{"_id":"5ab955764f1c1ba2238b7610","slug":"91522095478-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक दर्जन झूलों से बढ़ेगी सदनशाह उर्स की रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक दर्जन झूलों से बढ़ेगी सदनशाह उर्स की रौनक
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झूलों से बढ़ेगी सदनशाह उर्स की रौनक
ब्रेक डांस झूला में झूमेंगे लोग, तो टोरा-टोरा लेगा हिम्मत की परीक्षा
ऊंचाई वाला झूला में देना होगा साहस का परिचय, नाव भी डगमगाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सदनशाह उर्स के आयोजन में इस बार बच्चों के झूलों समेत एक दर्जन से अधिक झूलों का लगाया जा रहा है। इसमें ब्रेक डांस झूला में जहां लोग चारा दिशाओं में झूमते नजर आएंगे, वहीं टोरा-टोरा झूला लोगों की हिम्मत की परीक्षा भी लेगा। ऊंचाई वाले राउंड झूला में जहां लोगों को साहस का परिचय देना होगा, वहीं छोटी और बड़ी नाव का झूला भी लोगों के हौसले को डगमगाता नजर आएगा। उर्स आयोजन में सभी प्रकार के झूलों को अग्निशमन विभाग से फिटनेस जांच लेकर ही सुरक्षा का भरोसा भी लोगों को दिया जा रहा है।
सदनशाह बाबा की दरगाह पर पांच दिवसीय उर्स का आयोजन 31 मार्च से शुरू हो रहा है। इसमें शहर के अलावा अन्य जनपदों से सैकड़ों द्वारा यहां आकर व्यापार किया जाता है। हर बार यहां लोगों के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के झूलों को भी लगाया जाता है, जो यहां के उर्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस बार भी यहां सदनशाह दरगाह के सामने स्थित ग्राउंड में एक दर्जन से अधिक झूला लगाए जा रहे हैं। इसमें झूला ब्रेक डांस, सलाम-वो-झूला, ज्वाईन्ड व्हील झूला, बड़ी नावड़ी, मारुती कुंआ सरकस, ड्रैगन ट्रेन, छोटी नाव, मिक्की माउस, टोटा-टोरा, गोल्डन सर्कस जादू, ट्रेन के अलावा बच्चों के छोटे प्रकार के कई झूलों को लाया गया है। ललितपुर के उर्स में झूलों का विशेष मांग रहती है, जिसके चलते यहां हर साल झूलों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। 20 वर्ष पूर्व तक जहां दो से पांच झूले ही मुश्किल से लगाए जाते थे, वहीं अब झूलों की संख्या बढ़ने के साथ ही झूलों के प्रकार में भी लगातार बढ़ोत्तरी हुई है और अब बढ़कर झूलों की संख्या 12 से अधिक हो गई है। इनमें ब्रेक डांस झूला में झूलकर लोग जहां चारों दिशाओं में झूमते नजर आएंगे, तो वहीं टोटा-टोरा लोगों की हिम्मत की परीक्षा भी लेगा। इसके साथ ही यहां ऊंचाई वाला झूला लोगों के साहस का परिचय भी लेगा दिखेगा। यहां दो प्रकार के छोटी और बड़ी नाव वाला झूला भी लगाया गया है। जिसमें बैठकर लोगों को एक सिरे से दूसरे सिरे की ऊंचाई नापने की हिम्मत भी दिखानी होगी। उर्स मेला में इस बार रेंजर झूला भी मंगाने के प्रयास चल रहे हैं, यदि बात बन जाती है, तो उर्स में पहली बार रेंजर झूला भी लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र बन सकेगा।
फोटो- 09
कैप्सन-हाजी बाबू भाई।
झूला लगाने में सुरक्षा मानक प्राथमिकता
सदनशाह के उर्स में करीब 20 वर्ष से झूला लगाते चले आ रहे हैं। उर्स में दो झूला लगाकर सबसे पहले झूूला लगाने की शुरुआत की थी। इसके बाद उर्स के आयोजन के साथ ही झूूला भी बढ़ाते गए और अब यहां करीब 15 से 16 झूला हर वर्ष लगाते हैं। इस झूले में बच्चों के लिए नए-नए आयाम के झूले रखे गए हैं। झूलों के आयोजन में सुरक्षा को विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है और सुरक्षा मानकों को पूरा रखा जा रहा है। फिटनेस अधिकारी द्वारा जारी जांच के बाद ही अनुमति मिलती है।
विज्ञापन
हाजी बाबू भाई, झूला संयोजक, मऊरानीपुर।
-
फोटो- 10
कैप्सन-नबाब वख्श।
बच्चों का लुभाएगा सर्कस जादू
यहां झूलों के पास ही सर्कस जादू लगाया जाएगा, जिसमें मनोरंजन का भरपूर आनंद उठाया जा सकेगा। इस जादू को बड़ों के साथ ही बच्चे भी देख सकेंगे। इस बार उर्स आयोजन में एक दर्जन से अधिक झूले मंगाए गए हैं, जो बच्चों के साथ बड़ों का भी मनोरंजन करेंगे और सभी उर्स के साथ झूलों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। प्रशासन से झूलों के लिए अनुमति ली गई है और सुरक्षा की दृष्टि से झूला आयोजकों द्वारा विशेष प्रबंध किया गया है।
