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कार्यशाला: जानलेवा बीमारी होती खसरा, टीका से बचाव संभव
Updated Fri, 26 Oct 2018 02:17 AM IST
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जानलेवा बीमारी होती खसरा, टीका से बचाव संभव
खसरा और रूबेला टीकाकरण अभियान: जीआईसी में कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राजकीय इंटर कालेज के सभागार में खसरा और रूबेला टीकाकरण अभियान के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और नोडल शिक्षकों की कार्यशाला में खसरा को जानलेवा बीमारी बताया। कार्यक्रम के आरंभ में जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर द्वारा समस्त डॉक्टर्स मुख्य अतिथि और आए हुए समस्त प्रधानाचार्य का स्वागत किया। तदोपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि एम यानी मिजिल्स: मिजिल्स को हिंदी में खसरा बीमारी के नाम से जाना जाता है। यह एक जानलेवा बीमारी होती है और बच्चों में अपंगता और मृत्यु के बड़े कारणों में से एक है। यह एक बहुत संक्रामक रोग है और यह एक प्रभावित व्यक्ति द्वारा खांसने और छींकने से फैलता है। खसरा आपके बच्चे को निमोनिया, दस्त और दिमागी संक्रमण जैसी जीवन के लिए घातक जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बना सकता है। खसरा के आम लक्षण-तेज बुखार के साथ त्वचा पर लाल दाने व चकत्ते, खांसी, बहती नाक और लाल आंखें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हुसैन खान ने रूबेला के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर यानि रूबेला - रूबेला बीमारी या वायरस को छोटा खसरा और जर्मन खसरे के नाम से भी जाना जाता है। रूबेला वायरस के कारण हमारे बच्चे कई तरह की शारीरिक विसंगतियों का शिकार हो जाते है। जैसे - अन्धापन (ग्लूकोमा, मोतियाबिंद) बहरापन, कमजोर दिमाग (माइक्रोसिफेली, मानसिक मंदता) जन्मजात दिल की बीमारियां शामिल हैं। रूबेला से गर्भवती स्त्री में गर्भपात, अकाल प्रसव, मृत प्रसव और विकृत (शारीरिक, मानसिक) बच्चों के जन्म की समस्याएं हो जाती है। डब्ल्यूएचओ की एस एन ओ डॉ भाग्यश्री ने बताया कि इन दोनों खसरा-रूबेला बीमारियों से बचाव और इनके वायरस को खत्म करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान हमारे उत्तर प्रदेश में आगामी 26 नवम्बर 2018 से शुरू होगा, जिसमें 9 माह से 15 वर्ष तक के हर बच्चे को सभी तरह के स्कूलों, मदरसों आंगनबाड़ी केंद्रों पर सत्र लगाकर एमआर का 1 टीका दिया जायेगा। ये टीका सभी बच्चों को दिया जाना जरूरी है, भले ही उन्हें पहले ये टीका दे दिया गया हो। एमआर का टीका पूरी तरह सुरक्षित है और अब तक भारत के 20 राज्यों के लगभग 9.50 करोड़ बच्चों को ये टीका सुरक्षित तरीके से दिया जा चुका है। ये टीका स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीमों द्वारा डॉक्टरों की देखरेख में दिया जायेगा। कार्यक्रम को नगर प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर राजेश भारती एवं यूनिसेफ से आए हुए दिलशाद ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कहा कि स्कूलों को अपनी 100 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करानी है, क्योंकि जब तक बच्चे स्वस्थ नहीं रहेंगे तब तक वह बेहतर ज्ञानार्जन नहीं कर सकेंगे, यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम बच्चों को ऐसा वातावरण दे जिससे बच्चे न केवल स्वस्थ रहे बल्कि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी रहे उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत से स्मॉल पॉक्स एवं पोलियो का पूर्ण रूप से खात्मा किया गया है उसी तरह हम मिशेल्स एवं रूबेला को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है और हम यह पूरा प्रयास करें कि हमारे इस अभियान के प्रथम चरण में ही हम अपने 100 प्रतिशत बच्चों को शामिल करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी योगेंद बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी सदर घनश्याम वर्मा भी उपस्थित रहे। संचालन अमित शुक्ला प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज ने किया। अंत में आभार राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी द्वारा व्यक्त किया गया।
