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दो चरणों में चिह्नित हुए 150 टीबी के मरीज
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:45 AM IST
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दो चरणों में चिह्नित हुए 150 टीबी के मरीज
ललितपुर। जिले में चलाए गए दो चरणों में करीब 150 टीबी मरीजों को खोजा गया है, जिनका इलाज सरकारी टीबी अस्पताल मेँ नि:शुल्क किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने 2025 में टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जेएस बख्शी ने बताया कि जो पहले दवा खाने से मना करते है, उन्हें समझाया जाता है, तब जाकर वह दवा खाने के लिए राजी होते हैं। जिला टीबी अस्पताल, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त जांच, दवा और संपूर्ण इलाज के साथ सरकार की ओर से 500 रुपये हर माह पोषण योजना के तहत दिये जाते हैं। महेश बताते है कि तीन माह पहले टीबी अस्पताल से कुछ लोग उनके घर आए थे तो पता चला कि सक्रिय खोज अभियान चल रहा था। जिसमें टीबी के मरीजों को घर-घर जाकर खोजा जाता है। जब मानसी की जांच की गयी तो टीबी के संक्रमण उसके शरीर में पाये गए जिसके बाद मानसी को पूरे छ: माह के इलाज पर रखा गया। वर्तमान में वह पहले से बेहतर स्थिति में है। और बिना किसी परेशानी के प्रतिदिन स्कूल जाती है।
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ललितपुर। जिले में चलाए गए दो चरणों में करीब 150 टीबी मरीजों को खोजा गया है, जिनका इलाज सरकारी टीबी अस्पताल मेँ नि:शुल्क किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने 2025 में टीबी से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जेएस बख्शी ने बताया कि जो पहले दवा खाने से मना करते है, उन्हें समझाया जाता है, तब जाकर वह दवा खाने के लिए राजी होते हैं। जिला टीबी अस्पताल, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुफ्त जांच, दवा और संपूर्ण इलाज के साथ सरकार की ओर से 500 रुपये हर माह पोषण योजना के तहत दिये जाते हैं। महेश बताते है कि तीन माह पहले टीबी अस्पताल से कुछ लोग उनके घर आए थे तो पता चला कि सक्रिय खोज अभियान चल रहा था। जिसमें टीबी के मरीजों को घर-घर जाकर खोजा जाता है। जब मानसी की जांच की गयी तो टीबी के संक्रमण उसके शरीर में पाये गए जिसके बाद मानसी को पूरे छ: माह के इलाज पर रखा गया। वर्तमान में वह पहले से बेहतर स्थिति में है। और बिना किसी परेशानी के प्रतिदिन स्कूल जाती है।