्मद जलील, रेंजर आरपी प्रजापति, डिप्टी रेन्जर महेश तिवारी, महेन्द्र कुमार जैन, श्रीराम आदि मौजूद रहे। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य पीयूष श्रीवास्तव ने समिति के समक्ष सहरिया आदिवासियों की समस्याओं को रखते हुए उनका निदान कराने की मांग की।
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मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की हकीकत को परखने के लिए सरकार ने सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति का गठन किया है। शनिवार को समिति ने मड़ावरा क्षेत्र के विभिन्न कार्यो को देखा। सबसे पहले उन्होंने वन क्षेत्र मडावरा में रोहणी बांध पौधशाला का निरीक्षण किया। यहां विभिन्न प्रजाति के पौधे जिनमें बांस, सागौन, अर्जुन, हररी, कंजी, नीम, कचनार, महुआ, अकेसिया आदि पौधे रोपित हैं। इसके पश्चात समिति गोराकला रवाना हो गई। यहां उन्होंने रोपित पौधों की हकीकत जानी। समिति के सदस्यों ने 10 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज बुआन एवं रोपित किए गए पौधों की स्थिति देख असंतोष जाहिर किया। लिधोरा बीट में वर्ष 2011 में रोपे गए पौधों को देखा। इसके बाद गुरवा नाला पर वनाए गए चेकडैम का निरीक्षण किया। जिलापंचायत अध्यक्ष प्रमोद बड़ौनिया ने इसे देख अनुपयोगी करार दिया। उनका कहना है कि इस चेकडैम से किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इसकी प्रमुख वजह न तो निर्माण कार्य सही तरीके से कराया गया और न ही भराव पर ध्यान रखा गया। यह भी कहा कि वन विभाग के पौधारोपण से ठीक प्राकृतिक तरीके से उग रहे पौधे हैं। अगर विभाग इन पौधों की ठीक से रखवाली कर लें तो जनपद दोबारा हरा भरा हो जाएगा। उनका मानना है कि पौधरोपण पर ज्यादा खर्च होता है, इसके बाद भी परिणाम अच्छे नहीं मिलते हैं। सतर्कता समिति में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमोद कुमार बड़ौनिया, समिति संयोजक सिंचाई विभाग के ऐके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी राजेश कुमार वर्मा, मोहम्मद जलील, रेंजर आरपी प्रजापति, डिप्टी रेन्जर महेश तिवारी, महेन्द्र कुमार जैन, श्रीराम आदि मौजूद रहे। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य पीयूष श्रीवास्तव ने समिति के समक्ष सहरिया आदिवासियों की समस्याओं को रखते हुए उनका निदान कराने की मांग की।
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