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आज दिल्ले के लिए रवाना होगें शिक्षामित्र
Updated Sun, 10 Sep 2017 02:03 AM IST
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आज दिल्ली के लिए रवाना होंगे शिक्षामित्र
ललितपुर।
शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। गत दिवसों से शुरू हुआ संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वाधान में शिक्षामित्रों का सामूहिक विरोध प्रदर्शन जारी है। शनिवार को शिक्षामित्र अपने-अपने विद्यालयों में पहुंचे तो, लेकिन काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और कार्य बहिष्कार किया। विद्यालय बंद होने के बाद दोपहर के समय समस्त शिक्षामित्र संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वाधान में स्थानीय कंपनी बाग में एकत्रित हुए और बैठक आयोजित की। इस दौरान शिक्षामित्रों ने एक स्वर में कहा कि यदि प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को कोर्ट के आदेशों का पालन करना ही है, तो सहायक अध्यापकों को पिछड़े इलाकों में भेजा जाए और बंद स्कूलों को खुलवाया जाए। जैसा कि कोर्ट के आदेश है कि समस्त बंध विद्यालयों को खोला जाए। शिक्षामित्रों ने कहा कि प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। इस दौरान भगवत सिंह बैस ने कहा कि 11 सितंबर से शिक्षामित्रों की जिंदगी से जुड़ी प्रमुख लड़ाई होने जा रही है। यदि आप लोगों को अपना खोया सम्मान वापिस चाहिए तो सारी परेशानियों को दूर करते हुए आंदोलन में मय परिवार के नई दिल्ले के जंतर-मंतर मैदान पर पहुंचे। वहीं, उन्होंने बताया कि दिल्ली के लिए 10 सितंबर को अपने निजी साधनों से दिल्ली के लिए प्रस्थान करें। बैठक में मुख्य रुप से बृजेंद्र तिवारी, हरपाल सिंह, हल्के राजा, राजेश तिवारी, संजय सिंह, बृजेश टोटे, राजेश नायक, नरेंद्र रजक, लालाराम, अशोक कुमार, हरभजन अहिरवार, अनिल रजक, शाहिन वानो, चांदतारा, शिवनारायण शर्मा, बालकदास उपस्थित रहे।
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ललितपुर।
शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। गत दिवसों से शुरू हुआ संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वाधान में शिक्षामित्रों का सामूहिक विरोध प्रदर्शन जारी है। शनिवार को शिक्षामित्र अपने-अपने विद्यालयों में पहुंचे तो, लेकिन काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और कार्य बहिष्कार किया। विद्यालय बंद होने के बाद दोपहर के समय समस्त शिक्षामित्र संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वाधान में स्थानीय कंपनी बाग में एकत्रित हुए और बैठक आयोजित की। इस दौरान शिक्षामित्रों ने एक स्वर में कहा कि यदि प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग को कोर्ट के आदेशों का पालन करना ही है, तो सहायक अध्यापकों को पिछड़े इलाकों में भेजा जाए और बंद स्कूलों को खुलवाया जाए। जैसा कि कोर्ट के आदेश है कि समस्त बंध विद्यालयों को खोला जाए। शिक्षामित्रों ने कहा कि प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। इस दौरान भगवत सिंह बैस ने कहा कि 11 सितंबर से शिक्षामित्रों की जिंदगी से जुड़ी प्रमुख लड़ाई होने जा रही है। यदि आप लोगों को अपना खोया सम्मान वापिस चाहिए तो सारी परेशानियों को दूर करते हुए आंदोलन में मय परिवार के नई दिल्ले के जंतर-मंतर मैदान पर पहुंचे। वहीं, उन्होंने बताया कि दिल्ली के लिए 10 सितंबर को अपने निजी साधनों से दिल्ली के लिए प्रस्थान करें। बैठक में मुख्य रुप से बृजेंद्र तिवारी, हरपाल सिंह, हल्के राजा, राजेश तिवारी, संजय सिंह, बृजेश टोटे, राजेश नायक, नरेंद्र रजक, लालाराम, अशोक कुमार, हरभजन अहिरवार, अनिल रजक, शाहिन वानो, चांदतारा, शिवनारायण शर्मा, बालकदास उपस्थित रहे।