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खसरा और रूबेला टीकाकरण अभियान: जीआईसी में कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। राजकीय इंटर कालेज के सभागार में खसरा और रूबेला टीकाकरण अभियान के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और नोडल शिक्षकों की कार्यशाला में खसरा को जानलेवा बीमारी बताया। कार्यक्रम के आरंभ में जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर द्वारा समस्त डॉक्टर्स मुख्य अतिथि और आए हुए समस्त प्रधानाचार्य का स्वागत किया। तदोपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि एम यानी मिजिल्स: मिजिल्स को हिंदी में खसरा बीमारी के नाम से जाना जाता है। यह एक जानलेवा बीमारी होती है और बच्चों में अपंगता और मृत्यु के बड़े कारणों में से एक है। यह एक बहुत संक्रामक रोग है और यह एक प्रभावित व्यक्ति द्वारा खांसने और छींकने से फैलता है। खसरा आपके बच्चे को निमोनिया, दस्त और दिमागी संक्रमण जैसी जीवन के लिए घातक जटिलताओं के प्रति संवेदनशील बना सकता है। खसरा के आम लक्षण-तेज बुखार के साथ त्वचा पर लाल दाने व चकत्ते, खांसी, बहती नाक और लाल आंखें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. हुसैन खान ने रूबेला के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर यानि रूबेला - रूबेला बीमारी या वायरस को छोटा खसरा और जर्मन खसरे के नाम से भी जाना जाता है। रूबेला वायरस के कारण हमारे बच्चे कई तरह की शारीरिक विसंगतियों का शिकार हो जाते है। जैसे - अन्धापन (ग्लूकोमा, मोतियाबिंद) बहरापन, कमजोर दिमाग (माइक्रोसिफेली, मानसिक मंदता) जन्मजात दिल की बीमारियां शामिल हैं। रूबेला से गर्भवती स्त्री में गर्भपात, अकाल प्रसव, मृत प्रसव और विकृत (शारीरिक, मानसिक) बच्चों के जन्म की समस्याएं हो जाती है। डब्ल्यूएचओ की एस एन ओ डॉ भाग्यश्री ने बताया कि इन दोनों खसरा-रूबेला बीमारियों से बचाव और इनके वायरस को खत्म करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान हमारे उत्तर प्रदेश में आगामी 26 नवम्बर 2018 से शुरू होगा, जिसमें 9 माह से 15 वर्ष तक के हर बच्चे को सभी तरह के स्कूलों, मदरसों आंगनबाड़ी केंद्रों पर सत्र लगाकर एमआर का 1 टीका दिया जायेगा। ये टीका सभी बच्चों को दिया जाना जरूरी है, भले ही उन्हें पहले ये टीका दे दिया गया हो। एमआर का टीका पूरी तरह सुरक्षित है और अब तक भारत के 20 राज्यों के लगभग 9.50 करोड़ बच्चों को ये टीका सुरक्षित तरीके से दिया जा चुका है। ये टीका स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीमों द्वारा डॉक्टरों की देखरेख में दिया जायेगा। कार्यक्रम को नगर प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर राजेश भारती एवं यूनिसेफ से आए हुए दिलशाद ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कहा कि स्कूलों को अपनी 100 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करानी है, क्योंकि जब तक बच्चे स्वस्थ नहीं रहेंगे तब तक वह बेहतर ज्ञानार्जन नहीं कर सकेंगे, यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम बच्चों को ऐसा वातावरण दे जिससे बच्चे न केवल स्वस्थ रहे बल्कि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी रहे उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत से स्मॉल पॉक्स एवं पोलियो का पूर्ण रूप से खात्मा किया गया है उसी तरह हम मिशेल्स एवं रूबेला को पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है और हम यह पूरा प्रयास करें कि हमारे इस अभियान के प्रथम चरण में ही हम अपने 100 प्रतिशत बच्चों को शामिल करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी योगेंद बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी सदर घनश्याम वर्मा भी उपस्थित रहे। संचालन अमित शुक्ला प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज ने किया। अंत में आभार राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी द्वारा व्यक्त किया गया।
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