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दस्तक अभियान में 83 कुपोषित बच्चे चिह्नित

Sun, 14 Nov 2021 01:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Nov 2021 01:21 AM IST
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83 malnourished children marked in the Dastak campaign
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीते माह चलाए गए दस्तक अभियान में 83 कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इनमें अब तक 35 बच्चों को एनआरसी में सेंटर में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। जहां पर बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
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जनपद में दस्तक अभियान 19 अक्तूबर से एक नवंबर तक चलाया गया। इसमें आशा व आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने घर-घर दस्तक देकर सर्वे पर परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य कुंडली खंगाली। अभियान में 83 बच्चों में कुपोषण के लक्षण पाए गए। इन बच्चों को उपचार कर स्वस्थ करने के के लिए एनआरसी में भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई। अब तक 35 बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया गया है। जहां पर उपचार कर भर्ती किया जा रहा है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित बच्चों का वजन किया जाता है। बच्चों में निर्धारित मानक से कम वजन होने पर पौष्टिक आहार दिया जाता है। इसके अलावा जिन बच्चों को चिकित्सीय उपचार की आवश्यकता होती है, उन्हें एनआरसी में भेज कर भर्ती कराया जाता है। जहां पर स्वस्थ कर डिस्चार्ज किया जाता है। एनआरसी से डिस्चार्ज होने के एक माह तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम द्वारा बच्चों का फालोअप किया जाता है।
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जिला मलेरिया अधिकारी केएस सिंह ने बताया कि दस्तक अभियान में 11 विभागों ने समन्वय बनाकर काम किया। इसमें बाल विकास व पुष्टाहार विभाग भी शामिल था। इस दौरान सर्वे में 83 बच्चे कुपोषित मिले थे। जिन्हें एनआरसी सेंटर पर उपचार के लिए निशुल्क इलाज व भोजन की सुविधा है। इनमें 35 बच्चों को अब तक भर्ती कराया जा चुका है। जिला अस्पताल के नर्सिंग ऑफीसर अर्पण रावत ने बताया कि एनआरसी में भर्ती बच्चों को हर दो घंटे में दूध उपलब्ध कराया जाता है। बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है।

जिला अस्पताल के साथ ब्लॉक स्तर पर चल रहे एनआरसी सेंटर
कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उपचार की सुविधा के लिए जिला अस्पताल में दस बेड की सुविधा है। वहीं प्रत्येक ब्लॉक में सीएचसी व पीएचसी पर छह- छह बेड की सुविधा है। जहां पर आने वाले कुपोषित बच्चे को निशुल्क उपचार व मरीज के साथ तीमारदार को भी निशुल्क खाना की व्यवस्था है। बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है।
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