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पेयजल की समस्या से जूझ रहे कालोनीवासी
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:35 AM IST
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पेयजल की समस्या से जूझ रहे कालोनीवासी
ललितपुर। आईटीआई के पीछे कांशीराम आवास कालोनी के बाशिंदें पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। कालोनी की ऊपरी मंजिल में पानी पहुंचाने के लिए टंकी बनाई गई है, लेकिन उसका पानी ऊपर चढ़ता नहीं है। मजबूरन, कालोनी वासियों को नीचे लगे हैंडपंपों पर निर्भर होकर रहना पड़ रहा है। कांशीराम आवास कालोनी में समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। यहां पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। चौथी मंजिल पर रहने वाले परिवारों को नीचे लगे हैंडपंप से पानी ढोना पड़ रहा है। इसमें कइयों की सांस फूल जाती है। विशेषकर वृद्धों के लिए पानी जुटाना मुश्किल काम हो गया है। जिससे कालोनी वासियों में असंतोष पनप रहा है। गत दिवस उन्होंने प्रशासनिक अफसरों को समस्या का दुखड़ा सुनाया था। इसके बाद भी पेयजल की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकी है।
थक जाते पानी ढोते-ढोते
चौथी मंजिल पर क्वार्टर मिला है। जब टंकी बनी थी तो पेयजल आपूर्ति बिना किसी अवरोध के मिलने की आश जगी थी। लेकिन वर्तमान में पेयजल का बुरा हाल है। नीचे से चौथी मंजिल तक पानी ढोना पड़ता है। यह एक दिन की बात नहीं है। चार मंजिल की सीढ़ी पानी ढ़ोते-ढ़ोते थक जाते हैं। प्रशासन बिलकुल ध्यान नहीं दे रहा है।
पूनम निशाद
स्थानीय महिला
उपेक्षित है कालोनी वासी
कालोनी वासियों की लगातार उपेक्षा हो रही है। जिससे समस्या कम होने की जगह बढ़ रही हैं। सभी परिवार हैंडपंप के पानी पर निर्भर होकर रह गए हैं। सुबह पांच बजे से हैंडपंप पर भीड़ लग जाती है। किसी तरह पानी मिलता है तो दूसरी मंजिल तक ले जाने में पसीना आ जाता है। कई बार शिकायती पत्र दिए लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकला। आज भी परेशान हो रहे हैं।
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राजकुमारी
स्थानीय महिला
जमीन में दौड़ रहा करंट
बिजली विभाग ने बंच केबल बिछाई है। कई जगहों पर इसे जमीन से होते हुए कालोनी तक पहुंचाया गया है। जब यहां कोई पानी लेकर निकलता है तो उसमें करंट दौड़ जाता है। पिछले दिनों उसके साथ भी ऐसा ही हुआ। वह पानी लेकर निकली तो उसे करंट लग गया। अब तो पानी भरने से भी डर लगने लगा है।
यासिका
स्थानीय बालिका
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ललितपुर। आईटीआई के पीछे कांशीराम आवास कालोनी के बाशिंदें पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। कालोनी की ऊपरी मंजिल में पानी पहुंचाने के लिए टंकी बनाई गई है, लेकिन उसका पानी ऊपर चढ़ता नहीं है। मजबूरन, कालोनी वासियों को नीचे लगे हैंडपंपों पर निर्भर होकर रहना पड़ रहा है। कांशीराम आवास कालोनी में समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। यहां पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। चौथी मंजिल पर रहने वाले परिवारों को नीचे लगे हैंडपंप से पानी ढोना पड़ रहा है। इसमें कइयों की सांस फूल जाती है। विशेषकर वृद्धों के लिए पानी जुटाना मुश्किल काम हो गया है। जिससे कालोनी वासियों में असंतोष पनप रहा है। गत दिवस उन्होंने प्रशासनिक अफसरों को समस्या का दुखड़ा सुनाया था। इसके बाद भी पेयजल की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकी है।
थक जाते पानी ढोते-ढोते
चौथी मंजिल पर क्वार्टर मिला है। जब टंकी बनी थी तो पेयजल आपूर्ति बिना किसी अवरोध के मिलने की आश जगी थी। लेकिन वर्तमान में पेयजल का बुरा हाल है। नीचे से चौथी मंजिल तक पानी ढोना पड़ता है। यह एक दिन की बात नहीं है। चार मंजिल की सीढ़ी पानी ढ़ोते-ढ़ोते थक जाते हैं। प्रशासन बिलकुल ध्यान नहीं दे रहा है।
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पूनम निशाद
स्थानीय महिला
उपेक्षित है कालोनी वासी
कालोनी वासियों की लगातार उपेक्षा हो रही है। जिससे समस्या कम होने की जगह बढ़ रही हैं। सभी परिवार हैंडपंप के पानी पर निर्भर होकर रह गए हैं। सुबह पांच बजे से हैंडपंप पर भीड़ लग जाती है। किसी तरह पानी मिलता है तो दूसरी मंजिल तक ले जाने में पसीना आ जाता है। कई बार शिकायती पत्र दिए लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकला। आज भी परेशान हो रहे हैं।
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राजकुमारी
स्थानीय महिला
जमीन में दौड़ रहा करंट
बिजली विभाग ने बंच केबल बिछाई है। कई जगहों पर इसे जमीन से होते हुए कालोनी तक पहुंचाया गया है। जब यहां कोई पानी लेकर निकलता है तो उसमें करंट दौड़ जाता है। पिछले दिनों उसके साथ भी ऐसा ही हुआ। वह पानी लेकर निकली तो उसे करंट लग गया। अब तो पानी भरने से भी डर लगने लगा है।
यासिका
स्थानीय बालिका