नवाब बख्श।
विज्ञापन
ब्रेक डांस झूला में झूमेंगे लोग, तो टोरा-टोरा लेगा हिम्मत की परीक्षा
ऊंचाई वाला झूला में देना होगा साहस का परिचय, नाव भी डगमगाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सदनशाह उर्स के आयोजन में इस बार बच्चों के झूलों समेत एक दर्जन से अधिक झूलों का लगाया जा रहा है। इसमें ब्रेक डांस झूला में जहां लोग चारा दिशाओं में झूमते नजर आएंगे, वहीं टोरा-टोरा झूला लोगों की हिम्मत की परीक्षा भी लेगा। ऊंचाई वाले राउंड झूला में जहां लोगों को साहस का परिचय देना होगा, वहीं छोटी और बड़ी नाव का झूला भी लोगों के हौसले को डगमगाता नजर आएगा। उर्स आयोजन में सभी प्रकार के झूलों को अग्निशमन विभाग से फिटनेस जांच लेकर ही सुरक्षा का भरोसा भी लोगों को दिया जा रहा है।
सदनशाह बाबा की दरगाह पर पांच दिवसीय उर्स का आयोजन 31 मार्च से शुरू हो रहा है। इसमें शहर के अलावा अन्य जनपदों से सैकड़ों द्वारा यहां आकर व्यापार किया जाता है। हर बार यहां लोगों के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के झूलों को भी लगाया जाता है, जो यहां के उर्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस बार भी यहां सदनशाह दरगाह के सामने स्थित ग्राउंड में एक दर्जन से अधिक झूला लगाए जा रहे हैं। इसमें झूला ब्रेक डांस, सलाम-वो-झूला, ज्वाईन्ड व्हील झूला, बड़ी नावड़ी, मारुती कुंआ सरकस, ड्रैगन ट्रेन, छोटी नाव, मिक्की माउस, टोटा-टोरा, गोल्डन सर्कस जादू, ट्रेन के अलावा बच्चों के छोटे प्रकार के कई झूलों को लाया गया है। ललितपुर के उर्स में झूलों का विशेष मांग रहती है, जिसके चलते यहां हर साल झूलों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। 20 वर्ष पूर्व तक जहां दो से पांच झूले ही मुश्किल से लगाए जाते थे, वहीं अब झूलों की संख्या बढ़ने के साथ ही झूलों के प्रकार में भी लगातार बढ़ोत्तरी हुई है और अब बढ़कर झूलों की संख्या 12 से अधिक हो गई है। इनमें ब्रेक डांस झूला में झूलकर लोग जहां चारों दिशाओं में झूमते नजर आएंगे, तो वहीं टोटा-टोरा लोगों की हिम्मत की परीक्षा भी लेगा। इसके साथ ही यहां ऊंचाई वाला झूला लोगों के साहस का परिचय भी लेगा दिखेगा। यहां दो प्रकार के छोटी और बड़ी नाव वाला झूला भी लगाया गया है। जिसमें बैठकर लोगों को एक सिरे से दूसरे सिरे की ऊंचाई नापने की हिम्मत भी दिखानी होगी। उर्स मेला में इस बार रेंजर झूला भी मंगाने के प्रयास चल रहे हैं, यदि बात बन जाती है, तो उर्स में पहली बार रेंजर झूला भी लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र बन सकेगा।
विज्ञापन
फोटो- 09
कैप्सन-हाजी बाबू भाई।
झूला लगाने में सुरक्षा मानक प्राथमिकता
सदनशाह के उर्स में करीब 20 वर्ष से झूला लगाते चले आ रहे हैं। उर्स में दो झूला लगाकर सबसे पहले झूूला लगाने की शुरुआत की थी। इसके बाद उर्स के आयोजन के साथ ही झूूला भी बढ़ाते गए और अब यहां करीब 15 से 16 झूला हर वर्ष लगाते हैं। इस झूले में बच्चों के लिए नए-नए आयाम के झूले रखे गए हैं। झूलों के आयोजन में सुरक्षा को विशेष तौर पर ध्यान रखा गया है और सुरक्षा मानकों को पूरा रखा जा रहा है। फिटनेस अधिकारी द्वारा जारी जांच के बाद ही अनुमति मिलती है।
विज्ञापन
हाजी बाबू भाई, झूला संयोजक, मऊरानीपुर।
-
फोटो- 10
कैप्सन-नबाब वख्श।
बच्चों का लुभाएगा सर्कस जादू
यहां झूलों के पास ही सर्कस जादू लगाया जाएगा, जिसमें मनोरंजन का भरपूर आनंद उठाया जा सकेगा। इस जादू को बड़ों के साथ ही बच्चे भी देख सकेंगे। इस बार उर्स आयोजन में एक दर्जन से अधिक झूले मंगाए गए हैं, जो बच्चों के साथ बड़ों का भी मनोरंजन करेंगे और सभी उर्स के साथ झूलों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। प्रशासन से झूलों के लिए अनुमति ली गई है और सुरक्षा की दृष्टि से झूला आयोजकों द्वारा विशेष प्रबंध किया गया है।
नवाब बख्श।