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बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे कामर्शियल कांप्लेक्स
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:26 AM IST
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फोटो 2,3,4
कैप्सन-
नौ साल बाद भी सुविधाएं नहीं दे सकी पालिका
कामर्शियल कांप्लेक्स में पीने के पानी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गेंदालाल पेट्रोल पंप के राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय को तोड़कर बनाए गए कामर्शियल कांप्लेक्स में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। यहां न तो पीने के पानी का इंतजाम है और न ही गंदे पानी के निकासी की उचित व्यवस्था। इस कारण गंदगी भी पसरी हुई है।
नगर पालिका परिषद ने अपनी आय बढ़ाने के मकसद से वर्ष 2009 में गेंदालाल पेट्रोल पंप के पास राजर्षि टंडन कांप्लेक्स का निर्माण कराया। भूमि तल और प्रथम तल पर 28 दुकानों का निर्माण किया गया है। इसमें भूमि तल पर 14, प्रथम तल पर 14 दुकानें हैं। 31 मई 2010 में तलघर के आगे की चार दुकानों का प्रीमियम दो लाख रुपये एवं 700 रुपये प्रति दुकान एवं अवशेष 10 दुकानों का प्रीमियम डेढ़ लाख रुपये एवं किराया 500 रुपये निर्धारित किया गया। बेसमेंट की कुल छह दुकानें, भूतल की 13 दुकानें एवं प्रथम तल की कुल 8 दुकानों की नीलामी भिन्न-भिन्न तारीखों में की गई। भूमि तल (पहली मंजिल) में 14 में से 13 दुकानों की नीलामी हो चुकी है। वर्तमान में क्रमांक संख्या पांच की दुकान का मामला स्थानीय न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, प्रथम तल (दूसरी मंजिल) में 14 में से 8 दुकानें नीलाम हो चुकी हैं और अभी 6 दुकानों की नीलामी अवशेष है। जिन दुकानदारों ने अपनी दुकान खोल ली है, उन्हें यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कांप्लेक्स में पीने के पानी का इंतजाम है, ऐसे में दुकानदारों को घर से पीने का पानी साथ लेकर निकलना पड़ता है। दूसरी मंजिल में प्रसाधन केंद्र बनाया गया है, लेकिन उसके निकासी की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह जब बारिश होती तो कांप्लेक्स में पानी भर जाता है। इसके अलावा कांप्लेक्स में खाली दुकानों की नीलामी नहीं हो रही है। इसका कुछ दुकानदारों ने अनुचित फायदा उठाते हुए खाली दुकानों में अपना सामान रख लिया है। वह उन दुकानों को गोदाम की तरह इस्तेेमाल कर रहे हैं। कांप्लेक्स के बाहर का भी बुरा हाल है। यहां की फल की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे दुकानदार कांप्लेक्स के बाहर खाली भूमि को पार्किंग के रूप में इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। कई दुकानदारों ने इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की है, लेकिन अतिक्रमण हटाया नहीं जा सका है। बीते माहों में जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने निरीक्षण के दौरान फलों की दुकानों को हटाने के लिए निर्देशित किया था, जिसे हवा में उड़ा दिया गया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री पोर्टल भी अतिक्रमण की समस्या से निजात नहीं दिला सका। जिससे दुकानदारों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
फोटो 5
कैप्सन-बलराम
पार्किंग के अभाव में दुकानदारी प्रभावित
कांप्लेक्स में वाहन पार्किंग की समस्या बनी हुई है। यहां आने वाले ग्राहकों को अपने दुपहिया व चारपहिया वाहन खड़ा करने में दिक्कत होती है, इसके चलते तमाम ग्राहक कांप्लेक्स में आना पसंद नहीं करते हैं। यदि सामने का अतिक्रमण हटा दिया जाए तो काफी हद तक पार्किंग की समस्या का समाधान हो जाएगा।
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बलराम
दुकानदार
.....
फोटो 6
कैप्सन- अशोक जैन
सुरक्षा के नहीं पुख्ता बंदोवस्त
कांप्लेक्स में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां खाली दुकानों में कोई भी आकर बैठ जाता है। यही नहीं, रात्रि के समय असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। जब दुकानें बंद हो जाती हैं तो दुकानों में चोरी होने का भय बना रहता है। उन्होंने सीढी पर चैनल लगवाने की मांग की है।
अशोक जैन
दुकानदार
....
फोटो 7
कैप्सन- आकाश साहू
किराए तो लेते हैं ले किन नहीं देते सुविधाएं
नगर पालिका परिषद दुकानदारों से किराया ले रही है लेकिन जब सुविधाओं की बारी आती है तो जिम्मेदार कन्नी काटते नजर आते हैं। कांप्लेक्स में जगह-जगह गंदगी पसरी है। वहीं, पीने के पानी एवं गंदे पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है।
आकाश साहू
दुकानदार
......
