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अति पिछड़ों के लिए प्रथक आरक्षण की मांग
Updated Thu, 31 May 2018 02:16 AM IST
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अति पिछड़ों के लिए पृथक आरक्षण की मांग
- महापदमनंद एसोसिएशन ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को महापदमनंद कम्युनिटी एजेकेटेड एसोसिएशन उत्तर प्रदेेश द्वारा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर अति पिछड़ों के लिए संवैधानिक रुप से पृथक आरक्षण लागू करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा सामाजिक न्याय समिति का गठन कर अति पिछड़ों को उनके हिस्से का आरक्षण देने का निर्णय लिया था। जो आज भी प्रासंगिक है। इससे पूर्व वर्ष 1975 में सर्वाधिक आरक्षण वर्ग आयोग का गठन हुआ था। उस आयोग की संस्तुतियां अभी तक ज्यों की त्यों पड़ी हुई हैं। तमिलनाड़ु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में भी अति पिछड़ों का प्रथक आरक्षण लागूू है। उपरोक्त के आधार पर कर्पूरी ठाकुर फॉर्मूला के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण में से यादव, कुर्मी, जाट, गुर्जर, लोधी जैसी अग्रणी जातियों को अलग करते हुए अति पिछड़ों के लिए 15 प्रतिशत का आरक्षण अलग से संवैधानिक रुप से दिलाने की मांग राज्यपाल से की गई। ज्ञापन पर उपाध्यक्ष सुमत कुमार सेन, मुन्नालाल, चुन्नीलाल, संजीव, भगवत नारायण, इमरत, लखनलाल सविता, रामदास, दिनेश सिंह वर्मा, शिवदयाल व हरगोविंद आदि के हस्ताक्षर थे।
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- महापदमनंद एसोसिएशन ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को महापदमनंद कम्युनिटी एजेकेटेड एसोसिएशन उत्तर प्रदेेश द्वारा राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर अति पिछड़ों के लिए संवैधानिक रुप से पृथक आरक्षण लागू करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा सामाजिक न्याय समिति का गठन कर अति पिछड़ों को उनके हिस्से का आरक्षण देने का निर्णय लिया था। जो आज भी प्रासंगिक है। इससे पूर्व वर्ष 1975 में सर्वाधिक आरक्षण वर्ग आयोग का गठन हुआ था। उस आयोग की संस्तुतियां अभी तक ज्यों की त्यों पड़ी हुई हैं। तमिलनाड़ु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश में भी अति पिछड़ों का प्रथक आरक्षण लागूू है। उपरोक्त के आधार पर कर्पूरी ठाकुर फॉर्मूला के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण में से यादव, कुर्मी, जाट, गुर्जर, लोधी जैसी अग्रणी जातियों को अलग करते हुए अति पिछड़ों के लिए 15 प्रतिशत का आरक्षण अलग से संवैधानिक रुप से दिलाने की मांग राज्यपाल से की गई। ज्ञापन पर उपाध्यक्ष सुमत कुमार सेन, मुन्नालाल, चुन्नीलाल, संजीव, भगवत नारायण, इमरत, लखनलाल सविता, रामदास, दिनेश सिंह वर्मा, शिवदयाल व हरगोविंद आदि के हस्ताक्षर थे।
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