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महरौनी
Updated Tue, 26 Sep 2017 01:08 AM IST
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शासनादेश के अनुसार नहीं मिल रहा मानदेय
महरौनी- जलसंस्थान विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों ने शासनादेश के अनुसार वेतन नहीं दिये जाने पर आक्रोश जताया है। महरौनी क्षेत्र के कर्मचारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने और उन्हें शासनादेश के अनुसार वेतन दिलाने की मांग की है। अवगत कराया गया है कि ठेकेदार और अधिकारी उनको मनमाने ढंग से कम वेतन दे रहे हैं जबकि 2013-14 के शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों को जो वेतन मिलना चाहिए उसकी सरासर अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों को शहरी क्षेत्र में 3000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 2500 रुपये दिये जा रहे हैं। मजदूरों को 4500 रुपये दिये जा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को पिछले 6 माह से वेतन भी नहीं मिला है जिससे कर्मचारियों को अपने परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी होती है। कर्मियों ने अवगत कराया है कि जब वह ठेकेदार और अधिकारियों से इसकी शिकायत करते हैं तो उनको काम से हटाने की धमकी दी जाती है। बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जाता है और शोषण किया जा रहा है । कर्मियों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराके शासनादेश के अनुसार वेतन दिलवाने की मांग की है। ज्ञापन पर देवेंद्र साहू, जसवंत, कमलेश, हरिकिशन, मोहनलाल, रामचरन, कल्यान, इंद्र सिंह, मनोज, रामसेवक, खेमचंद, हरिसिंह, द्वारका आदि अनेक कर्मचारियों के हस्ताक्षर बने हैं।
दैनिक भोगी कर्मचारियों की मांग संज्ञान में आयी थी। इस संबंध में नया टेंडर पास हो गया है। कर्मचारियों को आगे से शासनादेश के अनुसार ही वेतन मिलेगा।
रघुवेंद्र कुमार अधिशाषी अभियंता, जल संस्थान
महरौनी- जलसंस्थान विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों ने शासनादेश के अनुसार वेतन नहीं दिये जाने पर आक्रोश जताया है। महरौनी क्षेत्र के कर्मचारियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराने और उन्हें शासनादेश के अनुसार वेतन दिलाने की मांग की है। अवगत कराया गया है कि ठेकेदार और अधिकारी उनको मनमाने ढंग से कम वेतन दे रहे हैं जबकि 2013-14 के शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों को जो वेतन मिलना चाहिए उसकी सरासर अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों को शहरी क्षेत्र में 3000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 2500 रुपये दिये जा रहे हैं। मजदूरों को 4500 रुपये दिये जा रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को पिछले 6 माह से वेतन भी नहीं मिला है जिससे कर्मचारियों को अपने परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी होती है। कर्मियों ने अवगत कराया है कि जब वह ठेकेदार और अधिकारियों से इसकी शिकायत करते हैं तो उनको काम से हटाने की धमकी दी जाती है। बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जाता है और शोषण किया जा रहा है । कर्मियों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराके शासनादेश के अनुसार वेतन दिलवाने की मांग की है। ज्ञापन पर देवेंद्र साहू, जसवंत, कमलेश, हरिकिशन, मोहनलाल, रामचरन, कल्यान, इंद्र सिंह, मनोज, रामसेवक, खेमचंद, हरिसिंह, द्वारका आदि अनेक कर्मचारियों के हस्ताक्षर बने हैं।
दैनिक भोगी कर्मचारियों की मांग संज्ञान में आयी थी। इस संबंध में नया टेंडर पास हो गया है। कर्मचारियों को आगे से शासनादेश के अनुसार ही वेतन मिलेगा।
रघुवेंद्र कुमार अधिशाषी अभियंता, जल संस्थान