कराई जाएगी नीलामी
नगर पालिका परिषद की आय बढ़ाने पर दवाब है। शहर के अंदर जो कामर्शियल कांप्लेक्स बने हैं, उनमें रिक्त चल रही दुकानों की नीलामी शीघ्र ही कराई जाएगी। कुछ खाली दुकानों में अवैध कब्जा पाया गया है, जिसे हटाया जा रहा है।
रजनी साहू
अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद
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नौ साल बाद भी सुविधाएं नहीं दे सकी पालिका
कामर्शियल कांप्लेक्स में पीने के पानी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गेंदालाल पेट्रोल पंप के राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय को तोड़कर बनाए गए कामर्शियल कांप्लेक्स में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। यहां न तो पीने के पानी का इंतजाम है और न ही गंदे पानी के निकासी की उचित व्यवस्था। इस कारण गंदगी भी पसरी हुई है।
नगर पालिका परिषद ने अपनी आय बढ़ाने के मकसद से वर्ष 2009 में गेंदालाल पेट्रोल पंप के पास राजर्षि टंडन कांप्लेक्स का निर्माण कराया। भूमि तल और प्रथम तल पर 28 दुकानों का निर्माण किया गया है। इसमें भूमि तल पर 14, प्रथम तल पर 14 दुकानें हैं। 31 मई 2010 में तलघर के आगे की चार दुकानों का प्रीमियम दो लाख रुपये एवं 700 रुपये प्रति दुकान एवं अवशेष 10 दुकानों का प्रीमियम डेढ़ लाख रुपये एवं किराया 500 रुपये निर्धारित किया गया। बेसमेंट की कुल छह दुकानें, भूतल की 13 दुकानें एवं प्रथम तल की कुल 8 दुकानों की नीलामी भिन्न-भिन्न तारीखों में की गई। भूमि तल (पहली मंजिल) में 14 में से 13 दुकानों की नीलामी हो चुकी है। वर्तमान में क्रमांक संख्या पांच की दुकान का मामला स्थानीय न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं, प्रथम तल (दूसरी मंजिल) में 14 में से 8 दुकानें नीलाम हो चुकी हैं और अभी 6 दुकानों की नीलामी अवशेष है। जिन दुकानदारों ने अपनी दुकान खोल ली है, उन्हें यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कांप्लेक्स में पीने के पानी का इंतजाम है, ऐसे में दुकानदारों को घर से पीने का पानी साथ लेकर निकलना पड़ता है। दूसरी मंजिल में प्रसाधन केंद्र बनाया गया है, लेकिन उसके निकासी की व्यवस्था नहीं है। इसी तरह जब बारिश होती तो कांप्लेक्स में पानी भर जाता है। इसके अलावा कांप्लेक्स में खाली दुकानों की नीलामी नहीं हो रही है। इसका कुछ दुकानदारों ने अनुचित फायदा उठाते हुए खाली दुकानों में अपना सामान रख लिया है। वह उन दुकानों को गोदाम की तरह इस्तेेमाल कर रहे हैं। कांप्लेक्स के बाहर का भी बुरा हाल है। यहां की फल की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे दुकानदार कांप्लेक्स के बाहर खाली भूमि को पार्किंग के रूप में इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। कई दुकानदारों ने इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की है, लेकिन अतिक्रमण हटाया नहीं जा सका है। बीते माहों में जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने निरीक्षण के दौरान फलों की दुकानों को हटाने के लिए निर्देशित किया था, जिसे हवा में उड़ा दिया गया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री पोर्टल भी अतिक्रमण की समस्या से निजात नहीं दिला सका। जिससे दुकानदारों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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कैप्सन-बलराम
पार्किंग के अभाव में दुकानदारी प्रभावित
कांप्लेक्स में वाहन पार्किंग की समस्या बनी हुई है। यहां आने वाले ग्राहकों को अपने दुपहिया व चारपहिया वाहन खड़ा करने में दिक्कत होती है, इसके चलते तमाम ग्राहक कांप्लेक्स में आना पसंद नहीं करते हैं। यदि सामने का अतिक्रमण हटा दिया जाए तो काफी हद तक पार्किंग की समस्या का समाधान हो जाएगा।
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कैप्सन- अशोक जैन
सुरक्षा के नहीं पुख्ता बंदोवस्त
कांप्लेक्स में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां खाली दुकानों में कोई भी आकर बैठ जाता है। यही नहीं, रात्रि के समय असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। जब दुकानें बंद हो जाती हैं तो दुकानों में चोरी होने का भय बना रहता है। उन्होंने सीढी पर चैनल लगवाने की मांग की है।
अशोक जैन
दुकानदार
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कैप्सन- आकाश साहू
किराए तो लेते हैं ले किन नहीं देते सुविधाएं
नगर पालिका परिषद दुकानदारों से किराया ले रही है लेकिन जब सुविधाओं की बारी आती है तो जिम्मेदार कन्नी काटते नजर आते हैं। कांप्लेक्स में जगह-जगह गंदगी पसरी है। वहीं, पीने के पानी एवं गंदे पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है।
आकाश साहू
दुकानदार
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कराई जाएगी नीलामी
नगर पालिका परिषद की आय बढ़ाने पर दवाब है। शहर के अंदर जो कामर्शियल कांप्लेक्स बने हैं, उनमें रिक्त चल रही दुकानों की नीलामी शीघ्र ही कराई जाएगी। कुछ खाली दुकानों में अवैध कब्जा पाया गया है, जिसे हटाया जा रहा है।
रजनी साहू
अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद